लोकसभा में एंटी-पेपर लीक बिल पर चर्चा के दौरान नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली। राहुल गांधी ने सदन में आरोप लगाया कि गृह मंत्री अमित शाह ने छात्रों पर फायरिंग और लाठीचार्ज के आदेश दिए, जिसके बाद सत्ता पक्ष ने इसका कड़ा विरोध किया और सदन में हंगामा शुरू हो गया।
रिजिजू ने मांगी माफी
राहुल गांधी के आरोपों पर पलटवार करते हुए किरेन रिजिजू ने कहा कि विपक्ष के नेता ने बिना किसी तथ्य के गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने राहुल गांधी से अपने बयान के समर्थन में सबूत पेश करने या फिर सदन से माफी मांगने की मांग की। रिजिजू ने कहा कि संसद में तथ्यों के आधार पर चर्चा होनी चाहिए और निराधार आरोप लोकतांत्रिक परंपराओं के अनुरूप नहीं हैं।
सदन में हुआ हंगामा
राहुल गांधी के बयान के बाद सत्ता पक्ष के सांसदों ने जोरदार विरोध दर्ज कराया। लगातार शोर-शराबे के कारण लोकसभा की कार्यवाही कुछ समय के लिए बाधित रही। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने सभी सदस्यों से संयम और मर्यादित भाषा का प्रयोग करने की अपील की। बाद में विवादित टिप्पणियों को सदन की कार्यवाही से हटाने का निर्णय लिया गया।
पेपर लीक बिल पर जारी है बहस
यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया जब लोकसभा में लोक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक पर चर्चा जारी है। सरकार का कहना है कि यह कानून प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता बढ़ाने और पेपर लीक पर सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए लाया गया है, जबकि विपक्ष परीक्षा प्रणाली की जवाबदेही और प्रशासनिक सुधारों पर भी जोर दे रहा है।
आगे क्या?
संसद में विधेयक पर चर्चा जारी है। बहस पूरी होने के बाद बिल को मतदान के लिए पेश किया जाएगा। इस बीच राहुल गांधी और किरेन रिजिजू के बीच हुई तीखी बयानबाजी ने संसद के मानसून सत्र के राजनीतिक माहौल को और गर्म कर दिया है।