पुणे के चर्चित केतन अग्रवाल हत्याकांड में हर दिन नए खुलासे सामने आ रहे हैं। अब मृतक के पिता विशाल अग्रवाल ने दावा किया है कि केतन की मौत से कुछ दिन पहले भी उसी लोहागढ़ किले पर उनकी हत्या की कोशिश की गई थी। उनके अनुसार, उस समय केतन बच गए थे, लेकिन पूरी घटना को एक “सांप दिखने” की कहानी बनाकर छिपा दिया गया।
पुलिस जांच के अनुसार, 26 वर्षीय कारोबारी केतन अग्रवाल की मौत को पहले दुर्घटना माना गया था। बाद में जांच में सामने आया कि उनकी मंगेतर सिया गोयल और उसके कथित प्रेमी पर हत्या की साजिश रचने के आरोप हैं। दोनों को गिरफ्तार कर लिया गया है और मामले की जांच जारी है।
विशाल अग्रवाल का दावा है कि 14 जून को केतन और सिया लोहागढ़ किले के उसी स्थान पर गए थे जहां बाद में 18 जून को मौत हुई। उनके अनुसार, उस दिन सिया ने कथित रूप से केतन को धक्का दिया था, लेकिन वह झाड़ियों को पकड़कर बच गए। इसके बाद सिया ने जोर-जोर से “सांप… सांप…” चिल्लाना शुरू कर दिया और दावा किया कि उसने उन्हें सांप से बचाने के लिए धक्का दिया था।
परिवार का कहना है कि उस समय केतन ने इस कहानी पर विश्वास कर लिया था। लेकिन अब घटनाक्रम को पीछे मुड़कर देखने पर उन्हें लगता है कि यह वास्तव में पहली हत्या की कोशिश थी, जिसे दुर्घटना या सांप से बचाने की घटना के रूप में पेश किया गया।
पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि कथित साजिश एक दिन में नहीं बनाई गई थी। जांचकर्ताओं के अनुसार, 18 जून की घटना से पहले कई प्रयास किए गए थे, लेकिन वे सफल नहीं हो पाए। बाद में लोहागढ़ किले पर ही अंतिम योजना को अंजाम दिया गया।
मामले में एक और चौंकाने वाला खुलासा यह हुआ कि केतन की प्री-वेडिंग बाली ट्रिप भी अचानक रद्द हो गई थी क्योंकि उनका पासपोर्ट गायब हो गया था। जांच एजेंसियां इस पहलू की भी पड़ताल कर रही हैं कि क्या यह भी किसी बड़ी साजिश का हिस्सा था।
पुलिस को घटनास्थल के आसपास लगे CCTV कैमरों, मोबाइल लोकेशन डेटा और डिजिटल साक्ष्यों से कई महत्वपूर्ण सुराग मिले हैं। एक व्यक्ति के हूडी पहनकर घटनास्थल के आसपास घूमने के फुटेज ने भी जांच की दिशा बदल दी।
फिलहाल पुलिस इस पूरे मामले को पूर्व नियोजित हत्या (Premeditated Murder) मानकर जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि डिजिटल और फोरेंसिक साक्ष्यों के आधार पर चार्जशीट तैयार की जा रही है और आने वाले दिनों में और खुलासे हो सकते हैं।
यह मामला पूरे महाराष्ट्र में चर्चा का विषय बना हुआ है क्योंकि जो घटना पहले एक ट्रेकिंग दुर्घटना मानी जा रही थी, वह अब कथित तौर पर एक सुनियोजित हत्या की कहानी में बदल चुकी है।
