देश के कई हिस्सों में मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने उत्तर प्रदेश समेत कई राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। मौसम विभाग के अनुसार, उत्तर भारत, मध्य भारत, पूर्वी भारत और दक्षिण भारत के कई हिस्सों में अगले कुछ दिनों तक तेज बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं का दौर जारी रह सकता है। इसके चलते निचले इलाकों में जलभराव, बाढ़ जैसी स्थिति और पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन का खतरा भी बढ़ गया है।
मौसम विभाग के ताजा बुलेटिन के मुताबिक उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, राजस्थान, मध्य प्रदेश, बिहार, झारखंड, ओडिशा, पश्चिम बंगाल, गुजरात, महाराष्ट्र, कर्नाटक, तेलंगाना और आंध्र प्रदेश सहित कई राज्यों में अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश की संभावना है। लोगों को खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है।
उत्तर प्रदेश के सभी जिलों में बारिश की संभावना
उत्तर प्रदेश में मानसून पूरी तरह सक्रिय बना हुआ है। मौसम विभाग ने प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। कई जिलों में अगले दो से तीन दिनों तक लगातार बारिश होने की संभावना जताई गई है।
पूर्वी और मध्य उत्तर प्रदेश के जिलों में कहीं-कहीं बहुत भारी वर्षा हो सकती है, जबकि पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भी तेज बारिश और गरज-चमक के साथ बिजली गिरने की आशंका व्यक्त की गई है। लगातार बारिश के कारण नदियों के जलस्तर पर भी प्रशासन नजर बनाए हुए है।
इन राज्यों में भी भारी बारिश का अलर्ट
IMD के अनुसार उत्तर प्रदेश के अलावा उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर के पहाड़ी क्षेत्रों में भारी से अत्यधिक भारी बारिश हो सकती है। इन राज्यों में भूस्खलन, सड़क बंद होने और अचानक बाढ़ आने का खतरा बना हुआ है।
मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में भी कई स्थानों पर भारी बारिश की संभावना है। वहीं बिहार, झारखंड, ओडिशा और पश्चिम बंगाल में गरज-चमक के साथ तेज वर्षा का पूर्वानुमान जारी किया गया है।
दक्षिण भारत में कर्नाटक, तेलंगाना और आंध्र प्रदेश के कई हिस्सों में भी भारी बारिश और तेज हवाएं चलने की संभावना है। पश्चिमी भारत के गुजरात, महाराष्ट्र और कोंकण क्षेत्र में भी मानसून का प्रभाव बढ़ने की संभावना जताई गई है।
क्यों बढ़ रही है बारिश?
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार सक्रिय मानसूनी ट्रफ, कम दबाव का क्षेत्र और पश्चिमी विक्षोभ के संयुक्त प्रभाव से देश के कई हिस्सों में व्यापक वर्षा हो रही है। यही कारण है कि उत्तर भारत से लेकर दक्षिण भारत तक मानसून की गतिविधियां तेज बनी हुई हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले दिनों में भी कई राज्यों में बारिश का सिलसिला जारी रह सकता है, इसलिए स्थानीय प्रशासन और आपदा प्रबंधन एजेंसियों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।
लोगों के लिए एडवाइजरी
भारी बारिश को देखते हुए मौसम विभाग ने लोगों से अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की है। विशेष रूप से पहाड़ी क्षेत्रों में जाने वाले पर्यटकों को मौसम की ताजा जानकारी लेकर ही यात्रा करने की सलाह दी गई है।
बिजली चमकने के दौरान खुले मैदान, पेड़ों के नीचे या जलभराव वाले क्षेत्रों में जाने से बचने की सलाह दी गई है। किसानों से भी मौसम की स्थिति को देखते हुए कृषि कार्यों की योजना बनाने को कहा गया है।
शहरी क्षेत्रों में जलभराव की स्थिति बनने पर वाहन चालकों को सावधानी बरतने और प्रशासन द्वारा जारी यातायात सलाह का पालन करने की अपील की गई है।
प्रशासन अलर्ट मोड पर
लगातार बारिश की संभावना को देखते हुए कई राज्यों में जिला प्रशासन और आपदा प्रबंधन विभाग अलर्ट मोड पर हैं। संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी बढ़ा दी गई है और राहत एवं बचाव दलों को तैयार रहने के निर्देश दिए गए हैं।
नदी किनारे रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। जिन क्षेत्रों में पहले से जलभराव की समस्या रहती है वहां स्थानीय प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है। कई नगर निकायों ने जलनिकासी व्यवस्था को दुरुस्त करने के निर्देश भी जारी किए हैं।
अगले कुछ दिनों तक रहेगा असर
मौसम विभाग का अनुमान है कि मानसून की सक्रियता अगले कुछ दिनों तक बनी रहेगी। उत्तर भारत, पूर्वी भारत और मध्य भारत के कई हिस्सों में रुक-रुक कर भारी बारिश जारी रह सकती है।
विशेषज्ञों का कहना है कि मौसम की स्थिति लगातार बदल सकती है, इसलिए नागरिकों को आधिकारिक मौसम बुलेटिन पर नजर बनाए रखनी चाहिए। यदि किसी जिले में रेड या ऑरेंज अलर्ट जारी किया जाता है तो प्रशासन द्वारा जारी सुरक्षा निर्देशों का पालन करना बेहद जरूरी होगा।