• Home  
  • ‘राष्ट्रपति शी जिनपिंग को बधाई देना चाहूंगा’, बर्थराइट फैसले के बाद ट्रंप का चीन पर तंज
- International News - World - World Politics

‘राष्ट्रपति शी जिनपिंग को बधाई देना चाहूंगा’, बर्थराइट फैसले के बाद ट्रंप का चीन पर तंज

अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने जन्मसिद्ध नागरिकता (Birthright Citizenship) से जुड़े हालिया कानूनी घटनाक्रम के बाद चीन को लेकर एक बार फिर तीखा बयान दिया है। ट्रंप ने व्यंग्यात्मक अंदाज में कहा कि वह “चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग को बधाई देना चाहेंगे”, जिससे उनके बयान ने अंतरराष्ट्रीय राजनीति और अमेरिकी घरेलू राजनीति […]

Donald Trump Reacts After Birthright Citizenship Ruling

अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने जन्मसिद्ध नागरिकता (Birthright Citizenship) से जुड़े हालिया कानूनी घटनाक्रम के बाद चीन को लेकर एक बार फिर तीखा बयान दिया है। ट्रंप ने व्यंग्यात्मक अंदाज में कहा कि वह “चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग को बधाई देना चाहेंगे”, जिससे उनके बयान ने अंतरराष्ट्रीय राजनीति और अमेरिकी घरेलू राजनीति दोनों में नई चर्चा छेड़ दी है।

ट्रंप का यह बयान ऐसे समय आया है जब अमेरिका में जन्मसिद्ध नागरिकता और आव्रजन (Immigration) नीति को लेकर बहस तेज है। हाल ही में अदालत के एक महत्वपूर्ण फैसले के बाद ट्रंप ने इसे अपनी नीतियों और प्रशासनिक एजेंडे के समर्थन के रूप में पेश करने की कोशिश की। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि अमेरिका को अपनी सीमाओं और नागरिकता व्यवस्था को मजबूत बनाने की जरूरत है।

अपने बयान के दौरान ट्रंप ने चीन का जिक्र करते हुए कहा कि मौजूदा परिस्थितियां चीन जैसे देशों के लिए फायदेमंद साबित हो सकती हैं। इसी संदर्भ में उन्होंने व्यंग्य करते हुए राष्ट्रपति शी जिनपिंग को “बधाई” देने की बात कही। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि ट्रंप का यह बयान चीन की नीतियों से अधिक अमेरिकी प्रशासन और विपक्ष पर निशाना साधने की रणनीति का हिस्सा था।

अमेरिका में जन्मसिद्ध नागरिकता का मुद्दा लंबे समय से राजनीतिक बहस का केंद्र रहा है। अमेरिकी संविधान के 14वें संशोधन के तहत देश में जन्म लेने वाले अधिकांश बच्चों को नागरिकता प्राप्त होती है। हालांकि, इस प्रावधान की व्याख्या और इसके दायरे को लेकर समय-समय पर कानूनी और राजनीतिक विवाद सामने आते रहे हैं।

ट्रंप अपने राष्ट्रपति कार्यकाल के दौरान भी अवैध आव्रजन पर सख्त रुख अपनाने, सीमा सुरक्षा बढ़ाने और नागरिकता संबंधी नियमों में बदलाव की वकालत करते रहे थे। उन्होंने कई बार दावा किया कि मौजूदा व्यवस्था का दुरुपयोग किया जा रहा है और इसमें सुधार की आवश्यकता है। यही कारण है कि बर्थराइट सिटिजनशिप का मुद्दा उनके चुनावी अभियान का भी अहम हिस्सा रहा है।

दूसरी ओर, ट्रंप के आलोचकों का कहना है कि जन्मसिद्ध नागरिकता अमेरिकी संविधान द्वारा संरक्षित अधिकार है और इसमें किसी भी प्रकार का बदलाव व्यापक संवैधानिक प्रक्रिया के बिना संभव नहीं है। कई कानूनी विशेषज्ञों का भी मानना है कि इस विषय पर अंतिम निर्णय न्यायपालिका और संविधान की व्याख्या के आधार पर ही तय होगा।

चीन को लेकर ट्रंप का आक्रामक रुख कोई नया नहीं है। अपने पहले कार्यकाल के दौरान उन्होंने व्यापार, प्रौद्योगिकी, राष्ट्रीय सुरक्षा और कोविड-19 जैसे कई मुद्दों पर चीन की खुलकर आलोचना की थी। राष्ट्रपति चुनाव अभियान के दौरान भी ट्रंप अक्सर चीन को अमेरिकी आर्थिक और रणनीतिक चुनौतियों के लिए जिम्मेदार ठहराते रहे हैं।

अंतरराष्ट्रीय मामलों के जानकारों का कहना है कि ट्रंप के इस तरह के बयान उनके समर्थकों को संदेश देने के साथ-साथ अमेरिका-चीन संबंधों पर भी राजनीतिक दबाव बनाने की रणनीति का हिस्सा हो सकते हैं। हालांकि, चीन की ओर से इस बयान पर तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

अमेरिका में आगामी राजनीतिक गतिविधियों और चुनावी माहौल के बीच नागरिकता, आव्रजन और चीन जैसे मुद्दे प्रमुख चुनावी एजेंडा बने हुए हैं। ऐसे में ट्रंप के इस बयान को घरेलू राजनीति के साथ-साथ वैश्विक कूटनीतिक परिप्रेक्ष्य में भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

Leave a comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

About Us

We are a trusted news portal delivering the latest updates, breaking news, and in-depth stories from around the world. Our goal is to keep you informed, every time.

 

Address : 18/587, behind : Hanuman Mandir, opposite :Lucknow, Uttar Pradesh, India , 226016

Email Us: up24networkk@gmail.com

Contact: +91 95111 50055

Quick Link

Top Categories

UP24Network. All Rights Reserved.