• Home  
  • मुंबई, पालघर और रायगढ़ में रिकॉर्डतोड़ बारिश का कहर, 3-4 दिनों में 13 लोगों की मौत
- National - Weather - राष्ट्रीय

मुंबई, पालघर और रायगढ़ में रिकॉर्डतोड़ बारिश का कहर, 3-4 दिनों में 13 लोगों की मौत

मुंबई, पालघर और रायगढ़ सहित महाराष्ट्र के कई हिस्सों में लगातार हो रही रिकॉर्डतोड़ बारिश ने जनजीवन को गंभीर रूप से प्रभावित कर दिया है। पिछले तीन से चार दिनों में बारिश से जुड़ी अलग-अलग घटनाओं में कम से कम 13 लोगों की मौत हो चुकी है। भारी बारिश के कारण कई इलाकों में जलभराव, […]

Record Breaking Rain in Mumbai Palghar and Raigad

मुंबई, पालघर और रायगढ़ सहित महाराष्ट्र के कई हिस्सों में लगातार हो रही रिकॉर्डतोड़ बारिश ने जनजीवन को गंभीर रूप से प्रभावित कर दिया है। पिछले तीन से चार दिनों में बारिश से जुड़ी अलग-अलग घटनाओं में कम से कम 13 लोगों की मौत हो चुकी है। भारी बारिश के कारण कई इलाकों में जलभराव, भूस्खलन, सड़क और रेल यातायात में बाधा तथा सामान्य जीवन पूरी तरह प्रभावित हुआ है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए मुंबई, ठाणे, पालघर और रायगढ़ समेत कई जिलों के लिए रेड अलर्ट जारी किया है।

महाराष्ट्र सरकार के अनुसार, बीते कुछ दिनों से राज्य के पश्चिमी तटीय क्षेत्रों में लगातार अत्यधिक वर्षा दर्ज की जा रही है। आपदा प्रबंधन विभाग के मंत्री गिरीश महाजन ने जानकारी दी कि पिछले तीन से चार दिनों में बारिश से संबंधित विभिन्न घटनाओं में 13 लोगों की जान गई है। इनमें भवन गिरने, पेड़ गिरने, बिजली संबंधी हादसे, डूबने और अन्य वर्षा जनित दुर्घटनाएं शामिल हैं। प्रशासन ने प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव अभियान तेज कर दिया है।

भारत मौसम विज्ञान विभाग के आंकड़ों के अनुसार, मुंबई में जुलाई के शुरुआती दिनों में ही सामान्य मासिक वर्षा का बड़ा हिस्सा रिकॉर्ड किया जा चुका है। कई मौसम केंद्रों पर बेहद भारी बारिश दर्ज की गई है, जिससे शहर के निचले इलाकों में पानी भर गया। लगातार वर्षा के कारण नदियों और नालों का जलस्तर भी तेजी से बढ़ा है, जिससे बाढ़ जैसी स्थिति बनने की आशंका बनी हुई है।

भारी बारिश का सबसे अधिक असर परिवहन व्यवस्था पर पड़ा है। मुंबई की कई प्रमुख सड़कें जलमग्न हो गईं, जबकि उपनगरीय रेल सेवाएं कई स्थानों पर प्रभावित रहीं। कुछ उड़ानों को रद्द करना पड़ा और कई उड़ानों में देरी हुई। मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे पर भूस्खलन के कारण यातायात प्रभावित हुआ तथा कुछ समय के लिए मार्ग बंद करना पड़ा। रेलवे ट्रैक पर पानी भरने और मलबा आने से रेल संचालन पर भी असर पड़ा।

रायगढ़ और पालघर जिलों में भी लगातार हो रही बारिश ने स्थिति को गंभीर बना दिया है। कई गांवों का संपर्क मुख्य मार्गों से टूट गया है। निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है। प्रशासन ने संवेदनशील क्षेत्रों में राहत दल, नावें और आपदा प्रबंधन की टीमें तैनात की हैं ताकि किसी भी आपात स्थिति से तुरंत निपटा जा सके।

पुणे और आसपास के क्षेत्रों में भी भारी बारिश के कारण भूस्खलन की घटनाएं सामने आई हैं। एक स्थान पर मकान मलबे में दब जाने से जनहानि हुई जबकि कुछ लोगों के लापता होने की भी खबर है। राहत एवं बचाव दल लगातार खोज अभियान चला रहे हैं। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, कई क्षेत्रों में मिट्टी खिसकने का खतरा अभी भी बना हुआ है और प्रशासन लोगों को अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दे रहा है।

मुंबई महानगरपालिका (BMC) ने नागरिकों से अपील की है कि अत्यंत आवश्यक होने पर ही घरों से बाहर निकलें। लोगों को समुद्र तटों, जलभराव वाले इलाकों और नदी-नालों के आसपास जाने से बचने की सलाह दी गई है। आपातकालीन सेवाओं को पूरी तरह सक्रिय रखा गया है तथा बड़ी संख्या में कर्मचारी राहत कार्यों में लगाए गए हैं।

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा है कि राज्य सरकार पूरी तरह सतर्क है और सभी संबंधित एजेंसियों को हाई अलर्ट पर रखा गया है। उन्होंने अधिकारियों को राहत एवं बचाव कार्यों में तेजी लाने तथा प्रभावित लोगों तक हर संभव सहायता पहुंचाने के निर्देश दिए हैं। सरकार लगातार स्थिति की निगरानी कर रही है और जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त संसाधन भी उपलब्ध कराए जाएंगे।

मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों के दौरान मुंबई, ठाणे, पालघर, रायगढ़ और आसपास के क्षेत्रों में भारी से अत्यधिक भारी वर्षा की संभावना जताई है। विभाग ने चेतावनी दी है कि कई स्थानों पर अचानक बाढ़, जलभराव, भूस्खलन तथा तेज हवाओं की स्थिति बन सकती है। मछुआरों को समुद्र में नहीं जाने और नागरिकों को मौसम संबंधी आधिकारिक सलाह का पालन करने के निर्देश दिए गए हैं।

बारिश के कारण स्कूलों और कॉलेजों की छुट्टियां घोषित की गई हैं तथा कई निजी संस्थानों को कर्मचारियों के लिए वर्क फ्रॉम होम अपनाने की सलाह दी गई है। विश्वविद्यालयों की कुछ परीक्षाएं भी स्थगित कर दी गई हैं। इसका उद्देश्य लोगों की आवाजाही कम करना और किसी भी संभावित दुर्घटना से बचाव सुनिश्चित करना है।

विशेषज्ञों का मानना है कि लगातार हो रही अत्यधिक वर्षा के कारण शहरी जलनिकासी व्यवस्था पर भारी दबाव पड़ रहा है। जलभराव, भूस्खलन और यातायात बाधित होने जैसी घटनाएं यह संकेत देती हैं कि अत्यधिक वर्षा के दौरान आपदा प्रबंधन और बुनियादी ढांचे को और मजबूत करने की आवश्यकता है। हालांकि, मौजूदा परिस्थितियों में प्रशासन का प्राथमिक लक्ष्य लोगों की सुरक्षा और राहत कार्यों को प्रभावी ढंग से संचालित करना है।

फिलहाल राहत एवं बचाव अभियान लगातार जारी है और प्रभावित क्षेत्रों में हालात पर प्रशासन की कड़ी नजर बनी हुई है। अधिकारियों ने नागरिकों से अफवाहों पर ध्यान न देने तथा केवल सरकारी और मौसम विभाग की आधिकारिक जानकारी पर भरोसा करने की अपील की है। मौसम की स्थिति में बदलाव के अनुसार आगे के निर्देश जारी किए जाएंगे।

Leave a comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

About Us

We are a trusted news portal delivering the latest updates, breaking news, and in-depth stories from around the world. Our goal is to keep you informed, every time.

 

Address : 18/587, behind : Hanuman Mandir, opposite :Lucknow, Uttar Pradesh, India , 226016

Email Us: up24networkk@gmail.com

Contact: +91 95111 50055

Quick Link

Top Categories

UP24Network. All Rights Reserved.