उत्तर प्रदेश विधानसभा ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 12,209 करोड़ रुपये का पहला अनुपूरक बजट पारित कर दिया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली सरकार द्वारा पेश इस बजट में बुनियादी ढांचे के विकास, धार्मिक एवं सांस्कृतिक स्थलों के संरक्षण, परिवहन सुविधाओं के विस्तार, कृषि, शिक्षा और विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के लिए अतिरिक्त वित्तीय प्रावधान किए गए हैं। सरकार का कहना है कि यह अनुपूरक बजट राज्य के विकास कार्यों में तेजी लाने और प्रमुख परियोजनाओं को समय पर पूरा करने के उद्देश्य से तैयार किया गया है।
इस अनुपूरक बजट में धार्मिक और सांस्कृतिक पर्यटन को बढ़ावा देने पर विशेष जोर दिया गया है। सरकार ने विभिन्न धार्मिक स्थलों के विकास, सौंदर्यीकरण और बुनियादी सुविधाओं के विस्तार के लिए अतिरिक्त धनराशि का प्रावधान किया है। राज्य सरकार का मानना है कि धार्मिक पर्यटन को प्रोत्साहन मिलने से स्थानीय रोजगार, व्यापार और पर्यटन उद्योग को भी बढ़ावा मिलेगा। इसके तहत प्रमुख तीर्थ स्थलों पर सड़क, पेयजल, प्रकाश व्यवस्था, पार्किंग और अन्य सार्वजनिक सुविधाओं को मजबूत करने की योजना है। (PTI/The Hindu)
प्रयागराज में आयोजित होने वाले आगामी महाकुंभ की तैयारियों के लिए भी अनुपूरक बजट में महत्वपूर्ण प्रावधान किए गए हैं। उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम (UPSRTC) के बेड़े को मजबूत करने के लिए 1,000 नई डीजल बसें खरीदने की मंजूरी दी गई है। सरकार का कहना है कि इन बसों का उपयोग महाकुंभ के दौरान श्रद्धालुओं की आवाजाही को सुगम बनाने के साथ-साथ बाद में राज्य के विभिन्न मार्गों पर सार्वजनिक परिवहन सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए भी किया जाएगा। (PTI/Indian Express)
सरकार के अनुसार, अनुपूरक बजट में सड़क निर्माण, सिंचाई, ऊर्जा, स्वास्थ्य, शिक्षा और ग्रामीण विकास जैसी प्राथमिकता वाली परियोजनाओं के लिए भी अतिरिक्त धन आवंटित किया गया है। इसके अलावा कानून-व्यवस्था को मजबूत करने, पुलिस विभाग के आधुनिकीकरण और विभिन्न अधूरी परियोजनाओं को पूरा करने के लिए भी वित्तीय प्रावधान किए गए हैं। सरकार का दावा है कि इन निवेशों से राज्य के समग्र विकास को गति मिलेगी।
वित्त विभाग ने बताया कि अनुपूरक बजट का उद्देश्य उन योजनाओं के लिए अतिरिक्त संसाधन उपलब्ध कराना है, जिनके लिए चालू वित्तीय वर्ष के मूल बजट में पर्याप्त राशि उपलब्ध नहीं थी या जिनकी आवश्यकता बाद में सामने आई। ऐसे बजट का उपयोग आमतौर पर नई परियोजनाओं की शुरुआत, चल रही योजनाओं के विस्तार और आपात वित्तीय आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए किया जाता है।
विधानसभा में बजट पर चर्चा के दौरान सत्ता पक्ष ने इसे विकासोन्मुखी और जनहितकारी बजट बताया। सरकार का कहना है कि इससे प्रदेश में बुनियादी ढांचे का विस्तार होगा, पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। वहीं विपक्ष ने कुछ योजनाओं के लिए धन आवंटन की प्राथमिकताओं और खर्च के तरीकों पर सवाल उठाए। विपक्ष ने सरकार से बजटीय प्रावधानों के प्रभावी क्रियान्वयन और पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मांग भी की।
आर्थिक विशेषज्ञों का मानना है कि अनुपूरक बजट किसी भी सरकार के लिए वित्तीय वर्ष के दौरान बदलती आवश्यकताओं के अनुरूप संसाधनों का पुनर्वितरण करने का महत्वपूर्ण माध्यम होता है। यदि अतिरिक्त धनराशि का उपयोग समयबद्ध और पारदर्शी तरीके से किया जाए, तो इससे अधूरी परियोजनाओं को गति मिल सकती है और सार्वजनिक सेवाओं में सुधार संभव है।
महाकुंभ के लिए परिवहन सुविधाओं का विस्तार सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। लाखों श्रद्धालुओं के आगमन को देखते हुए सड़क परिवहन, ट्रैफिक प्रबंधन और सार्वजनिक सुविधाओं को मजबूत करने की दिशा में कई परियोजनाओं पर काम किया जा रहा है। नई बसों की खरीद को इसी व्यापक योजना का हिस्सा माना जा रहा है।
फिलहाल उत्तर प्रदेश विधानसभा ने 12,209 करोड़ रुपये के अनुपूरक बजट को मंजूरी दे दी है। इसके बाद संबंधित विभागों द्वारा स्वीकृत धनराशि के अनुसार परियोजनाओं पर कार्य शुरू किया जाएगा। सरकार का कहना है कि बजट में शामिल योजनाओं का क्रियान्वयन निर्धारित समयसीमा के भीतर पूरा करने का प्रयास किया जाएगा और विभिन्न विभाग नियमित रूप से इसकी निगरानी करेंगे।