मुरादाबाद। भगवान श्रीराम के अस्तित्व पर सवाल उठाने वाले लोगों को लेकर मुरादाबाद शहर से भाजपा विधायक रितेश गुप्ता ने विवादित बयान दिया है। उन्होंने ऐसे लोगों को देश का गद्दार बताते हुए कहा कि भारत में रहकर भगवान श्रीराम के अस्तित्व का प्रमाण मांगने वालों का इस देश से कोई संबंध नहीं है। विधायक ने यहां तक कह दिया कि ऐसे दुष्टों का नाश करने के लिए ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जैसे महापुरुषों ने जन्म लिया है। उनके इस बयान के बाद राजनीतिक और सामाजिक हलकों में विवाद खड़ा होने की संभावना है।
भाजपा विधायक रितेश गुप्ता नगर निगम की ओर से आयोजित दीपोत्सव कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे थे। कार्यक्रम में पांच लाख दीपक जलाने और भगवान श्रीराम से जुड़े आयोजन किए जाने की जानकारी दी गई। इसी दौरान मीडिया से बातचीत करते हुए विधायक ने लोगों को दीपोत्सव की शुभकामनाएं दीं। बातचीत के दौरान जब भगवान श्रीराम के अस्तित्व पर सवाल उठाने वाले लोगों का मुद्दा सामने आया तो विधायक ने तीखी भाषा का इस्तेमाल किया।
रितेश गुप्ता ने कहा कि जो लोग इस देश में रहकर भगवान श्रीराम के प्रमाण मांग रहे हैं, वे देश के गद्दार हैं। उनके मुताबिक ऐसे लोग भारत के नहीं, बल्कि पाकिस्तान, अरब और अन्य जगहों से आए हुए हैं। विधायक ने कहा कि ऐसे लोगों को भारत में रहकर भगवान श्रीराम के अस्तित्व पर सवाल उठाने का कोई अधिकार नहीं है।
मोदी और योगी को लेकर भी दिया बयान
अपने बयान में विधायक ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का जिक्र करते हुए कहा कि ऐसे दुष्टों का नाश करने के लिए ही मोदी और योगी जैसे महापुरुषों ने जन्म लिया है। उन्होंने कहा कि मोदी-योगी ने ऐसे लोगों का खात्मा करने के लिए अवतार लिया है और ऐसे दुष्टों का जल्द ही अंत होगा।
विधायक का यह बयान इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि इसमें भगवान श्रीराम के अस्तित्व पर सवाल उठाने वाले लोगों को सीधे देशद्रोही करार दिया गया है। साथ ही, उन्होंने ऐसे लोगों को पाकिस्तान और अरब देशों से आया हुआ बताया। हालांकि, उपलब्ध बयान में विधायक ने किसी व्यक्ति, संगठन या राजनीतिक दल का नाम लेकर यह स्पष्ट नहीं किया कि उनका निशाना कौन लोग हैं।
दीपोत्सव के मंच से राजनीतिक और धार्मिक टिप्पणी
मुरादाबाद नगर निगम के दीपोत्सव कार्यक्रम में पांच लाख दीपक जलाने का आयोजन किया गया था। दीपोत्सव जैसे धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का उद्देश्य आमतौर पर भगवान श्रीराम के अयोध्या आगमन की स्मृति, भारतीय परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत को प्रदर्शित करना होता है। ऐसे आयोजनों में जनप्रतिनिधि भी शामिल होकर लोगों को शुभकामनाएं देते हैं और कार्यक्रम के महत्व पर अपनी बात रखते हैं।
इसी क्रम में भाजपा विधायक रितेश गुप्ता ने भी मीडिया से बातचीत की। शुरुआत में उन्होंने दीपोत्सव की बधाई दी, लेकिन भगवान श्रीराम के अस्तित्व पर सवाल उठाने वालों को लेकर उनकी टिप्पणी ने बातचीत को विवादित बना दिया। उनके शब्दों में धार्मिक आस्था के साथ-साथ राजनीतिक संदेश भी दिखाई दिया।
आस्था और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर बहस
भारत में भगवान श्रीराम करोड़ों लोगों की आस्था और सांस्कृतिक परंपरा के केंद्र में हैं। रामायण, रामकथा और भगवान श्रीराम से जुड़े धार्मिक आयोजन देश के अलग-अलग हिस्सों में सदियों से होते रहे हैं। अयोध्या सहित कई धार्मिक और सांस्कृतिक स्थलों पर रामकथा, रामलीला और दीपोत्सव जैसे कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं।
दूसरी ओर, लोकतांत्रिक व्यवस्था में धार्मिक मान्यताओं, इतिहास और आस्था से जुड़े विषयों पर सवाल पूछने तथा विचार रखने का अधिकार भी अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के दायरे में आता है। किसी विचार या सवाल से असहमति जताना राजनीतिक और सामाजिक विमर्श का हिस्सा हो सकता है, लेकिन किसी पूरे समूह को देशद्रोही कहना या उसकी राष्ट्रीय पहचान पर सवाल उठाना गंभीर सार्वजनिक टिप्पणी मानी जाती है।
विधायक के बयान में पाकिस्तान और अरब देशों का उल्लेख भी किया गया। हालांकि, उन्होंने अपने आरोपों के समर्थन में कोई विशिष्ट व्यक्ति, संगठन या प्रमाण सार्वजनिक रूप से प्रस्तुत नहीं किया। इसलिए उनके इस कथन को विधायक की राजनीतिक टिप्पणी के रूप में ही देखा जाना चाहिए, न कि किसी व्यक्ति या समूह की राष्ट्रीयता के संबंध में प्रमाणित तथ्य के रूप में।
विवादित बयान पर आगे क्या?
फिलहाल उपलब्ध जानकारी में भाजपा विधायक रितेश गुप्ता के बयान पर पार्टी संगठन, विपक्ष या प्रशासन की ओर से किसी आधिकारिक प्रतिक्रिया का उल्लेख नहीं है। यह भी स्पष्ट नहीं है कि इस टिप्पणी को लेकर किसी संगठन या व्यक्ति ने औपचारिक शिकायत दर्ज कराई है या नहीं।
हालांकि, धार्मिक आस्था और राजनीतिक बयानबाजी से जुड़े मुद्दों पर नेताओं की टिप्पणियां अक्सर व्यापक बहस का विषय बन जाती हैं। ऐसे में विधायक के बयान को लेकर राजनीतिक दलों और सामाजिक संगठनों की प्रतिक्रिया पर नजर रहेगी।
रितेश गुप्ता मुरादाबाद शहर विधानसभा सीट से भाजपा के विधायक हैं। उन्होंने नगर निगम के दीपोत्सव कार्यक्रम के दौरान मीडिया से बातचीत में यह टिप्पणी की। उनका बयान सामने आने के बाद अब यह मुद्दा स्थानीय राजनीतिक चर्चा का विषय बन सकता है।