रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध एक बार फिर नए मोड़ पर पहुंच गया है। यूक्रेन ने इस सप्ताह दूसरी बार मॉस्को की एक प्रमुख ऑयल रिफाइनरी को निशाना बनाया है। हमले के बाद रिफाइनरी परिसर में आग लग गई और आसमान में धुएं का बड़ा गुबार देखा गया। यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने इस कार्रवाई को रूस के लगातार हमलों के खिलाफ “जायज जवाब” बताया है।
रिपोर्ट्स के अनुसार, यूक्रेनी ड्रोन ने मॉस्को के दक्षिण-पूर्वी क्षेत्र कापोतन्या (Kapotnya) स्थित ऑयल रिफाइनरी को निशाना बनाया। यह वही रिफाइनरी है जिस पर कुछ दिन पहले भी हमला हुआ था। बताया जाता है कि यह संयंत्र मॉस्को की पेट्रोल और डीजल आपूर्ति का बड़ा हिस्सा पूरा करता है, इसलिए इसे रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है।
रूसी अधिकारियों ने दावा किया है कि राजधानी क्षेत्र के ऊपर बड़ी संख्या में यूक्रेनी ड्रोन को मार गिराया गया। मॉस्को के मेयर सर्गेई सोबयानिन के अनुसार, हवाई सुरक्षा प्रणाली ने सैकड़ों ड्रोन को रोकने का प्रयास किया, लेकिन कुछ ड्रोन अपने लक्ष्य तक पहुंचने में सफल रहे।
हमले के बाद मॉस्को के कई इलाकों में सुरक्षा बढ़ा दी गई। कुछ समय के लिए प्रमुख हवाई अड्डों पर उड़ानों को भी प्रभावित करना पड़ा। रूसी मीडिया के अनुसार, ड्रोन हमलों के कारण कई उड़ानों में देरी हुई और कुछ को अस्थायी रूप से रोकना पड़ा।
यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने हमले की जिम्मेदारी स्वीकार करते हुए कहा कि रूस लगातार यूक्रेनी शहरों, नागरिक ठिकानों और ऐतिहासिक स्थलों पर हमले कर रहा है। उन्होंने कहा कि यूक्रेन केवल उन ठिकानों को निशाना बना रहा है जो रूस की युद्ध क्षमता को मजबूत करते हैं। जेलेंस्की ने सोशल मीडिया पर कहा कि मॉस्को क्षेत्र ने अब यूक्रेन की लंबी दूरी तक मार करने वाली क्षमता को महसूस किया है।
जेलेंस्की ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि रूस यूक्रेन पर हमले जारी रखता है तो मॉस्को को भी इसके परिणाम भुगतने पड़ेंगे। उन्होंने पश्चिमी देशों से रूस पर और कड़े प्रतिबंध लगाने की मांग भी दोहराई।
विश्लेषकों का मानना है कि हाल के महीनों में यूक्रेन ने रूस के ऊर्जा ढांचे को निशाना बनाने की रणनीति को और तेज किया है। तेल रिफाइनरियों, ईंधन डिपो और ऊर्जा आपूर्ति केंद्रों पर हमले करके यूक्रेन रूस की युद्ध मशीन को कमजोर करने की कोशिश कर रहा है।
दूसरी ओर रूस लगातार यूक्रेन के कई शहरों पर मिसाइल और ड्रोन हमले कर रहा है। हाल ही में कीव में हुए हमलों में कई इमारतों को नुकसान पहुंचा था, जिसके बाद यूक्रेन ने जवाबी कार्रवाई तेज कर दी।
अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों का कहना है कि मॉस्को के भीतर बार-बार होने वाले हमले रूस के लिए सुरक्षा चुनौती बनते जा रहे हैं। यूक्रेन की बढ़ती ड्रोन क्षमता ने युद्ध को नई दिशा दे दी है और अब संघर्ष केवल सीमा क्षेत्रों तक सीमित नहीं रह गया है।
फिलहाल दोनों देशों के बीच शांति वार्ता की कोई ठोस संभावना नजर नहीं आ रही है। ऐसे में रूस-यूक्रेन युद्ध के और लंबा खिंचने की आशंका जताई जा रही है। दुनिया की नजर अब इस बात पर है कि क्या दोनों पक्ष तनाव कम करने की दिशा में कदम उठाएंगे या फिर जवाबी हमलों का यह सिलसिला और तेज होगा।