उरई। जालौन जिले के कदौरा थाना क्षेत्र के ग्राम पंचायत बागी में सांप के डसने से 40 वर्षीय गजराज की मौत हो गई। घटना के बाद परिवार में कोहराम मच गया। परिजनों ने एंबुलेंस सेवा में देरी का आरोप लगाते हुए कहा कि कॉल करने के करीब दो घंटे बाद एंबुलेंस गांव पहुंची। उनका दावा है कि समय पर एंबुलेंस उपलब्ध हो जाती तो गजराज को जल्द अस्पताल पहुंचाया जा सकता था।
परिजनों के मुताबिक, घटना रात करीब एक बजे की है। इसी दौरान गजराज को सांप ने डस लिया। कुछ देर बाद उनकी तबीयत बिगड़ने लगी तो परिवार के लोग उन्हें लेकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) कदौरा पहुंचे। वहां डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार किया और हालत को देखते हुए उन्हें जिला अस्पताल उरई ले जाने की सलाह दी।
परिजनों का कहना है कि इस बीच वे गजराज को झाड़-फूंक के लिए भी लेकर गए। हालांकि, उनकी हालत में कोई सुधार नहीं हुआ। स्थिति लगातार बिगड़ती गई और अंततः उनकी मौत हो गई। घटना के बाद परिवार के लोगों का रो-रोकर बुरा हाल है।
एंबुलेंस पहुंचने में देरी का आरोप
इस मामले में परिजनों ने एंबुलेंस सेवा की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि गजराज की तबीयत बिगड़ने पर एंबुलेंस के लिए फोन किया गया था, लेकिन वाहन करीब दो घंटे बाद पहुंचा। परिजनों के मुताबिक, सर्पदंश जैसी आपात स्थिति में समय पर चिकित्सा सुविधा मिलना बेहद जरूरी होता है। ऐसे में एंबुलेंस पहुंचने में हुई कथित देरी से मरीज को अस्पताल ले जाने में परेशानी हुई।
हालांकि, एंबुलेंस को कॉल किए जाने का समय, वाहन के पहुंचने का वास्तविक समय और देरी के कारणों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है। इस संबंध में स्वास्थ्य विभाग या एंबुलेंस सेवा की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। इसलिए परिजनों के आरोपों की पुष्टि संबंधित विभाग की जांच के बाद ही हो सकेगी।
परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
गजराज की मौत से परिवार के सामने बड़ा संकट खड़ा हो गया है। बताया गया है कि उनके परिवार में दो बेटे और एक बेटी हैं। अचानक हुई इस घटना से बच्चों के सिर से पिता का साया उठ गया। गांव में भी घटना के बाद शोक का माहौल है।
परिजनों ने शव का पोस्टमार्टम कराने से इनकार कर दिया। ऐसे में मौत से जुड़े चिकित्सकीय और अन्य पहलुओं की आधिकारिक पुष्टि के लिए उपलब्ध जानकारी सीमित है।
पुलिस को नहीं मिली सूचना
घटना को लेकर कदौरा थाना अध्यक्ष परमेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि पुलिस को इस मामले की कोई सूचना नहीं मिली है। पुलिस के अनुसार, फिलहाल थाने में घटना की जानकारी दर्ज नहीं कराई गई है।
इस घटना ने ग्रामीण क्षेत्रों में सर्पदंश की स्थिति में समय पर इलाज और आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता का सवाल फिर खड़ा किया है। सांप के काटने पर झाड़-फूंक या घरेलू उपायों में समय गंवाने के बजाय मरीज को तत्काल नजदीकी अस्पताल पहुंचाना जरूरी है, ताकि डॉक्टर समय रहते जांच और उपचार शुरू कर सकें। सर्पदंश के मामलों में इलाज में देरी जानलेवा साबित हो सकती है।
