अयोध्या। रामनगरी अयोध्या में सात नवंबर को आयोजित होने वाले दसवें दीपोत्सव को भव्य और व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए जिला प्रशासन ने तैयारियों को अंतिम रूप देना शुरू कर दिया है। उप राष्ट्रपति के प्रस्तावित आगमन और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कार्यक्रमों को देखते हुए प्रशासन ने आयोजन स्थलों से लेकर अतिथियों के आवागमन, शोभायात्रा, सांस्कृतिक मंच और यातायात व्यवस्था तक के लिए अलग-अलग मजिस्ट्रेटों की तैनाती की है। पांच नवंबर को जारी संशोधित आदेश में अधिकारियों को उनके कार्यक्षेत्र और जिम्मेदारियां स्पष्ट रूप से सौंप दी गई हैं। इसका उद्देश्य दीपोत्सव के दौरान श्रद्धालुओं की भीड़ को नियंत्रित करने, विशिष्ट अतिथियों की आवाजाही सुचारु रखने और सभी कार्यक्रमों को निर्धारित समय पर संपन्न कराने की व्यवस्था सुनिश्चित करना है।
इस बार दीपोत्सव में उप राष्ट्रपति के आगमन को देखते हुए एयरपोर्ट से लेकर श्रीरामजन्मभूमि परिसर और प्रमुख आयोजन स्थलों तक प्रशासनिक निगरानी बढ़ाई गई है। रामकथा पार्क, राम की पैड़ी, नया घाट, सरयू आरती स्थल और शोभायात्रा मार्ग पर अधिकारियों की अलग-अलग टीमें जिम्मेदारी संभालेंगी। जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि प्रत्येक अधिकारी अपने निर्धारित स्थल पर मौजूद रहकर संबंधित विभागों के साथ समन्वय बनाए रखेगा, ताकि आयोजन के दौरान किसी भी तरह की अव्यवस्था की स्थिति न बने।
रामकथा पार्क की व्यवस्था संभालेंगे मुख्य विकास अधिकारी
रामकथा पार्क में होने वाले मुख्य कार्यक्रमों की संपूर्ण व्यवस्था की जिम्मेदारी मुख्य विकास अधिकारी कृष्ण कुमार सिंह को सौंपी गई है। यहां मंच संचालन से जुड़ी व्यवस्थाओं के साथ विशिष्ट अतिथि दीर्घा, संत समाज के बैठने की व्यवस्था और मीडिया गैलरी की निगरानी की जाएगी। आयोजन स्थल पर अलग-अलग व्यवस्थाओं के लिए अन्य अधिकारियों को भी तैनात किया गया है, ताकि कार्यक्रम के दौरान अतिथियों, संतों, मीडिया प्रतिनिधियों और आमंत्रित लोगों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
रामकथा पार्क दीपोत्सव के प्रमुख आयोजन स्थलों में शामिल है। यहां धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ भगवान श्रीराम के राज्याभिषेक से जुड़ा आयोजन भी प्रस्तावित है। ऐसे में मंच, अतिथि दीर्घा, प्रवेश-निकास और कार्यक्रम संचालन के बीच बेहतर तालमेल बनाए रखना प्रशासन के लिए महत्वपूर्ण होगा। अधिकारियों को अपने दायित्वों के अनुसार समय से व्यवस्थाएं पूरी कराने के निर्देश दिए गए हैं।
राम की पैड़ी पर एडीएम अमित कुमार भट्ट संभालेंगे जिम्मेदारी
राम की पैड़ी पर दीपोत्सव के प्रमुख आयोजन और सांस्कृतिक प्रस्तुतियां होंगी। यहां की व्यवस्थाओं की निगरानी अपर जिलाधिकारी अमित कुमार भट्ट करेंगे। मुख्यमंत्री के लिए बनाए गए मंच, सांस्कृतिक कार्यक्रमों, संत समाज की दीर्घा और विशिष्ट अतिथियों के बैठने की व्यवस्था के लिए अलग-अलग अधिकारियों को जिम्मेदारी दी गई है।
राम की पैड़ी पर दीप प्रज्ज्वलन और दीपों की सजावट दीपोत्सव का सबसे महत्वपूर्ण आकर्षण होता है। इस स्थान पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं और आगंतुकों के पहुंचने की संभावना को देखते हुए प्रशासनिक स्तर पर व्यवस्थाओं को व्यवस्थित रखने पर जोर दिया जा रहा है। दीप प्रज्ज्वलन से संबंधित समस्त कार्य अपर जिलाधिकारी नगर एवं मेलाधिकारी दिनेश के नेतृत्व में कराए जाएंगे। इससे दीप सज्जा, कार्यक्रम स्थल और आयोजन से जुड़े विभागों के बीच समन्वय बनाए रखने में मदद मिलेगी।
एयरपोर्ट से रामजन्मभूमि तक विशिष्ट अतिथियों के आवागमन पर निगरानी
उप राष्ट्रपति और अन्य विशिष्ट अतिथियों के आगमन को देखते हुए अयोध्या एयरपोर्ट पर भी अलग से प्रशासनिक जिम्मेदारी तय की गई है। अपर जिलाधिकारी कौशल कुमार को एयरपोर्ट पर अतिथियों के आगमन और प्रस्थान की व्यवस्था संभालने का दायित्व दिया गया है। उन्हें एयरपोर्ट पर शांति व्यवस्था और आवश्यक प्रशासनिक समन्वय सुनिश्चित करना होगा।
एयरपोर्ट से नया घाट होते हुए श्रीरामजन्मभूमि परिसर तक के मार्ग की व्यवस्था और शांति व्यवस्था की निगरानी अपर नगर आयुक्त भारत तथा डिप्टी कलेक्टर गजेंद्र सिंह करेंगे। इस मार्ग पर विशिष्ट अतिथियों के आवागमन को देखते हुए यातायात और सुरक्षा से संबंधित व्यवस्थाओं का समन्वय किया जाएगा। अधिकारियों की जिम्मेदारी होगी कि निर्धारित मार्ग पर आवागमन सुचारु रहे और किसी भी स्थान पर अनावश्यक भीड़ या अवरोध की स्थिति न बने।
इसके अतिरिक्त उप राष्ट्रपति के काफिले और उनके कार्यक्रम से जुड़ी व्यवस्थाओं के लिए अतिरिक्त मजिस्ट्रेट अमेठी सात्विक श्रीवास्तव को जिम्मेदारी दिए जाने की जानकारी भी प्रशासनिक तैनाती संबंधी रिपोर्टों में सामने आई है।
शोभायात्रा के लिए मुख्य राजस्व अधिकारी को जिम्मेदारी
दीपोत्सव के अवसर पर साकेत महाविद्यालय बंधा तिराहे से रामकथा पार्क तक निकलने वाली शोभायात्रा की जिम्मेदारी मुख्य राजस्व अधिकारी गजेंद्र कुमार को दी गई है। उनके साथ जिला पूर्ति अधिकारी बृजेश कुमार मिश्र, जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी मोहन त्रिपाठी और अन्य अधिकारी यात्रा के अलग-अलग हिस्सों में व्यवस्थाएं संभालेंगे।
शोभायात्रा में धार्मिक और सांस्कृतिक झांकियों के साथ बड़ी संख्या में प्रतिभागियों के शामिल होने की संभावना है। ऐसे में यात्रा के निर्धारित मार्ग पर भीड़ का प्रबंधन, आवागमन को नियंत्रित रखना और कार्यक्रम को समयबद्ध तरीके से आगे बढ़ाना महत्वपूर्ण होगा। अधिकारियों को अपने-अपने हिस्से की जिम्मेदारी निभाते हुए आपसी तालमेल बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं।
शोभायात्रा का मार्ग शहर के महत्वपूर्ण हिस्सों से होकर गुजरता है। इसलिए प्रशासन को यह भी ध्यान रखना होगा कि शोभायात्रा के दौरान स्थानीय नागरिकों, श्रद्धालुओं और अन्य वाहनों के आवागमन में अनावश्यक परेशानी न हो। इसके लिए यातायात पुलिस और संबंधित विभागों के साथ समन्वय बनाए रखने पर जोर दिया गया है।
नया घाट और सरयू आरती स्थल पर विशेष व्यवस्था
नया घाट स्थित सरयू आरती स्थल पर श्रद्धालुओं और अतिथियों की सुविधा के लिए अलग से प्रशासनिक व्यवस्था की गई है। यहां की संपूर्ण जिम्मेदारी अपर जिलाधिकारी प्रशासन विशु राजा और उप जिला मजिस्ट्रेट पवन कुमार शर्मा को सौंपी गई है। सरयू आरती स्थल पर श्रद्धालुओं की आवाजाही, बैठने की व्यवस्था और कार्यक्रम के संचालन पर निगरानी रखी जाएगी।
दीपोत्सव के दौरान सरयू तट और प्रमुख घाटों पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। ऐसे में घाटों पर भीड़ को नियंत्रित करना, सुरक्षित आवागमन सुनिश्चित करना और आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराना प्रशासन के लिए महत्वपूर्ण होगा। विशेष रूप से आरती के समय श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ने की संभावना को देखते हुए अधिकारियों को सतर्क रहने और व्यवस्थाओं की लगातार निगरानी करने के निर्देश दिए गए हैं।
पूरे शहर की यातायात व्यवस्था एडीएम इंद्राकांत द्विवेदी के जिम्मे
दीपोत्सव के दौरान अयोध्या में स्थानीय नागरिकों के साथ बड़ी संख्या में बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों की आवाजाही रहेगी। उप राष्ट्रपति, मुख्यमंत्री और अन्य विशिष्ट अतिथियों के कार्यक्रमों के कारण प्रमुख मार्गों पर यातायात का दबाव भी बढ़ सकता है। इसे देखते हुए संपूर्ण यातायात व्यवस्था की जिम्मेदारी अपर जिलाधिकारी इंद्राकांत द्विवेदी को सौंपी गई है।
यातायात व्यवस्था के तहत प्रमुख मार्गों पर वाहनों की आवाजाही, पार्किंग, बैरिकेडिंग और आवश्यक डायवर्जन पर ध्यान दिया जाएगा। प्रशासन के सामने चुनौती यह होगी कि विशिष्ट अतिथियों के काफिले के आवागमन के साथ आम श्रद्धालुओं को भी सुरक्षित और सुगम रास्ता उपलब्ध कराया जाए। इसके लिए पुलिस, यातायात विभाग और नगर प्रशासन के बीच समन्वय जरूरी होगा।
दीपोत्सव से पहले प्रशासन ने यातायात और सुरक्षा के लिए जोन तथा सेक्टर आधारित व्यवस्था भी तैयार की है। आयोजन क्षेत्र में सीसीटीवी कैमरों और नियंत्रण कक्ष के माध्यम से निगरानी की तैयारी की गई है। पुलिस अधिकारियों ने भीड़ नियंत्रण और यातायात संचालन के लिए अलग-अलग स्तर पर योजना तैयार किए जाने की जानकारी दी है।
संत दीर्घा, मीडिया गैलरी और सांस्कृतिक मंच पर अलग-अलग जिम्मेदारी
दीपोत्सव के प्रमुख कार्यक्रमों में संत समाज की उपस्थिति और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों की भी अहम भूमिका रहेगी। रामकथा पार्क और राम की पैड़ी पर संतों के बैठने, विशिष्ट अतिथियों की दीर्घा और मीडिया प्रतिनिधियों के लिए निर्धारित स्थानों की व्यवस्था अलग-अलग अधिकारियों के माध्यम से कराई जाएगी।
सांस्कृतिक कार्यक्रमों में शामिल कलाकारों के आगमन, मंच तक पहुंचने, प्रस्तुति के क्रम और अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं के लिए भी प्रशासनिक समन्वय रखा जाएगा। श्री अयोध्या जी तीर्थ विकास परिषद के ओएसडी आशुतोष द्विवेदी को विभिन्न स्थलों पर सांस्कृतिक कार्यक्रमों और कलाकारों की व्यवस्थाओं के समन्वय की जिम्मेदारी दिए जाने की जानकारी सामने आई है। वह संबंधित अधिकारियों के साथ तालमेल बनाकर कार्यक्रमों के संचालन में सहयोग करेंगे।
श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा प्रशासन की प्राथमिकता
जिलाधिकारी शशांक त्रिपाठी ने कहा कि दीपोत्सव में श्रद्धालुओं और विशिष्ट अतिथियों की सुविधा तथा सुरक्षा प्रशासन की प्राथमिकता है। सभी प्रमुख आयोजन स्थलों पर अधिकारियों की जिम्मेदारियां निर्धारित कर दी गई हैं। संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि कार्यक्रम के दौरान किसी को असुविधा का सामना न करना पड़े।
प्रशासन का प्रयास है कि आयोजन स्थलों पर तैनात अधिकारी अपनी जिम्मेदारी को लेकर पूरी तरह स्पष्ट रहें और किसी भी समस्या की स्थिति में तत्काल कार्रवाई कर सकें। इसके लिए सभी अधिकारियों को अपने निर्धारित स्थानों पर मौजूद रहने और विभागीय समन्वय बनाए रखने पर जोर दिया गया है।
7 नवंबर को होगा दसवां दीपोत्सव
अयोध्या में सात नवंबर को दसवें दीपोत्सव का मुख्य आयोजन प्रस्तावित है। इस बार राम की पैड़ी और सरयू तट के 56 घाटों पर लगभग 30 लाख दीप जलाने का लक्ष्य रखा गया है। इसके अलावा मंदिरों, कुंडों और अन्य प्रमुख सार्वजनिक स्थलों पर भी दीप प्रज्ज्वलित किए जाने की तैयारी है। आयोजन में लेजर शो, मल्टीमीडिया प्रोजेक्शन और सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी आकर्षण का केंद्र रहेंगी। उप राष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन के कार्यक्रम में शामिल होने की संभावना को देखते हुए प्रशासन ने अतिथि प्रबंधन और सुरक्षा व्यवस्था को विशेष महत्व दिया है।
रामनगरी में दीपोत्सव को लेकर तैयारियां अंतिम चरण में हैं। प्रशासन ने आयोजन स्थलों, शोभायात्रा, अतिथि आवागमन, सरयू आरती, दीप प्रज्ज्वलन और यातायात व्यवस्था के लिए अधिकारियों की जिम्मेदारियां तय कर दी हैं। अब सभी की निगाहें सात नवंबर को होने वाले मुख्य आयोजन पर हैं, जहां लाखों दीपों के प्रकाश के बीच अयोध्या में धार्मिक और सांस्कृतिक उत्सव का भव्य दृश्य देखने को मिलेगा।