“दिल्ली के रामलीला मैदान में 1 नवंबर 2026 को INDIA गठबंधन की महारैली होगी। 10 लाख लोगों के पहुंचने का दावा, जबकि पुलिस का इनपुट 70 हजार का है। दिल्ली पुलिस ने 4000 जवान, 200 CCTV कैमरे और 14 जोन में सुरक्षा व्यवस्था की है।“
नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली में रविवार, 1 नवंबर को होने वाली INDIA गठबंधन की महारैली को लेकर सुरक्षा व्यवस्था बेहद सख्त कर दी गई है। रामलीला मैदान में आयोजित होने वाली इस रैली में विपक्षी दलों की ओर से करीब 10 लाख लोगों के पहुंचने का दावा किया जा रहा है। हालांकि, दिल्ली पुलिस को मिले खुफिया इनपुट के अनुसार रैली में लगभग 70 हजार लोगों के शामिल होने की संभावना है। संभावित भीड़ को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने सुरक्षा, यातायात नियंत्रण और निगरानी के व्यापक इंतजाम किए हैं।
रैली के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए करीब 4000 पुलिसकर्मियों की तैनाती की योजना तैयार की गई है। इसके अलावा मैदान और आसपास के इलाकों में 200 से अधिक CCTV कैमरों से निगरानी होगी। सुरक्षा एजेंसियां किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए अलर्ट मोड पर रहेंगी।
रामलीला मैदान पहुंचे दिल्ली पुलिस आयुक्त, सुरक्षा तैयारियों का लिया जायजा
रैली से पहले शनिवार दोपहर दिल्ली पुलिस आयुक्त अनुराग कुमार और विशेष पुलिस आयुक्त (लॉ एंड ऑर्डर) देवेश चंद्र श्रीवास्तव ने रामलीला मैदान पहुंचकर सुरक्षा तैयारियों का निरीक्षण किया।
दोनों वरिष्ठ अधिकारियों ने मौके पर मौजूद पुलिस अधिकारियों और संबंधित कर्मचारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि रैली के दौरान संदिग्ध व्यक्तियों और उनकी गतिविधियों पर विशेष नजर रखी जाए।
खास तौर पर मैदान के प्रवेश और निकास द्वारों पर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत रखने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि भीड़ के दबाव में भगदड़, अव्यवस्था या किसी अन्य अप्रिय घटना की आशंका को कम किया जा सके।
14 जोन में बांटा गया रामलीला मैदान, हर जोन की जिम्मेदारी वरिष्ठ अधिकारियों को
दिल्ली पुलिस ने सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन को बेहतर बनाने के लिए रामलीला मैदान को 14 अलग-अलग जोन में विभाजित किया है। प्रत्येक जोन की जिम्मेदारी एसीपी रैंक के अधिकारी को सौंपी जाएगी।
दो जोन की निगरानी एडिशनल डीसीपी रैंक के अधिकारी करेंगे। इस व्यवस्था का उद्देश्य किसी भी समस्या की स्थिति में तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करना और पूरे कार्यक्रम पर वरिष्ठ अधिकारियों की सीधी निगरानी बनाए रखना है।
रैली में शामिल होने वाले लोगों की जांच के लिए प्रवेश द्वारों पर मेटल डिटेक्टर लगाए गए हैं। सुरक्षा जांच के बाद ही लोगों को मैदान में प्रवेश दिया जाएगा।
200 से अधिक CCTV कैमरों से होगी निगरानी
रैली की सुरक्षा में तकनीक का भी व्यापक इस्तेमाल किया जाएगा। रामलीला मैदान और आसपास के संवेदनशील स्थानों पर 200 से अधिक CCTV कैमरे लगाए जाएंगे।
इसके साथ ही पुलिसकर्मियों को बॉडी-वॉर्न कैमरों से लैस किया जाएगा। इन कैमरों के माध्यम से मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों की गतिविधियों और सुरक्षा व्यवस्था पर नजर रखी जा सकेगी।
किसी भी अप्रिय घटना या कानून-व्यवस्था से जुड़ी चुनौती का सामना करने के लिए दंगा नियंत्रण वाहनों और निगरानी उपकरणों से लैस विशेष गाड़ियों को भी तैनात किया जाएगा।
सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक प्रस्तावित है रैली
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, रैली का प्रस्तावित समय रविवार सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक निर्धारित किया गया है। इस दौरान वरिष्ठ पुलिस अधिकारी लगातार सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी करेंगे।
पुलिस की प्राथमिकता भीड़ का व्यवस्थित प्रवेश, सुरक्षित निकास और मैदान के भीतर अनुशासन बनाए रखना है। इसके लिए अलग-अलग स्तर पर अधिकारियों और पुलिसकर्मियों की जिम्मेदारियां तय की गई हैं।
यातायात व्यवस्था के लिए 150 अतिरिक्त पुलिसकर्मी तैनात
रामलीला मैदान में बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने की संभावना को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने यातायात प्रबंधन की भी अलग योजना तैयार की है।
प्रमुख चौराहों और आसपास के मार्गों पर 150 अतिरिक्त ट्रैफिक पुलिसकर्मियों की तैनाती की जाएगी। इसके अलावा आयोजकों को पार्किंग व्यवस्था निर्धारित करने के लिए ट्रैफिक पुलिस के साथ समन्वय करने के निर्देश दिए गए हैं।
रैली में शामिल होने वाले लोगों को लाने वाली बसों और अन्य वाहनों का विवरण भी आयोजकों से मांगा गया है, ताकि वाहनों की आवाजाही और पार्किंग के दौरान किसी तरह की परेशानी न हो।
आयोजकों को भी सौंपी गई सुरक्षा व्यवस्था की जिम्मेदारी
दिल्ली पुलिस ने स्पष्ट किया है कि रैली की सुरक्षा केवल पुलिस प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं होगी, बल्कि आयोजकों को भी इसमें सहयोग करना होगा।
आयोजकों को रणनीतिक स्थानों पर हाई-डेफिनिशन CCTV कैमरे लगाने और उनकी निगरानी के लिए कंट्रोल रूम बनाने के निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा रैली में शामिल होने वाले आमंत्रित लोगों, स्वयंसेवकों और उन्हें लाने वाली बसों की जानकारी भी उपलब्ध कराने को कहा गया है।
पुलिस ने यह भी निर्देश दिया है कि मैदान में रात के समय किसी को रुकने की अनुमति नहीं होगी। कार्यक्रम के दौरान अनुशासन बनाए रखने और ऐसे भाषणों से बचने की हिदायत दी गई है, जिनसे सांप्रदायिक सौहार्द प्रभावित होने की आशंका हो।
दिल्ली में 16 नवंबर तक रहेंगी CAPF की 270 कंपनियां
रैली और विभिन्न संगठनों की ओर से संभावित विरोध-प्रदर्शनों को देखते हुए केंद्र सरकार ने दिल्ली में केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (CAPF) की 270 कंपनियों की तैनाती को तीसरी बार बढ़ाया है।
अब ये कंपनियां 16 नवंबर तक दिल्ली में तैनात रहेंगी। इससे राजधानी में कानून-व्यवस्था बनाए रखने और किसी भी आकस्मिक स्थिति से निपटने के लिए सुरक्षा एजेंसियों को अतिरिक्त सहायता मिलेगी।
10 लाख के दावे और 70 हजार के पुलिस इनपुट पर टिकी नजर
इस रैली में सबसे ज्यादा चर्चा आयोजकों के 10 लाख लोगों के पहुंचने के दावे और पुलिस के करीब 70 हजार लोगों के खुफिया इनपुट को लेकर है। दोनों आंकड़ों में बड़ा अंतर है।
ऐसे में दिल्ली पुलिस के सामने भीड़ का वास्तविक आकलन करने, यातायात व्यवस्था बनाए रखने और सुरक्षा इंतजामों को प्रभावी ढंग से लागू करने की चुनौती होगी।
रामलीला मैदान में होने वाली यह महारैली INDIA गठबंधन के लिए राजनीतिक रूप से भी अहम मानी जा रही है। रैली में जुटने वाली भीड़, विपक्षी नेताओं के संबोधन और सुरक्षा व्यवस्था पर पूरे देश की नजर रहेगी।
देश-दुनिया की हर बड़ी खबर, सबसे पहले और सबसे सटीक…
राजनीति, चुनाव, मनोरंजन, खेल और देश-प्रदेश की हर महत्वपूर्ण हलचल से अपडेट रहने के लिए जुड़े रहिए यूपी 24 नेटवर्क न्यूज़के साथ। सत्ता के गलियारों से लेकर आम जनता के मुद्दों तक, चुनावी बयानबाज़ी से लेकर खास पड़ताल और एक्सक्लूसिव रिपोर्ट्स तक—हम पहुंचाते हैं आपके लिए खबरों का सटीक विश्लेषण और हर खबर की पूरी जानकारी।
खबर वही, जो आप तक पहुंचे सबसे पहले और भरोसे के साथ।
यूपी 24 नेटवर्क न्यूज़— आपकी आवाज़, आपकी खबर, आपका भरोसा..
