महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई में मानसून ने रफ्तार पकड़ ली है। लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के कारण शहर के कई इलाकों में जलभराव, ट्रैफिक जाम और लोकल ट्रेन सेवाओं पर असर देखने को मिला। स्थिति को देखते हुए भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने मुंबई के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इसके साथ ही ठाणे, पालघर और रायगढ़ जिलों के लिए भी ऑरेंज अलर्ट घोषित किया गया है। मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों के दौरान कई स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना जताई है।
IMD के अनुसार, अरब सागर और बंगाल की खाड़ी से लगातार नमी मिलने के कारण महाराष्ट्र के तटीय क्षेत्रों में मानसून बेहद सक्रिय हो गया है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि मुंबई और आसपास के इलाकों में रुक-रुक कर तेज बारिश का दौर अगले कुछ दिनों तक जारी रह सकता है। कुछ स्थानों पर अत्यधिक वर्षा भी दर्ज की जा सकती है, जिससे निचले इलाकों में जलभराव और यातायात प्रभावित होने की आशंका है।
बारिश के कारण दादर, परेल, हिंदमाता, अंधेरी, गोरेगांव, वर्ली, सायन और अन्य कई इलाकों में पानी भरने की खबरें सामने आई हैं। कई प्रमुख सड़कों पर वाहनों की लंबी कतारें देखी गईं, जबकि कुछ स्थानों पर लोकल ट्रेन सेवाएं भी धीमी गति से संचालित हुईं। प्रशासन ने नगर निगम की टीमों को जलनिकासी व्यवस्था सुचारु रखने के निर्देश दिए हैं।
मौसम विभाग ने समुद्र में हाई टाइड (ऊंची ज्वार) आने की भी चेतावनी जारी की है। हाई टाइड और लगातार बारिश के एक साथ होने से समुद्र किनारे और निचले क्षेत्रों में जलभराव की स्थिति और गंभीर हो सकती है। प्रशासन ने लोगों से समुद्र तटों पर जाने से बचने और अनावश्यक यात्रा न करने की अपील की है।
बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC), पुलिस और आपदा प्रबंधन विभाग को अलर्ट मोड पर रखा गया है। जलभराव वाले क्षेत्रों में पंपिंग स्टेशन सक्रिय कर दिए गए हैं और राहत एवं बचाव दलों को संवेदनशील स्थानों पर तैनात किया गया है। नागरिकों से अपील की गई है कि वे मौसम विभाग और स्थानीय प्रशासन द्वारा जारी एडवाइजरी का पालन करें।
मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि भारी बारिश के दौरान 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। ऐसे में कमजोर पेड़, होर्डिंग और बिजली के खंभों के पास खड़े होने से बचने की सलाह दी गई है। मछुआरों को भी अगले कुछ दिनों तक समुद्र में न जाने की चेतावनी जारी की गई है।
लगातार बारिश का असर मुंबई के जलाशयों पर भी दिखाई देने लगा है। शहर को पानी उपलब्ध कराने वाली झीलों का जलस्तर बढ़ रहा है, जो आने वाले महीनों के लिए राहत की खबर है। हालांकि अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल प्राथमिकता शहर में जलभराव और यातायात व्यवस्था को सामान्य बनाए रखने की है।
मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि जुलाई के पहले सप्ताह में मानसून और अधिक सक्रिय रहेगा। इसके चलते मुंबई महानगर क्षेत्र (MMR) और कोंकण क्षेत्र में भारी बारिश का सिलसिला जारी रह सकता है। लोगों से अपील की गई है कि वे मौसम संबंधी ताज़ा अपडेट पर नजर रखें और किसी भी आपात स्थिति में प्रशासन द्वारा जारी हेल्पलाइन का उपयोग करें।
