झांसी। धर्मनगरी झांसी में पहली बार निरंजन पीठाधीश्वर आचार्य महामंडलेश्वर श्री श्री 1008 डॉ. स्वामी कैलाशानंद गिरि जी महाराज के श्रीमुख से सात दिवसीय श्रीराम कथा का आयोजन होने जा रहा है। 26 नवंबर से 2 दिसंबर 2026 तक राजा गंगाधर राव मुक्ताकाशी मंच पर आयोजित होने वाली इस कथा में श्रद्धालुओं को भगवान श्रीराम के जीवन, आदर्शों, मर्यादा और भक्ति से जुड़े प्रसंगों का श्रवण करने का अवसर मिलेगा। आयोजन को लेकर तैयारियां शुरू कर दी गई हैं।
आयोजन की जानकारी चरण सेवक एडवोकेट अनूप कुमार देहाती ने पत्रकार वार्ता के दौरान दी। उन्होंने बताया कि यह धार्मिक आयोजन श्री ठाकुर जी महाराज की अनुकंपा से कराया जा रहा है। कथा प्रतिदिन दोपहर एक बजे से प्रभु इच्छा तक चलेगी। आयोजकों का कहना है कि झांसी में पहली बार स्वामी कैलाशानंद गिरि जी महाराज के मुखारविंद से श्रीराम कथा का आयोजन किया जा रहा है, इसलिए श्रद्धालुओं में इसे लेकर विशेष उत्साह है।
कलश यात्रा के साथ होगा शुभारंभ
सात दिवसीय श्रीराम कथा का शुभारंभ 26 नवंबर, गुरुवार को भव्य कलश यात्रा के साथ होगा। सुबह 10 बजे प्रस्तावित इस यात्रा में बड़ी संख्या में महिलाओं और श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है। धार्मिक परंपराओं के अनुरूप कलश यात्रा के बाद कथा स्थल पर विधिवत पूजा-अर्चना की जाएगी और इसके पश्चात श्रीराम कथा का शुभारंभ होगा।
आयोजकों के अनुसार, कलश यात्रा केवल कार्यक्रम की शुरुआत नहीं, बल्कि पूरे आयोजन को भक्तिमय वातावरण से जोड़ने का माध्यम होगी। इसके जरिए श्रद्धालु सामूहिक रूप से धार्मिक आयोजन में सहभागिता करेंगे। यात्रा में शामिल होने वाले श्रद्धालुओं से अनुशासन और व्यवस्थाओं का ध्यान रखने की अपील भी की गई है।
श्रीराम के आदर्शों और मर्यादा का होगा वर्णन
कथा के सातों दिन स्वामी कैलाशानंद गिरि जी महाराज भगवान श्रीराम के जीवन से जुड़े विभिन्न प्रसंगों का वर्णन करेंगे। इसमें प्रभु श्रीराम के आदर्श, त्याग, मर्यादा, कर्तव्य, पारिवारिक मूल्यों और भक्ति भावना जैसे विषय प्रमुख रहेंगे। श्रीराम कथा के माध्यम से श्रद्धालुओं को जीवन में सत्य, धर्म, संयम और सदाचार के महत्व का संदेश मिलने की उम्मीद है।
भगवान श्रीराम का जीवन भारतीय धार्मिक और सांस्कृतिक परंपरा में मर्यादा, आदर्श शासन, पारिवारिक दायित्व और लोककल्याण की भावना का प्रतीक माना जाता है। रामकथा के अलग-अलग प्रसंगों में माता-पिता के प्रति सम्मान, भाईचारा, मित्रता, वचनबद्धता और कठिन परिस्थितियों में भी धर्म के मार्ग पर बने रहने की प्रेरणा मिलती है। आयोजकों को उम्मीद है कि कथा के दौरान इन प्रसंगों के जरिए श्रद्धालु आध्यात्मिक लाभ प्राप्त करेंगे।
28 नवंबर को होगी भजन संध्या
सात दिवसीय आयोजन में 28 नवंबर, शनिवार को विशेष भजन संध्या का आयोजन किया जाएगा। इस अवसर पर बुंदेलखंड की सुप्रसिद्ध गायिका कविता शर्मा अपनी भजन प्रस्तुतियां देंगी। उनकी प्रस्तुतियों के माध्यम से कार्यक्रम स्थल पर भक्तिमय माहौल बनाने की तैयारी है।
भजन संध्या को लेकर आयोजकों ने बताया कि इसमें भगवान श्रीराम और भक्ति परंपरा से जुड़े भजनों की प्रस्तुति होगी। कथा श्रवण के साथ भजन-संगीत श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण रहेगा। आयोजन में शामिल होने वाले लोगों को आध्यात्मिक वातावरण में भक्ति और संगीत का अनुभव मिलेगा।
2 दिसंबर को विशाल भंडारे के साथ होगा समापन
श्रीराम कथा का समापन 2 दिसंबर, बुधवार को होगा। समापन दिवस पर दोपहर 12 बजे के बाद कार्यक्रम स्थल पर विशाल भंडारे का आयोजन किया जाएगा। इसमें श्रद्धालुओं और धर्मप्रेमी लोगों के लिए प्रसाद एवं भोजन की व्यवस्था रहेगी। आयोजकों ने अधिक से अधिक लोगों से कथा में शामिल होने और समापन पर भंडारे में प्रसाद ग्रहण करने की अपील की है।
आयोजकों के मुताबिक, सात दिनों तक चलने वाले इस धार्मिक आयोजन में झांसी के साथ बुंदेलखंड के आसपास के क्षेत्रों से भी श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। कथा स्थल पर बड़ी संख्या में लोगों की सहभागिता को देखते हुए आयोजन को व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने की तैयारी की जा रही है।
धर्मप्रेमी जनता से शामिल होने की अपील
पत्रकार वार्ता में आयोजकों ने कहा कि श्रीराम कथा का उद्देश्य श्रद्धालुओं को भगवान श्रीराम के आदर्शों और सनातन परंपरा से जोड़ना है। उन्होंने शहर और आसपास के क्षेत्र की धर्मप्रेमी जनता से परिवार सहित कार्यक्रम में पहुंचने और कथा श्रवण कर धर्मलाभ प्राप्त करने की अपील की।
पत्रकार वार्ता में रवि राय, सुमित राय, राहुल कुशवाहा, विक्रम गोस्वामी, उमाकांत सिंह, राजवीर यादव, शिवम, ईशान, विनीत श्रीवास्तव और उज्ज्वल शरण सिंह सहित अन्य लोग मौजूद रहे।
