राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (NEET) को लेकर देशभर में जारी छात्र आंदोलन और राजनीतिक हलचल के बीच कांग्रेस नेता एवं लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी समेत विपक्षी दलों ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। संसद के भीतर और बाहर विपक्ष ने परीक्षा प्रणाली, छात्रों के विरोध प्रदर्शन और पुलिस कार्रवाई को लेकर सरकार को घेरते हुए जवाबदेही तय करने की मांग की।
संसद के दोनों सदनों में विपक्षी सांसदों ने NEET विवाद, परीक्षा सुधार, छात्र आंदोलन और प्रदर्शनकारियों पर हुई पुलिस कार्रवाई का मुद्दा उठाया। विपक्ष ने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग दोहराई और कहा कि सरकार को इस पूरे मामले पर विस्तृत चर्चा करानी चाहिए। इसके चलते संसद की कार्यवाही भी कई बार बाधित रही।
राहुल गांधी ने सरकार पर लगाए गंभीर आरोप
राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि सरकार युवाओं और छात्रों के भविष्य से जुड़े मुद्दों को गंभीरता से नहीं ले रही है। उन्होंने कहा कि परीक्षा प्रणाली में लगातार सामने आ रही अनियमितताओं ने लाखों छात्रों का विश्वास कमजोर किया है और सरकार को इसकी जिम्मेदारी स्वीकार करनी चाहिए।
राहुल गांधी ने यह भी कहा कि विपक्ष संसद में छात्रों की आवाज उठाता रहेगा और परीक्षा प्रणाली को अधिक पारदर्शी एवं जवाबदेह बनाने की मांग करता रहेगा। ये बयान राहुल गांधी द्वारा दिए गए हैं।
विपक्ष ने संसद में किया जोरदार विरोध
कांग्रेस, समाजवादी पार्टी समेत कई विपक्षी दलों ने संसद में सरकार को घेरते हुए NEET परीक्षा विवाद और हालिया छात्र आंदोलन पर तत्काल चर्चा की मांग की। विपक्षी सांसदों ने राज्यसभा में नियम 267 के तहत सामान्य कार्यवाही स्थगित कर इस मुद्दे पर चर्चा कराने का नोटिस भी दिया।
विपक्ष का कहना है कि यह केवल एक परीक्षा का मामला नहीं बल्कि देश के करोड़ों युवाओं के भविष्य से जुड़ा विषय है, इसलिए इस पर संसद में विस्तृत बहस होनी चाहिए।
पुलिस कार्रवाई पर भी उठे सवाल
दिल्ली में विरोध प्रदर्शन के दौरान राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा, अखिलेश यादव समेत कई विपक्षी नेताओं को हिरासत में लिए जाने के बाद विपक्ष ने सरकार की कार्रवाई की आलोचना की।
कांग्रेस ने आरोप लगाया कि शांतिपूर्ण विरोध कर रहे नेताओं और कार्यकर्ताओं के साथ बल प्रयोग किया गया। पार्टी ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में विरोध प्रदर्शन प्रत्येक नागरिक और राजनीतिक दल का अधिकार है। दूसरी ओर प्रशासन का कहना है कि सुरक्षा और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम उठाए गए।
सरकार का पक्ष
केंद्र सरकार ने विपक्ष के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि परीक्षा प्रणाली में सुधार के लिए लगातार कदम उठाए जा रहे हैं। शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने हाल ही में घोषणा की कि वर्ष 2027 से NEET-UG पूरी तरह कंप्यूटर आधारित परीक्षा (CBT) के रूप में आयोजित की जाएगी।
सरकार का कहना है कि इस बदलाव का उद्देश्य परीक्षा प्रणाली को अधिक सुरक्षित, पारदर्शी और तकनीकी रूप से मजबूत बनाना है। सरकार ने यह भी कहा कि वह संसद में इस मुद्दे पर चर्चा के लिए तैयार है, लेकिन विपक्ष लगातार हंगामा कर रहा है।
देशभर में जारी है आंदोलन
दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्र संगठनों और कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेतृत्व में आंदोलन जारी है। विभिन्न राज्यों में भी छात्र और समर्थक प्रदर्शन कर रहे हैं। आंदोलनकारी परीक्षा प्रणाली में व्यापक सुधार, कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच और जवाबदेही तय करने की मांग कर रहे हैं।
राजधानी दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। कई स्थानों पर अतिरिक्त पुलिस बल और केंद्रीय अर्धसैनिक बलों की तैनाती की गई है ताकि कानून-व्यवस्था बनी रहे।
राजनीतिक माहौल हुआ गरम
इस पूरे घटनाक्रम ने राष्ट्रीय राजनीति को भी प्रभावित किया है। विपक्ष लगातार इस मुद्दे को संसद और जनता के बीच उठा रहा है, जबकि सरकार परीक्षा सुधार और प्रशासनिक कार्रवाई का हवाला देकर अपने फैसलों का बचाव कर रही है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि छात्र आंदोलन और NEET विवाद आने वाले दिनों में भी राष्ट्रीय राजनीति का प्रमुख मुद्दा बना रह सकता है। हालांकि इस विषय पर अलग-अलग राजनीतिक दलों के अपने-अपने दृष्टिकोण हैं और बयानबाजी लगातार जारी है।
आगे क्या?
विपक्ष ने संकेत दिए हैं कि यदि उनकी मांगों पर संतोषजनक जवाब नहीं मिलता है तो संसद और सड़क दोनों जगह विरोध जारी रहेगा। दूसरी ओर सरकार परीक्षा सुधारों को आगे बढ़ाने और स्थिति को सामान्य बनाए रखने की बात कह रही है।
यह घटनाक्रम अभी विकसित हो रहा है। आने वाले दिनों में संसद की कार्यवाही, सरकार के अगले कदम और आंदोलनकारी संगठनों की रणनीति के आधार पर स्थिति में नए बदलाव देखने को मिल सकते हैं।