राजधानी लखनऊ में नए आवासीय इलाकों के विस्तार का रास्ता साफ हो गया है। लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) ने छह नई टाउनशिप के डीपीआर को मंजूरी दे दी है। इन योजनाओं में कुल फ्लैटों का 20 प्रतिशत हिस्सा किफायती आवास के लिए रखा जाएगा। इससे मध्यम और कम आय वर्ग के लोगों के लिए राजधानी में घर खरीदने के नए विकल्प उपलब्ध होने की उम्मीद है। (livehindustan.com)
LDA उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार के मुताबिक बोर्ड ने छह नई टाउनशिप के डीपीआर को मंजूरी दी है। इन परियोजनाओं का उद्देश्य लखनऊ में बढ़ती आवासीय जरूरत को पूरा करने के साथ योजनाबद्ध तरीके से नए क्षेत्रों का विकास करना है। (livehindustan.com)
6 नई टाउनशिप से बढ़ेगा आवास का विकल्प
LDA की मंजूरी के बाद अलग-अलग क्षेत्रों में निजी डेवलपर्स द्वारा नई टाउनशिप विकसित की जाएंगी। इनमें आवासीय सुविधाओं के साथ सड़क, पार्क, जलनिकासी, बिजली और अन्य जरूरी बुनियादी ढांचे के विकास की योजना होगी।
नई टाउनशिप से राजधानी की आवासीय क्षमता बढ़ेगी और तेजी से विकसित हो रहे बाहरी इलाकों में नियोजित शहरी विस्तार को बढ़ावा मिल सकता है।
20% फ्लैट होंगे किफायती
इन नई टाउनशिप की सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि कुल फ्लैटों में 20 प्रतिशत फ्लैट किफायती श्रेणी के होंगे। इससे उन लोगों को फायदा मिलने की उम्मीद है जो लखनऊ में अपना घर खरीदना चाहते हैं लेकिन महंगे आवासीय प्रोजेक्ट उनके बजट से बाहर हैं। (livehindustan.com)
किफायती आवास की व्यवस्था से शहर में बढ़ती आवासीय मांग को पूरा करने और अलग-अलग आय वर्ग के लोगों के लिए विकल्प उपलब्ध कराने में मदद मिल सकती है।
किन इलाकों में विकसित होंगी टाउनशिप?
LDA की मंजूरी वाली परियोजनाओं में अलग-अलग क्षेत्रों की जमीन शामिल है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक शालीमार कॉर्प बक्कास में करीब 52.686 एकड़, तनकिश इन्फ्राटेक कमालपुर सिरसा, बेहड़ और करौदी में 50 एकड़, जबकि बाबा इन्फ्रा डेवलपर्स माती गांव, रायबरेली रोड पर करीब 51.94 एकड़ में टाउनशिप विकसित करेगी। (livehindustan.com)
बाकी परियोजनाओं से जुड़े विस्तृत क्षेत्र और विकास मानकों की जानकारी परियोजनाओं के आगे के चरण में स्पष्ट होगी।
शहर के विस्तार को मिलेगी रफ्तार
लखनऊ लगातार तेजी से फैल रहा है और नए आवासीय क्षेत्रों की मांग बढ़ रही है। शहर के मौजूदा विकसित इलाकों में जमीन और मकानों की कीमतें बढ़ने के कारण बाहरी क्षेत्रों में योजनाबद्ध विकास की जरूरत बढ़ी है।
नई टाउनशिप इस जरूरत को पूरा करने के साथ राजधानी के भविष्य के शहरी विस्तार को व्यवस्थित करने में मदद कर सकती हैं।
LDA की भूमिका होगी महत्वपूर्ण
इन परियोजनाओं के विकास में LDA की भूमिका केवल मंजूरी तक सीमित नहीं होगी। प्राधिकरण को संबंधित विकास मानकों, नक्शों, बुनियादी सुविधाओं और निर्धारित नियमों के अनुपालन पर नजर रखनी होगी।
टाउनशिप के विकास में सड़क, जलापूर्ति, सीवर, बिजली, पार्क और अन्य नागरिक सुविधाओं की योजना को भी महत्वपूर्ण माना जाएगा।
रोजगार और स्थानीय कारोबार को भी फायदा
नई टाउनशिप विकसित होने से निर्माण क्षेत्र में प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर बढ़ सकते हैं। इसके अलावा निर्माण सामग्री, परिवहन, स्थानीय दुकानों और दूसरी सेवाओं की मांग भी बढ़ने की संभावना है।
आवासीय क्षेत्र विकसित होने के बाद आसपास स्कूल, स्वास्थ्य सेवाएं, बाजार और अन्य सुविधाओं के लिए नए कारोबारी अवसर भी पैदा हो सकते हैं।
किफायती घर की तलाश करने वालों के लिए अवसर
लखनऊ में पहले भी किफायती आवास से जुड़ी योजनाओं को मंजूरी मिल चुकी है। अगस्त में LDA की दो अन्य योजनाओं में 2,640 फ्लैट बनाने और 1BHK फ्लैट की कीमत करीब ₹8.99 लाख रखने की जानकारी सामने आई थी। (livehindustan.com)
ऐसे में छह नई टाउनशिप में 20 प्रतिशत किफायती फ्लैट का प्रावधान उन परिवारों के लिए महत्वपूर्ण हो सकता है जो राजधानी में अपेक्षाकृत कम कीमत पर आवास की तलाश कर रहे हैं।
हालांकि इन छह परियोजनाओं में फ्लैटों की अंतिम कीमत, बुकिंग की तारीख और आवेदन प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी संबंधित डेवलपर्स तथा LDA की आधिकारिक घोषणाओं के बाद ही स्पष्ट होगी।
योजनाबद्ध विकास से कम हो सकता है अनियोजित विस्तार
लखनऊ के बाहरी इलाकों में तेजी से हो रहा निर्माण कई बार बुनियादी सुविधाओं पर दबाव बढ़ाता है। योजनाबद्ध टाउनशिप मॉडल के जरिए आवासीय विकास के साथ सड़क, सीवर, जलनिकासी और सार्वजनिक सुविधाओं को एकीकृत तरीके से विकसित किया जा सकता है।
यही वजह है कि नई टाउनशिप को राजधानी के दीर्घकालिक शहरी विकास की दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
LDA की दूसरी बड़ी योजनाओं के बीच अहम फैसला
LDA पहले से ही राजधानी में कई बड़े आवासीय और शहरी विकास प्रोजेक्ट पर काम कर रहा है। प्रबंध नगर योजना को भी अगस्त में मंजूरी मिलने के बाद उसके विकास का रास्ता खुला है, जबकि वशिष्ठ नगर जैसी योजनाओं के जरिए शहर के बाहरी क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर विस्तार की तैयारी चल रही है। (amarujala.com)
छह नई टाउनशिप की मंजूरी इसी व्यापक शहरी विस्तार की कड़ी मानी जा सकती है।
आगे क्या होगा?
LDA बोर्ड से डीपीआर मंजूर होने के बाद अब संबंधित परियोजनाओं के विकास की अगली प्रक्रियाएं आगे बढ़ेंगी। जमीन, लेआउट, निर्माण और नागरिक सुविधाओं से जुड़े विभिन्न चरण पूरे होने के बाद ही लोगों के लिए वास्तविक आवासीय विकल्प उपलब्ध होंगे।
फिलहाल छह नई टाउनशिप को मंजूरी और 20 प्रतिशत किफायती फ्लैट का प्रावधान लखनऊ में घर खरीदने की तैयारी कर रहे लोगों के लिए अहम खबर है। आने वाले समय में इन परियोजनाओं की कीमत, बुकिंग और निर्माण की समयसीमा से जुड़ी जानकारी सामने आने की उम्मीद है। (livehindustan.com)