उत्तर प्रदेश के उन्नाव जिले में आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर गुरुवार को एक बेहद दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। तेज रफ्तार से आ रही एक स्लीपर बस ने आगे चल रही अर्टिगा कार को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि कार के परखच्चे उड़ गए और उसमें सवार कई लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे में दो मासूम बच्चियों समेत पांच लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि 12 अन्य लोग घायल हो गए। घायलों को तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां कुछ की हालत गंभीर बनी हुई है।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार हादसा इतना भयावह था कि टक्कर की आवाज दूर तक सुनाई दी। दुर्घटना के बाद एक्सप्रेसवे पर अफरा-तफरी मच गई। राहगीरों और अन्य वाहन चालकों ने तुरंत पुलिस और एंबुलेंस को सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस, यूपीडा (UPEIDA) की रेस्क्यू टीम और एंबुलेंस मौके पर पहुंची तथा राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया।
कार में सवार लोग किसी पारिवारिक कार्यक्रम से लौट रहे थे। टक्कर के बाद कार बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई, जिसके कारण कई लोग उसमें फंस गए। पुलिस और स्थानीय लोगों ने काफी मशक्कत के बाद कार में फंसे लोगों को बाहर निकाला। घायलों को प्राथमिक उपचार के बाद नजदीकी अस्पताल भेजा गया, जबकि गंभीर रूप से घायल कुछ लोगों को बेहतर इलाज के लिए उच्च चिकित्सा केंद्र रेफर किया गया।
हादसे के कारण आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर कुछ समय के लिए यातायात भी प्रभावित रहा। पुलिस ने क्षतिग्रस्त वाहनों को क्रेन की मदद से हटवाकर यातायात को सुचारु कराया। दुर्घटना के बाद घटनास्थल पर लोगों की भीड़ जमा हो गई और कुछ समय तक लंबा जाम भी लगा रहा।
प्रारंभिक जांच में माना जा रहा है कि तेज रफ्तार और पर्याप्त दूरी न बनाए रखने के कारण यह हादसा हुआ। हालांकि पुलिस दुर्घटना के वास्तविक कारणों की जांच कर रही है। बस चालक से पूछताछ की जा रही है और दुर्घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली जा रही है ताकि हादसे के सही कारणों का पता लगाया जा सके।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि मृतकों के शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। मृतकों की पहचान की प्रक्रिया पूरी कर उनके परिजनों को सूचना दे दी गई है। हादसे की खबर मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया। अस्पतालों में भी परिजनों और रिश्तेदारों की भीड़ जुट गई।
उत्तर प्रदेश में हाल के महीनों में एक्सप्रेसवे पर सड़क दुर्घटनाओं की संख्या में वृद्धि देखी गई है। विशेषज्ञों का कहना है कि तेज रफ्तार, ओवरस्पीडिंग, चालक की लापरवाही, पर्याप्त दूरी न रखना और लंबे समय तक लगातार वाहन चलाना ऐसे हादसों के प्रमुख कारण हैं। आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर भी समय-समय पर ओवरस्पीडिंग के कारण गंभीर हादसे सामने आते रहे हैं।
सड़क सुरक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि एक्सप्रेसवे पर निर्धारित गति सीमा का पालन करना, सीट बेल्ट का अनिवार्य रूप से उपयोग करना और वाहनों के बीच सुरक्षित दूरी बनाए रखना बेहद आवश्यक है। साथ ही लंबी दूरी तय करने वाले चालकों को समय-समय पर विश्राम करने की सलाह भी दी जाती है ताकि थकान के कारण दुर्घटना की आशंका कम हो सके।
प्रदेश सरकार और स्थानीय प्रशासन ने घायलों के बेहतर उपचार के निर्देश दिए हैं। पुलिस ने कहा है कि दुर्घटना के सभी पहलुओं की जांच की जा रही है और जांच पूरी होने के बाद आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी। वहीं प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि एक्सप्रेसवे पर यात्रा के दौरान यातायात नियमों का पूरी तरह पालन करें और तेज रफ्तार से वाहन चलाने से बचें।
यह हादसा एक बार फिर सड़क सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े करता है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि गति सीमा का पालन किया जाए, सुरक्षित दूरी बनाए रखी जाए और वाहन चालक पूरी सतर्कता बरतें, तो इस तरह की कई दुर्घटनाओं को रोका जा सकता है।