केरल के वायनाड जिले में मंगलवार को लगातार हो रही भारी मानसूनी बारिश के बीच एक भीषण भूस्खलन की घटना सामने आई, जिसका वीडियो कैमरे में कैद हो गया। भूस्खलन की यह घटना कल्लाडी क्षेत्र में मीनाक्षी ब्रिज के पास हुई, जहां मलप्पुरम और वायनाड को जोड़ने वाली अनाक्कमपोयिल-मेप्पाडी टनल सड़क परियोजना का निर्माण कार्य चल रहा था। घटना के समय निर्माण स्थल पर कई मजदूर मौजूद थे। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, इस हादसे में दो लोगों की मौत हो गई है, जबकि कई अन्य के मलबे में फंसे होने की आशंका है। राहत एवं बचाव अभियान लगातार जारी है।
प्रत्यक्षदर्शियों द्वारा रिकॉर्ड किए गए वीडियो में देखा जा सकता है कि पहाड़ी से अचानक भारी मात्रा में मिट्टी, चट्टानें और मलबा नीचे की ओर तेजी से गिरने लगता है। घटना के दौरान मौके पर मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई और कई लोग जान बचाने के लिए सुरक्षित स्थानों की ओर भागते दिखाई दिए। सोशल मीडिया पर यह वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है और हादसे की भयावहता को दर्शाता है।
यह हादसा सोमवार रात से जारी मूसलाधार बारिश के बाद हुआ। लगातार वर्षा के कारण पहाड़ी क्षेत्र की मिट्टी कमजोर हो गई थी, जिसके चलते अचानक भूस्खलन हुआ। जिस स्थान पर हादसा हुआ, वहां सुरंग निर्माण का कार्य चल रहा था और बड़ी संख्या में निर्माण श्रमिक काम कर रहे थे। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, लगभग 10 लोगों के मलबे में फंसे होने की आशंका जताई गई है, हालांकि आधिकारिक संख्या अभी जारी नहीं की गई है। आधिकारिक पुष्टि अभी बाकी है।
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन, केरल फायर एंड रेस्क्यू सर्विस, पुलिस, राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF) और अन्य राहत एजेंसियां मौके पर पहुंच गईं। बचाव दल भारी मशीनों, जेसीबी और विशेष उपकरणों की मदद से मलबा हटाकर फंसे लोगों की तलाश कर रहे हैं। स्थानीय लोगों ने भी शुरुआती बचाव अभियान में प्रशासन की मदद की और कुछ मजदूरों को सुरक्षित बाहर निकालने में सहयोग किया।
अधिकारियों के अनुसार, हादसे में कई लोग घायल भी हुए हैं। घायलों को तत्काल नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है, जहां उनका उपचार जारी है। विभिन्न मीडिया रिपोर्टों में घायलों की संख्या अलग-अलग बताई गई है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि राहत अभियान पूरा होने के बाद ही मृतकों, घायलों और लापता लोगों की अंतिम संख्या की पुष्टि की जाएगी। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, छह से सात लोग घायल हुए हैं।
केरल सरकार ने घटना को गंभीरता से लेते हुए सभी संबंधित विभागों को युद्धस्तर पर राहत और बचाव कार्य करने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने वरिष्ठ अधिकारियों के साथ आपात बैठक कर स्थिति की समीक्षा की और सभी एजेंसियों के बीच समन्वय स्थापित करने के निर्देश दिए। जिला प्रशासन लगातार घटनास्थल की निगरानी कर रहा है और आवश्यकता पड़ने पर अतिरिक्त राहत दल भेजे जा रहे हैं।
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने वायनाड सहित केरल के कई जिलों में भारी से अत्यधिक भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। लगातार बारिश को देखते हुए वायनाड जिले में रेड अलर्ट भी जारी किया गया है। मौसम विभाग ने लोगों से पहाड़ी और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में अनावश्यक यात्रा से बचने तथा प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की है।
वायनाड पहले भी भूस्खलन की त्रासदी का सामना कर चुका है। वर्ष 2024 में जिले में आए विनाशकारी भूस्खलन में सैकड़ों लोगों की जान गई थी और बड़े पैमाने पर संपत्ति का नुकसान हुआ था। इसके बाद राज्य सरकार ने संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी और आपदा प्रबंधन व्यवस्था को मजबूत करने के कई कदम उठाए थे। इसके बावजूद लगातार हो रही तेज बारिश के कारण पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन का खतरा बना हुआ है।
विशेषज्ञों का मानना है कि पश्चिमी घाट क्षेत्र में मानसून के दौरान लगातार भारी वर्षा से मिट्टी की पकड़ कमजोर हो जाती है, जिससे भूस्खलन की संभावना काफी बढ़ जाती है। ऐसे क्षेत्रों में चल रही निर्माण परियोजनाओं के लिए मौसम संबंधी चेतावनियों का पालन करना और अतिरिक्त सुरक्षा उपाय अपनाना अत्यंत आवश्यक होता है।
फिलहाल राहत एवं बचाव अभियान लगातार जारी है और मलबे में फंसे लोगों की तलाश की जा रही है। अब तक दो लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि कई अन्य के फंसे होने की आशंका बनी हुई है। मामले की जांच जारी है। प्रभावित लोगों की वास्तविक संख्या और हादसे के कारणों की स्पष्ट जानकारी बचाव अभियान पूरा होने और आधिकारिक रिपोर्ट आने के बाद ही सामने आएगी।
