उत्तर प्रदेश में मानसून ने अब पूरी तरह से रफ्तार पकड़ ली है। पिछले कुछ दिनों से राज्य के विभिन्न हिस्सों में लगातार बारिश का दौर जारी है, जिससे लोगों को भीषण गर्मी और उमस से काफी राहत मिली है। वहीं, भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने आगामी दिनों के लिए प्रदेश के 55 जिलों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। मौसम विभाग के अनुसार कई इलाकों में तेज बारिश के साथ गरज-चमक, आकाशीय बिजली और तेज हवाएं भी चल सकती हैं।
मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि बंगाल की खाड़ी से आने वाली नमी और सक्रिय मानसूनी सिस्टम के कारण उत्तर प्रदेश में बारिश की गतिविधियां लगातार बढ़ रही हैं। इसके चलते पूर्वी, मध्य और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई जिलों में मध्यम से भारी वर्षा होने की संभावना है। कुछ स्थानों पर अत्यधिक भारी बारिश भी दर्ज की जा सकती है।
मौसम विभाग के अनुसार जिन जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है, वहां स्थानीय प्रशासन को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। निचले इलाकों में जलभराव, सड़कों पर पानी जमा होने और यातायात प्रभावित होने की आशंका जताई गई है। प्रशासन ने नगर निकायों और आपदा प्रबंधन टीमों को भी अलर्ट मोड पर रहने के निर्देश दिए हैं ताकि किसी भी आपात स्थिति से तुरंत निपटा जा सके।
बारिश के कारण प्रदेश की कई नदियों का जलस्तर भी बढ़ने लगा है। सिंचाई विभाग और जिला प्रशासन नदी किनारे रहने वाले लोगों पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। यदि अगले कुछ दिनों तक लगातार बारिश होती रही तो कुछ क्षेत्रों में बाढ़ जैसी स्थिति बनने की संभावना से भी इनकार नहीं किया जा सकता। हालांकि फिलहाल स्थिति नियंत्रण में बताई जा रही है।
कृषि क्षेत्र के लिए मानसून की यह बारिश काफी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। धान, मक्का, बाजरा, दलहन और अन्य खरीफ फसलों की बुवाई में तेजी आने की उम्मीद है। कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि समय पर हुई बारिश किसानों के लिए राहत लेकर आई है। हालांकि जिन क्षेत्रों में अत्यधिक वर्षा होगी, वहां खेतों में जलभराव फसलों को नुकसान भी पहुंचा सकता है। ऐसे में किसानों को मौसम विभाग की सलाह के अनुसार कृषि कार्य करने की सलाह दी गई है।
राजधानी लखनऊ, कानपुर, प्रयागराज, वाराणसी, गोरखपुर, अयोध्या, बरेली, झांसी, आगरा, मेरठ और आसपास के कई जिलों में भी अगले 24 से 48 घंटों के दौरान तेज बारिश की संभावना जताई गई है। कई स्थानों पर बिजली गिरने और 30 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का भी अनुमान है।
मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान अनावश्यक रूप से घरों से बाहर न निकलें। गरज-चमक के समय खुले मैदान, पेड़ों के नीचे या बिजली के खंभों के पास खड़े होने से बचें। किसानों को सलाह दी गई है कि मौसम साफ होने तक खेतों में कार्य करते समय विशेष सावधानी बरतें। वहीं वाहन चालकों से भी बारिश के दौरान धीमी गति से वाहन चलाने और जलभराव वाले रास्तों से बचने को कहा गया है।
बारिश के चलते कई शहरों में तापमान में भी उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई है। जहां पिछले सप्ताह तक अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के आसपास बना हुआ था, वहीं अब अधिकांश जिलों में तापमान सामान्य से नीचे पहुंच गया है। इससे लोगों को गर्मी और उमस से राहत मिली है, लेकिन लगातार बारिश के कारण दैनिक जीवन भी प्रभावित हो सकता है।
आपदा प्रबंधन विभाग ने सभी जिलाधिकारियों को सतर्क रहने और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए आवश्यक संसाधन तैयार रखने के निर्देश दिए हैं। राहत एवं बचाव दलों को भी जरूरत पड़ने पर तुरंत कार्रवाई के लिए तैयार रहने को कहा गया है। साथ ही नागरिकों से मौसम विभाग द्वारा जारी ताजा अपडेट पर नजर बनाए रखने और अफवाहों से बचने की अपील की गई है।
विशेषज्ञों का मानना है कि अगले कुछ दिनों तक उत्तर प्रदेश में मानसून पूरी तरह सक्रिय रहेगा। ऐसे में प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में रुक-रुक कर बारिश का सिलसिला जारी रह सकता है। मौसम विभाग की ओर से जारी चेतावनियों का पालन करना और सतर्क रहना लोगों की सुरक्षा के लिए बेहद जरूरी है।