सोनभद्र। दीपावली के त्योहार पर सोनभद्र पुलिस ने 151 परिवारों को खुशियों का खास तोहफा दिया है। लंबे समय से अपने खोए हुए मोबाइल फोन की तलाश कर रहे लोगों को पुलिस ने उनके फोन वापस सौंपे हैं। पुलिस ने विशेष अभियान चलाकर करीब 27 लाख रुपये कीमत के 151 गुम और खोए हुए मोबाइल फोन बरामद किए हैं। मोबाइल वापस मिलने पर लोगों के चेहरे खिल उठे और उन्होंने पुलिस की इस कार्रवाई के लिए आभार जताया।
पुलिस के मुताबिक, सितंबर 2026 से चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत यह सफलता मिली है। इस अभियान में सर्विलांस सेल, स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी) और जिले के सभी थानों की संयुक्त टीम ने काम किया। मोबाइल फोन की तलाश के लिए केंद्रीय उपकरण पहचान रजिस्टर (CEIR) पोर्टल की मदद ली गई। तकनीकी विश्लेषण और लगातार निगरानी के जरिए पुलिस ने अलग-अलग स्थानों पर इस्तेमाल हो रहे गुमशुदा मोबाइल फोन को ट्रेस कर बरामद किया।
एसपी के निर्देशन में चलाया गया विशेष अभियान
खोए और गुम हुए मोबाइल फोन की बरामदगी के लिए यह अभियान पुलिस अधीक्षक अभिषेक वर्मा के निर्देशन में चलाया गया। अपर पुलिस अधीक्षक ऑपरेशन ऋषभ रूणवाल के मार्गदर्शन में सर्विलांस सेल, एसओजी और जनपद के सभी थानों की टीमों को मोबाइल बरामदगी की जिम्मेदारी सौंपी गई थी।
अभियान के दौरान पुलिस टीमों ने CEIR पोर्टल पर दर्ज मोबाइल फोन से संबंधित जानकारियों का तकनीकी स्तर पर विश्लेषण किया। मोबाइल के आईएमईआई नंबर के आधार पर उनकी पहचान और गतिविधियों की निगरानी की गई। इसके बाद संभावित स्थानों का पता लगाकर मोबाइल फोन बरामद करने की कार्रवाई की गई।
पुलिस के अनुसार, संयुक्त टीमों के प्रयास से अब तक कुल 151 मोबाइल फोन बरामद किए जा चुके हैं। इनकी अनुमानित कीमत लगभग 27 लाख रुपये है। बरामद मोबाइल अलग-अलग लोगों के थे, जो लंबे समय से अपने फोन वापस मिलने का इंतजार कर रहे थे।
कानूनी प्रक्रिया पूरी कर मालिकों को सौंपे गए मोबाइल
मोबाइल फोन बरामद होने के बाद पुलिस ने आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी की और उन्हें उनके वास्तविक स्वामियों को सुपुर्द कर दिया। क्षेत्राधिकारी नगर रणधीर मिश्रा ने मोबाइल फोन उनके मालिकों को सौंपे।
दीपावली के अवसर पर जब लोगों को उनके खोए हुए मोबाइल वापस मिले तो उनके लिए यह त्योहार और भी खास हो गया। कई लोगों ने लंबे समय बाद अपना फोन वापस मिलने पर खुशी जाहिर की और सोनभद्र पुलिस का धन्यवाद किया।
मोबाइल फोन आज के समय में केवल बातचीत का साधन नहीं रह गए हैं, बल्कि इनमें लोगों के जरूरी दस्तावेज, फोटो, संपर्क नंबर, बैंकिंग से जुड़ी जानकारियां और अन्य व्यक्तिगत डेटा भी मौजूद रहता है। ऐसे में मोबाइल गुम होने से लोगों को आर्थिक और मानसिक परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। पुलिस की इस कार्रवाई से उन लोगों को राहत मिली है, जिन्होंने अपने फोन खोने के बाद उनकी वापसी की उम्मीद छोड़ दी थी।
क्या है CEIR पोर्टल और कैसे मिलती है मदद?
CEIR यानी सेंट्रल इक्विपमेंट आइडेंटिटी रजिस्टर दूरसंचार विभाग की व्यवस्था है, जिसके माध्यम से खोए या चोरी हुए मोबाइल फोन को उनके आईएमईआई नंबर के आधार पर ब्लॉक करने और उनकी पहचान करने में मदद मिलती है। मोबाइल गुम होने पर इसकी सूचना दर्ज कराकर संबंधित डिवाइस को ब्लॉक कराया जा सकता है। यदि बाद में उस मोबाइल में किसी सिम कार्ड का इस्तेमाल किया जाता है, तो उपलब्ध तकनीकी जानकारी के आधार पर उसकी तलाश में मदद मिल सकती है।
इस व्यवस्था का उद्देश्य गुम और चोरी हुए मोबाइल फोन के दुरुपयोग को रोकना तथा उन्हें वास्तविक मालिकों तक वापस पहुंचाने में सहायता करना है। हालांकि, मोबाइल की बरामदगी जांच और उपलब्ध तकनीकी जानकारी पर निर्भर करती है।
मोबाइल गुम होने पर तुरंत करें शिकायत
सोनभद्र पुलिस ने आम लोगों से अपील की है कि मोबाइल फोन गुम होने या चोरी होने की स्थिति में लापरवाही न बरतें। इसकी सूचना तत्काल नजदीकी थाने में दें और CEIR पोर्टल पर भी शिकायत दर्ज कराएं। मोबाइल का आईएमईआई नंबर और खरीद से संबंधित उपलब्ध दस्तावेज सुरक्षित रखना भी उपयोगी हो सकता है।
पुलिस का कहना है कि समय पर शिकायत मिलने से मोबाइल की पहचान और बरामदगी के प्रयास में मदद मिलती है। इसके साथ ही लोगों को अपने मोबाइल की सुरक्षा के लिए सावधानी बरतनी चाहिए और फोन में मौजूद जरूरी जानकारियों को सुरक्षित रखना चाहिए।
दीपावली के मौके पर 151 लोगों को उनके मोबाइल वापस सौंपकर सोनभद्र पुलिस ने विशेष अभियान की सफलता सामने रखी है। करीब 27 लाख रुपये कीमत के मोबाइल फोन की बरामदगी से उन परिवारों को राहत मिली है, जिनके लिए मोबाइल खोना परेशानी का कारण बना हुआ था। अब पुलिस की अपील है कि मोबाइल गुम होने पर तुरंत शिकायत दर्ज कराएं, ताकि समय रहते उसकी तलाश की जा सके।
