लखनऊ। रणबीर कपूर, साई पल्लवी और यश की बहुप्रतीक्षित फिल्म ‘रामायण: राइज ऑफ ए लेजेंड’ गुरुवार, 5 नवंबर को सिनेमाघरों में रिलीज हो गई। निर्देशक नितेश तिवारी की इस फिल्म को भारतीय सिनेमा की बड़ी और महत्वाकांक्षी परियोजनाओं में शामिल किया जा रहा है। फिल्म में रणबीर कपूर भगवान राम, साई पल्लवी माता सीता, यश रावण, सनी देओल हनुमान और रवि दुबे लक्ष्मण की भूमिका में नजर आ रहे हैं। फिल्म का निर्माण नमित मल्होत्रा की प्राइम फोकस स्टूडियोज ने DNEG और मॉन्स्टर माइंड क्रिएशंस के साथ मिलकर किया है।
निर्माताओं के मुताबिक फिल्म हिंदी, तमिल, तेलुगु, कन्नड़, मलयालम और अंग्रेजी सहित छह भाषाओं में दुनिया भर के सिनेमाघरों में रिलीज हुई है। रिलीज से पहले ही फिल्म अपने भव्य निर्माण, कलाकारों की कास्टिंग, संगीत, वीएफएक्स और कानूनी विवादों को लेकर लगातार सुर्खियों में रही। पहले भाग का बजट करीब 2,000 करोड़ रुपये बताया गया है, जबकि दोनों भागों की कुल लागत लगभग 4,000 करोड़ रुपये बताई जा रही है। Prime Focus Studios+2
रिलीज के साथ सामने आई दर्शकों की मिली-जुली प्रतिक्रिया
फिल्म के सिनेमाघरों में पहुंचते ही दर्शकों की शुरुआती प्रतिक्रियाएं भी सामने आने लगी हैं। सोशल मीडिया पर कुछ दर्शकों ने फिल्म के भव्य सेट, दृश्य प्रभावों और कलाकारों के अभिनय की तारीफ की है। खास तौर पर यश के रावण और रणबीर कपूर के राम के किरदार को लेकर चर्चा हो रही है।
वहीं, कुछ दर्शकों ने फिल्म के संगीत, कहानी की गति, लंबे दृश्यों और कुछ कंप्यूटर जनित दृश्यों पर सवाल उठाए हैं। शुरुआती प्रतिक्रियाओं में फिल्म को लेकर एक जैसी राय नहीं दिख रही है। कुछ दर्शक इसे बड़े पर्दे पर देखने लायक भव्य अनुभव बता रहे हैं, जबकि कुछ को इसके तकनीकी और भावनात्मक पक्ष में कमियां नजर आई हैं। ये शुरुआती दर्शकीय प्रतिक्रियाएं हैं; फिल्म की समग्र समीक्षा और बॉक्स ऑफिस प्रदर्शन का आकलन आने वाले दिनों में अधिक स्पष्ट होगा। moneycontrol.com+2
वीएफएक्स, संगीत और वेशभूषा पर पहले से उठ रहे थे सवाल
‘रामायण’ को बड़े पैमाने पर तैयार किया गया है और इसके प्रचार में भी फिल्म के विजुअल इफेक्ट्स तथा तकनीकी भव्यता को प्रमुखता दी गई। हालांकि ट्रेलर और प्रचार सामग्री सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर इसके वीएफएक्स को लेकर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं। कुछ लोगों ने दृश्यों की भव्यता की तारीफ की, तो कुछ ने कंप्यूटर जनित तस्वीरों को कृत्रिम बताते हुए सवाल उठाए।
फिल्म की वेशभूषा और पात्रों के लुक को लेकर भी बहस हुई। रामायण जैसे धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व वाले महाकाव्य को पर्दे पर उतारने के कारण दर्शकों की अपेक्षाएं भी काफी ऊंची हैं। ऐसे में पात्रों की प्रस्तुति, उनके रूप-रंग, संवाद और कहानी के चित्रण को लेकर दर्शकों की प्रतिक्रियाएं स्वाभाविक रूप से चर्चा का विषय बनी हुई हैं।
संगीत को लेकर भी फिल्म रिलीज से पहले बहस रही। फिल्म के संगीत की जिम्मेदारी ए.आर. रहमान और हंस जिमर ने संभाली है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चित संगीतकारों के साथ इस परियोजना से जुड़ी उम्मीदें काफी बड़ी थीं। अब फिल्म देखने के बाद कुछ दर्शक इसके बैकग्राउंड स्कोर की सराहना कर रहे हैं, जबकि कुछ संगीत और दृश्यों के तालमेल को लेकर अपनी असहमति जता रहे हैं। moneycontrol.com+2
रणबीर कपूर और साई पल्लवी के पुराने बयान भी बने चर्चा की वजह
फिल्म की कास्टिंग को लेकर भी रिलीज से पहले सोशल मीडिया पर बहस देखने को मिली। रणबीर कपूर के पुराने बयानों और उनके निजी खान-पान से जुड़ी 2011 की एक टिप्पणी को लेकर कुछ यूजर्स ने सवाल उठाए। इसके अलावा 2022 में उज्जैन के महाकाल मंदिर जाने के दौरान हुए विरोध को भी उनकी भगवान राम की भूमिका से जोड़कर चर्चा की गई।
साई पल्लवी भी अपने पुराने बयानों को लेकर सोशल मीडिया पर आलोचना का सामना कर चुकी हैं। कश्मीरी पंडितों से जुड़ी टिप्पणी और भीड़ हिंसा पर उनके विचारों को लेकर विवाद हुआ था। भारतीय सेना से संबंधित उनकी एक पुरानी टिप्पणी भी चर्चा में रही। अभिनेत्री की ओर से पहले यह कहा गया था कि उनकी बातों को संदर्भ से अलग करके पेश किया गया। इन पुराने विवादों को फिल्म की रिलीज के समय फिर से उठाया गया, हालांकि इनका फिल्म की कहानी या निर्माण से सीधा संबंध नहीं है।
फिल्म में धार्मिक और ऐतिहासिक महत्व वाले पात्रों को निभाने वाले कलाकारों को लेकर दर्शकों की अपेक्षाएं पहले से ही काफी ऊंची थीं। इसी वजह से कलाकारों की निजी जिंदगी, पुराने बयान और सार्वजनिक छवि भी फिल्म से जुड़ी सोशल मीडिया चर्चाओं का हिस्सा बन गए।
रामायण के अधिकारों को लेकर बॉम्बे हाईकोर्ट में अलग विवाद
फिल्म की रिलीज से पहले अधिकारों को लेकर एक अलग कारोबारी और कानूनी विवाद भी बॉम्बे हाईकोर्ट पहुंचा। 3 नवंबर को अदालत ने Phantom Studios India Pvt. Ltd. की ओर से मांगी गई अंतरिम राहत देने से इनकार कर दिया। यह मामला 19 अप्रैल 2024 को हुए एक असाइनमेंट एग्रीमेंट से जुड़ा था, जिसके तहत ‘प्रोजेक्ट रामायण’ के बौद्धिक संपदा अधिकार Prime Focus Technologies Limited को सौंपे गए थे।
अदालत के सामने विवाद का एक प्रमुख पहलू यह था कि समझौते में शामिल कुछ पक्षों पर दिवाली 2027 तक रामायण या उसके प्रमुख पात्रों से संबंधित अन्य परियोजनाओं के निर्माण और प्रचार पर प्रतिबंध लागू था। Phantom Studios ने दावा किया था कि बदली हुई कारोबारी परिस्थितियों के बाद उस पर यह प्रतिबंध जारी नहीं रहना चाहिए। कंपनी ने समझौते के तहत कथित तौर पर किए गए 9 करोड़ रुपये के भुगतान संबंधी आश्वासन का मुद्दा भी उठाया था।
अदालत ने अंतरिम राहत देने से इनकार करते हुए कहा कि समझौते में प्रतिबंध की अवधि स्पष्ट रूप से दिवाली 2027 तक तय है और उसे समाप्त करने के लिए कोई लिखित संशोधन या सहमति प्रस्तुत नहीं की गई। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि कथित 9 करोड़ रुपये के अलग भुगतान का दावा अभी साबित नहीं माना जा सकता। यह आदेश अंतरिम राहत से संबंधित था; पक्षकारों के अन्य दावे और विवाद आगे की कानूनी प्रक्रिया के लिए खुले रहेंगे। indiankanoon.org
पाइरेसी रोकने के लिए भी अदालत पहुंचा मामला
फिल्म की रिलीज से ठीक पहले पाइरेसी रोकने के लिए भी बॉम्बे हाईकोर्ट का रुख किया गया। 2 नवंबर को अदालत ने फिल्म के कॉपीराइट की सुरक्षा के लिए अंतरिम आदेश जारी किया। इसके तहत अज्ञात लोगों और डिजिटल प्लेटफॉर्म को फिल्म या उसके किसी हिस्से की अनधिकृत रिकॉर्डिंग, अपलोडिंग, डाउनलोडिंग, स्ट्रीमिंग और वितरण से रोका गया।
यह याचिका Godpower Media Private Limited की ओर से दायर की गई थी। कंपनी ने अदालत को बताया था कि फिल्म के ट्रेलर और कुछ अप्रकाशित फुटेज की रिकॉर्डिंग करके उन्हें इंटरनेट पर प्रसारित किया गया। याचिकाकर्ता के मुताबिक, ऐसे हजारों अनधिकृत लिंक सामने आए थे। अदालत ने इंटरनेट सेवा प्रदाताओं और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म को शिकायत मिलने पर संबंधित पाइरेटेड सामग्री और लिंक हटाने के निर्देश दिए।
इस मामले में अदालत के सामने फिल्म के पहले भाग का बजट करीब 2,000 करोड़ रुपये बताया गया। साथ ही दोनों भागों की कुल अनुमानित लागत लगभग 4,000 करोड़ रुपये बताई गई। अदालत का यह आदेश फिल्म के कॉपीराइट और पाइरेसी से सुरक्षा के लिए था, जबकि अधिकारों के असाइनमेंट से जुड़ा Phantom Studios का विवाद अलग मामला है। livelawbiz.com+1
धार्मिक महाकाव्य को बड़े पर्दे पर उतारने की चुनौती
‘रामायण: राइज ऑफ ए लेजेंड’ केवल एक बड़े बजट की फिल्म नहीं है, बल्कि भारतीय संस्कृति और धार्मिक परंपरा से जुड़े एक महाकाव्य की सिनेमाई प्रस्तुति भी है। यही वजह है कि फिल्म को लेकर दर्शकों की अपेक्षाएं सामान्य फिल्मों से अलग हैं। भगवान राम, माता सीता, लक्ष्मण, हनुमान और रावण जैसे पात्रों को पर्दे पर प्रस्तुत करने में कहानी, संवाद, वेशभूषा, संगीत और दृश्य प्रभावों के साथ सांस्कृतिक संवेदनशीलता भी महत्वपूर्ण है।
निर्देशक नितेश तिवारी के सामने चुनौती इस महाकाव्य को आधुनिक तकनीक और बड़े सिनेमाई कैनवास पर प्रस्तुत करने की है। फिल्म का पहला भाग राम के जीवन और वनवास से जुड़ी घटनाओं को सामने लाता है। इसे दो भागों में बनाने की योजना है और दूसरे भाग को दिवाली 2027 के आसपास रिलीज करने की तैयारी बताई गई थी।
फिलहाल फिल्म रिलीज के साथ ही दर्शकों की प्रतिक्रियाएं, कलाकारों की भूमिकाएं, वीएफएक्स और कानूनी विवाद चर्चा में हैं। करीब 2,000 करोड़ रुपये के बजट वाली इस फिल्म के लिए अब सबसे अहम सवाल यही है कि क्या यह दर्शकों की भारी उम्मीदों पर खरी उतर पाएगी और बॉक्स ऑफिस पर कैसा प्रदर्शन करेगी। इसका जवाब आने वाले दिनों में दर्शकों की प्रतिक्रिया और कमाई के आंकड़ों से सामने आएगा।