ईरान के पूर्व सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के राजकीय अंतिम संस्कार के दौरान एक बेहद भावुक दृश्य सामने आया, जिसने दुनियाभर का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया। तेहरान के ग्रैंड मोसल्ला (Grand Mosalla) में आयोजित श्रद्धांजलि समारोह में खामेनेई के ताबूत के साथ उनकी 14 महीने की पोती जाहरा मोहम्मदी गोलपायगानी (Zahra Mohammadi Golpayegani) का छोटा ताबूत और उनकी तस्वीर भी रखी गई थी। यह दृश्य समारोह का सबसे मार्मिक पल माना गया।
ईरानी सरकारी मीडिया के अनुसार, जाहरा की मौत भी उसी हमले में हुई थी जिसमें अली खामेनेई और उनके परिवार के कई अन्य सदस्य मारे गए थे। छोटे ताबूत को ईरानी राष्ट्रीय ध्वज से ढका गया था, जबकि उसके पास बच्ची की फ्रेम की हुई तस्वीर रखी गई थी। श्रद्धांजलि देने पहुंचे हजारों लोगों ने इस दृश्य के सामने रुककर मौन श्रद्धांजलि अर्पित की।
समारोह में केवल खामेनेई ही नहीं, बल्कि उनके परिवार के अन्य सदस्यों को भी श्रद्धांजलि दी गई। उनके दामाद, बड़ी बेटी, बहू और 14 महीने की पोती के ताबूत भी मुख्य मंच पर रखे गए थे। इन सभी की मौत फरवरी 2026 में हुए हमले में हुई थी।
तेहरान में आयोजित इस राजकीय श्रद्धांजलि समारोह में लाखों लोगों के पहुंचने का अनुमान लगाया गया। ईरान सरकार ने पूरे आयोजन को राष्ट्रीय शोक कार्यक्रम का रूप दिया है। अंतिम संस्कार कई दिनों तक चलेगा और तेहरान के बाद क़ोम, मशहद, बगदाद, नजफ और कर्बला में भी श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। अंतिम दफन मशहद स्थित इमाम रज़ा दरगाह में किया जाएगा।
समारोह में ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन, संसद अध्यक्ष मोहम्मद बाघेर गालीबाफ, विदेश मंत्री अब्बास अराघची, वरिष्ठ सैन्य अधिकारी और अनेक धार्मिक नेता मौजूद रहे। इसके अलावा भारत, चीन, पाकिस्तान, रूस और कई अन्य देशों के आधिकारिक प्रतिनिधिमंडलों ने भी अंतिम संस्कार में भाग लिया। पश्चिमी देशों के किसी शीर्ष नेता को आमंत्रित नहीं किया गया।
अंतिम संस्कार के दौरान सबसे अधिक चर्चा छोटे ताबूत की हुई। सोशल मीडिया पर समारोह की तस्वीरें और वीडियो तेजी से वायरल हुए, जिनमें 14 महीने की बच्ची के ताबूत के सामने श्रद्धांजलि देते लोग दिखाई दिए। कई अंतरराष्ट्रीय मीडिया संस्थानों ने इसे पूरे समारोह का सबसे भावनात्मक और प्रतीकात्मक दृश्य बताया।
विश्लेषकों का मानना है कि ईरान ने इस अंतिम संस्कार को केवल एक राजकीय कार्यक्रम नहीं बल्कि राष्ट्रीय एकजुटता और शोक के प्रतीक के रूप में प्रस्तुत किया। परिवार के सदस्यों, विशेषकर मासूम बच्ची के ताबूत को सार्वजनिक रूप से प्रदर्शित करने का उद्देश्य युद्ध की मानवीय कीमत को भी सामने लाना माना जा रहा है।
ईरान में छह दिनों तक चलने वाले इस शोक कार्यक्रम के दौरान सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। राजधानी तेहरान सहित कई शहरों में अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं, जबकि बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने के मद्देनजर विशेष यातायात और सुरक्षा प्रबंध किए गए हैं।
