मध्य पूर्व में जारी ईरान-अमेरिका तनाव और शांति वार्ताओं के बीच भारत ने अपने नागरिकों के लिए नई ट्रैवल एडवाइजरी जारी की है। भारत सरकार ने स्पष्ट रूप से कहा है कि भारतीय नागरिक ईरान की गैर-जरूरी यात्रा (Non-Essential Travel) से फिलहाल बचें। यह सलाह ऐसे समय दी गई है जब क्षेत्र में सुरक्षा स्थिति पूरी तरह सामान्य नहीं मानी जा रही है।
तेहरान स्थित भारतीय दूतावास ने बुधवार को जारी परामर्श में कहा कि सुरक्षा स्थिति में कुछ सुधार के बावजूद भारतीय नागरिकों को सतर्क रहना चाहिए। दूतावास ने ईरान में मौजूद भारतीयों के लिए हेल्पलाइन नंबर भी जारी किए हैं और स्थिति पर लगातार नजर रखने की बात कही है।
भारत का यह कदम ऐसे समय आया है जब अमेरिका और ईरान के बीच स्विट्जरलैंड में हुई वार्ताओं को दोनों पक्षों ने सकारात्मक बताया है। अमेरिकी उपराष्ट्रपति JD Vance ने कहा कि बातचीत ने स्थायी समझौते की दिशा में “मजबूत आधार” तैयार किया है। वार्ता में होर्मुज जलडमरूमध्य, परमाणु निरीक्षण, क्षेत्रीय सुरक्षा और प्रतिबंधों में राहत जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई।
इसी बीच पाकिस्तान ने भी संकेत दिए हैं कि शांति प्रक्रिया आगे बढ़ रही है। पाकिस्तान के अधिकारियों और मध्यस्थ देशों से जुड़े सूत्रों के अनुसार, दोनों पक्षों के बीच तकनीकी और राजनीतिक स्तर की बातचीत जल्द फिर शुरू हो सकती है। पहले भी पाकिस्तान और कतर ने अमेरिका-ईरान संवाद को आगे बढ़ाने में मध्यस्थ की भूमिका निभाई थी।
रिपोर्ट्स के अनुसार, अमेरिका ने वार्ता को प्रोत्साहित करने के लिए ईरानी तेल निर्यात पर कुछ अस्थायी राहत दी है। वहीं ईरान ने अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) के निरीक्षकों की वापसी और कुछ सुरक्षा व्यवस्थाओं पर चर्चा जारी रखने की सहमति जताई है।
हालांकि स्थिति पूरी तरह सामान्य नहीं हुई है। लेबनान और कुछ अन्य क्षेत्रों में अब भी तनाव बना हुआ है। अमेरिकी और अन्य पश्चिमी देशों ने भी अपने नागरिकों को क्षेत्र में यात्रा को लेकर सावधानी बरतने की सलाह दी है।
विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले कुछ दिन बेहद महत्वपूर्ण होंगे। यदि अमेरिका और ईरान के बीच अगला दौर सफल रहता है, तो क्षेत्रीय तनाव में बड़ी कमी आ सकती है। लेकिन किसी भी अप्रत्याशित सैन्य या राजनीतिक घटना से वार्ता प्रक्रिया प्रभावित भी हो सकती है।
फिलहाल भारत ने अपने नागरिकों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए स्पष्ट संदेश दिया है कि जब तक स्थिति पूरी तरह स्थिर नहीं हो जाती, तब तक ईरान की गैर-जरूरी यात्रा से बचना ही बेहतर होगा।
