प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राजस्थान के बालोतरा जिले के पचपदरा में स्थित HPCL राजस्थान रिफाइनरी लिमिटेड (HRRL) की अत्याधुनिक रिफाइनरी एवं पेट्रोकेमिकल कॉम्प्लेक्स को राष्ट्र को समर्पित कर दिया। यह उद्घाटन विशेष महत्व रखता है क्योंकि इससे पहले अप्रैल 2026 में निर्धारित उद्घाटन समारोह रिफाइनरी में आग लगने की घटना के कारण स्थगित करना पड़ा था। अब सभी तकनीकी मरम्मत और सुरक्षा परीक्षण पूरे होने के बाद परियोजना का औपचारिक उद्घाटन किया गया।
यह परियोजना भारत की पहली ग्रीनफील्ड इंटीग्रेटेड रिफाइनरी-कम-पेट्रोकेमिकल कॉम्प्लेक्स है, जिसे हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (HPCL) और राजस्थान सरकार के संयुक्त उपक्रम के रूप में विकसित किया गया है। लगभग ₹79,450 करोड़ की लागत से तैयार इस परियोजना की वार्षिक रिफाइनिंग क्षमता 9 मिलियन मीट्रिक टन (MMTPA) है, जबकि इसकी पेट्रोकेमिकल उत्पादन क्षमता 2.4 MMTPA है।
प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि यह रिफाइनरी केवल राजस्थान ही नहीं बल्कि पूरे देश के ऊर्जा क्षेत्र के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि है। उन्होंने कहा कि यह परियोजना भारत की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करेगी, पेट्रोकेमिकल क्षेत्र में आत्मनिर्भरता बढ़ाएगी और देश की औद्योगिक प्रगति को नई दिशा देगी। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार ऊर्जा क्षेत्र में आधुनिक तकनीक और बड़े निवेश के माध्यम से भारत को वैश्विक स्तर पर अधिक सक्षम बनाने के लिए लगातार कार्य कर रही है।
रिफाइनरी को दुनिया की आधुनिकतम इकाइयों में से एक माना जा रहा है। इसका नेल्सन कॉम्प्लेक्सिटी इंडेक्स (Nelson Complexity Index) 17 है, जो वैश्विक औसत से काफी अधिक है। यह संयंत्र BS-VI मानकों के अनुरूप स्वच्छ ईंधन के साथ-साथ पॉलीप्रोपाइलीन, पॉलीएथिलीन, बेंजीन और अन्य पेट्रोकेमिकल उत्पादों का भी उत्पादन करेगा। इससे भारत की पेट्रोकेमिकल आयात पर निर्भरता कम होने की उम्मीद है।
इस परियोजना से राजस्थान में बड़े पैमाने पर औद्योगिक विकास को गति मिलने की संभावना है। रिफाइनरी के आसपास प्रस्तावित पेट्रोकेमिकल और प्लास्टिक पार्क के विकास से अनेक सहायक उद्योग स्थापित होंगे, जिससे हजारों प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा होंगे। राज्य सरकार का अनुमान है कि इससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी बड़ा लाभ मिलेगा।
उद्घाटन समारोह के दौरान प्रधानमंत्री ने राजस्थान में ₹1.06 लाख करोड़ से अधिक की विभिन्न विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास भी किया। इनमें सड़क, रेलवे, मेट्रो, बिजली, नवीकरणीय ऊर्जा, विमानन और अन्य बुनियादी ढांचा परियोजनाएं शामिल हैं। साथ ही जयपुर मेट्रो फेज-2 और अन्य महत्वपूर्ण परियोजनाओं को भी मंजूरी दी गई।
गौरतलब है कि अप्रैल 2026 में उद्घाटन से ठीक एक दिन पहले रिफाइनरी के क्रूड डिस्टिलेशन यूनिट (CDU) में आग लगने से समारोह स्थगित करना पड़ा था। इसके बाद मरम्मत कार्य और सुरक्षा निरीक्षण पूरे किए गए तथा जून के अंत तक संयंत्र को फिर से संचालन के लिए तैयार कर लिया गया।
ऊर्जा विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक स्तर पर रिफाइनिंग क्षमता में आ रही कमी और अंतरराष्ट्रीय आपूर्ति श्रृंखला की चुनौतियों के बीच पचपदरा रिफाइनरी भारत के लिए रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण साबित होगी। इससे देश की ईंधन आपूर्ति मजबूत होगी, पेट्रोकेमिकल उत्पादन बढ़ेगा और निर्यात की संभावनाओं को भी बल मिलेगा।