मुंबई और पुणे के बीच रेल यात्रा करने वाले यात्रियों को सोमवार को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा, जब लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के कारण करजत-लोनावला घाट सेक्शन में कई स्थानों पर भूस्खलन हो गया। भूस्खलन के चलते मध्य रेलवे (Central Railway) ने सुरक्षा कारणों से मुंबई-पुणे रेल मार्ग पर ट्रेनों का संचालन अस्थायी रूप से रोक दिया। रेलवे अधिकारियों के अनुसार, ट्रैक पर मलबा और पत्थर आने के कारण इस महत्वपूर्ण रेल कॉरिडोर पर सेवाएं बाधित हुई हैं और ट्रैक को सुरक्षित बनाने का कार्य युद्ध स्तर पर जारी है।
यह रेल मार्ग देश के सबसे व्यस्त और महत्वपूर्ण रेलवे मार्गों में शामिल है, जो प्रतिदिन हजारों यात्रियों के साथ-साथ मालगाड़ियों की आवाजाही के लिए भी उपयोग किया जाता है। लगातार हो रही भारी बारिश के चलते भोर घाट (Bhor Ghat) क्षेत्र में मिट्टी खिसकने और चट्टानें गिरने की घटनाएं सामने आईं। रेलवे अधिकारियों ने बताया कि करजत और लोनावला के बीच ठाकुरवाड़ी तथा मंकी हिल लूप के पास ट्रैक पर मलबा आने के बाद ट्रेनों की आवाजाही तत्काल रोक दी गई ताकि किसी भी बड़े हादसे से बचा जा सके।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, रात करीब तीन बजे के आसपास घाट सेक्शन में एक से अधिक स्थानों पर भूस्खलन हुआ। इसके बाद रेलवे इंजीनियरिंग, ट्रैक मेंटेनेंस और आपदा प्रबंधन की टीमें तुरंत मौके पर पहुंचीं। जेसीबी मशीनों और अन्य भारी उपकरणों की मदद से ट्रैक से मलबा हटाने का कार्य शुरू किया गया। हालांकि लगातार बारिश के कारण राहत और बहाली कार्य प्रभावित हो रहा है। आधिकारिक पुष्टि के अनुसार, ट्रैक पूरी तरह सुरक्षित घोषित होने के बाद ही रेल सेवाएं बहाल की जाएंगी।
मध्य रेलवे ने कई ट्रेनों को रद्द, डायवर्ट और शॉर्ट टर्मिनेट करने का निर्णय लिया है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, कम से कम 16 ट्रेनों को रद्द किया गया है जबकि नौ से अधिक ट्रेनों का मार्ग बदला गया है। कुछ ट्रेनों को बीच रास्ते में ही समाप्त किया गया ताकि यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। रेलवे ने यात्रियों से यात्रा पर निकलने से पहले अपनी ट्रेन की स्थिति आधिकारिक माध्यमों से जांचने की अपील की है।
रेलवे अधिकारियों ने बताया कि ट्रैक निरीक्षण का कार्य लगातार जारी है। जैसे ही मलबा पूरी तरह हट जाएगा और इंजीनियरिंग टीम ट्रैक की सुरक्षा की पुष्टि करेगी, उसके बाद चरणबद्ध तरीके से रेल संचालन शुरू किया जाएगा। फिलहाल किसी भी प्रकार का जोखिम लेने से बचने के लिए ट्रेनों को रोका गया है। अधिकारियों का कहना है कि यात्रियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है।
भारी बारिश का असर केवल रेलवे तक सीमित नहीं रहा। मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे और पुराने मुंबई-पुणे राजमार्ग पर भी भूस्खलन और जलभराव के कारण यातायात प्रभावित हुआ। कुछ समय के लिए दोनों मार्गों पर वाहनों की आवाजाही रोकी गई थी। बाद में एक्सप्रेसवे पर यातायात आंशिक रूप से बहाल किया गया, जबकि कई स्थानों पर ट्रैफिक धीमी गति से चलता रहा। प्रशासन लगातार स्थिति की निगरानी कर रहा है।
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने मुंबई, ठाणे, रायगढ़ और आसपास के क्षेत्रों के लिए रेड अलर्ट जारी किया है। विभाग के अनुसार अगले 24 घंटों के दौरान भारी से अत्यधिक भारी वर्षा, तेज हवाएं और कुछ इलाकों में भूस्खलन की आशंका बनी हुई है। मौसम विभाग ने लोगों को अनावश्यक यात्रा से बचने तथा प्रशासन की सलाह का पालन करने की अपील की है।
लगातार हो रही बारिश का असर हवाई सेवाओं पर भी देखने को मिला है। मुंबई हवाई अड्डे पर कई उड़ानों में देरी हुई जबकि कुछ उड़ानों को रद्द करना पड़ा। राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (SDMA) ने निजी कंपनियों को कर्मचारियों के लिए वर्क फ्रॉम होम की सुविधा देने की सलाह दी है। इसके अलावा गैर-आवश्यक सरकारी और अर्ध-सरकारी कार्यालयों में भी कामकाज प्रभावित हुआ है।
यात्रियों की सुविधा के लिए मध्य रेलवे ने हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं और रेलवे स्टेशनों पर अतिरिक्त कर्मचारियों की तैनाती की गई है। रेलवे प्रशासन लगातार सोशल मीडिया और आधिकारिक प्लेटफॉर्म के माध्यम से ट्रेनों की स्थिति की जानकारी साझा कर रहा है। जिन यात्रियों की ट्रेनें रद्द हुई हैं, उन्हें रेलवे के नियमों के अनुसार आवश्यक सहायता उपलब्ध कराई जा रही है।
विशेषज्ञों का मानना है कि पश्चिमी घाट क्षेत्र में मानसून के दौरान लगातार भारी वर्षा के कारण भूस्खलन की घटनाएं सामान्य हैं, लेकिन इस बार वर्षा की तीव्रता अधिक होने से रेलवे और सड़क दोनों नेटवर्क पर व्यापक असर पड़ा है। ऐसे मौसम में घाट सेक्शन में विशेष निगरानी और समय-समय पर ट्रैक निरीक्षण अत्यंत आवश्यक होता है। रेलवे द्वारा सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए ट्रेनों का संचालन रोकना एहतियाती कदम माना जा रहा है।
फिलहाल बहाली का कार्य तेजी से जारी है और रेलवे अधिकारी लगातार स्थिति की समीक्षा कर रहे हैं। ट्रैक पूरी तरह सुरक्षित घोषित होने के बाद ही मुंबई-पुणे रेल सेवाएं सामान्य की जाएंगी। यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे यात्रा से पहले रेलवे की आधिकारिक सूचना अवश्य देखें और मौसम की स्थिति को ध्यान में रखते हुए अपनी यात्रा की योजना बनाएं।
