श्रावण मास की कांवड़ यात्रा के दौरान उत्तर प्रदेश और हरियाणा से दो अलग-अलग घटनाएं सामने आई हैं। उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद में एक ऊंची कांवड़ 35 फीट ऊंची ट्रांसमिशन लाइन की चपेट में आ गई, जिससे दिल्ली के सात कांवड़िए गंभीर रूप से झुलस गए। वहीं हरियाणा के फतेहाबाद में एक स्कूल बस के कांवड़ को हल्का सा स्पर्श करने के बाद कुछ कांवड़ियों ने बस पर पथराव कर दिया, जिससे इलाके में तनाव की स्थिति बन गई।
मुरादाबाद की घटना उस समय हुई जब दिल्ली से आए कांवड़िए हरिद्वार से गंगाजल लेकर अपने गंतव्य की ओर लौट रहे थे। बताया जा रहा है कि उनकी लगभग 35 फीट ऊंची कांवड़ रास्ते में गुजर रही हाईटेंशन ट्रांसमिशन लाइन से टकरा गई। संपर्क होते ही तेज करंट दौड़ गया और सात कांवड़िए उसकी चपेट में आ गए। सभी घायल श्रद्धालुओं को स्थानीय लोगों और पुलिस की मदद से तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया।
अस्पताल सूत्रों के अनुसार, घायलों में कई लोग गंभीर रूप से झुलसे हैं और उनका इलाज जारी है। चिकित्सकों की टीम लगातार उनकी निगरानी कर रही है। प्रशासन ने घटना की जांच शुरू कर दी है और यह पता लगाया जा रहा है कि हादसा लापरवाही के कारण हुआ या सुरक्षा व्यवस्था में कोई कमी थी।
प्रशासन ने कांवड़ यात्रा मार्ग पर सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा भी शुरू कर दी है। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि ऊंची कांवड़ लेकर चलने वाले श्रद्धालुओं को हाईटेंशन बिजली लाइनों और अन्य संभावित खतरों के बारे में पहले से जागरूक किया जाए। बिजली विभाग और स्थानीय प्रशासन को भी ऐसे संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं।
वहीं हरियाणा के फतेहाबाद में एक अलग घटना में एक स्कूल बस कथित तौर पर कांवड़ के संपर्क में आ गई। इसके बाद कुछ कांवड़िए नाराज हो गए और उन्होंने बस पर पथराव कर दिया। घटना के समय बस में स्कूली बच्चे भी मौजूद थे। हालांकि राहत की बात यह रही कि किसी बच्चे के गंभीर रूप से घायल होने की सूचना नहीं है।
सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया। प्रशासन ने बस को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया तथा यातायात सामान्य कराया। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और घटना में शामिल लोगों की पहचान के लिए आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
कांवड़ यात्रा के दौरान लाखों श्रद्धालु हरिद्वार और अन्य तीर्थस्थलों से गंगाजल लेकर विभिन्न शिव मंदिरों तक पहुंचते हैं। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की आवाजाही को देखते हुए प्रशासन ने कई राज्यों में विशेष सुरक्षा व्यवस्था, ट्रैफिक डायवर्जन, मेडिकल कैंप और आपदा राहत टीमों की तैनाती की है। इसके बावजूद समय-समय पर सड़क हादसे और विवाद जैसी घटनाएं सामने आती रहती हैं।
प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे सुरक्षा नियमों का पालन करें, अत्यधिक ऊंची कांवड़ लेकर बिजली की लाइनों के नीचे से गुजरते समय विशेष सावधानी बरतें और किसी भी विवाद की स्थिति में कानून अपने हाथ में न लें। वहीं वाहन चालकों से भी कांवड़ यात्रा मार्गों पर बेहद सावधानी और धीमी गति से वाहन चलाने की सलाह दी गई है।
दोनों घटनाओं के बाद संबंधित जिलों के प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि कांवड़ यात्रा को सुरक्षित और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल, मेडिकल टीम और आपदा प्रबंधन दलों को अलर्ट पर रखा गया है।