देशभर में NEET-UG 2026 री-एग्जाम को लेकर चल रही तैयारियों के बीच तमिलनाडु के कोयंबटूर से एक बेहद दुखद खबर सामने आई है। कोयंबटूर की 19 वर्षीय NEET अभ्यर्थी अनु कीर्तन (Anu Keerthana) ने कथित तौर पर आत्महत्या कर ली। यह घटना ऐसे समय हुई है जब 21 जून को होने वाली पुनर्परीक्षा को लेकर हजारों छात्र मानसिक दबाव का सामना कर रहे हैं।
पुलिस के अनुसार, छात्रा पहले भी दो बार NEET परीक्षा दे चुकी थी और इस वर्ष भी मेडिकल प्रवेश परीक्षा की तैयारी कर रही थी। हाल ही में पेपर लीक विवाद के बाद NEET-UG 2026 की परीक्षा रद्द होने और पुनर्परीक्षा की घोषणा के बाद वह काफी तनाव में थी। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि दोबारा परीक्षा देने की चिंता और भविष्य को लेकर अनिश्चितता उसे परेशान कर रही थी।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, छात्रा ने अपने परिजनों और रिश्तेदारों को एक भावुक संदेश भी भेजा था, जिसमें उसने दोबारा परीक्षा देने के डर और मानसिक दबाव का जिक्र किया था। इसके कुछ समय बाद यह दुखद घटना सामने आई।
स्थानीय पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि घटना के सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। वहीं कुछ रिपोर्टों में दावा किया गया है कि छात्रा ने जहरीला पदार्थ सेवन किया था, जिसके बाद उसे अस्पताल ले जाया गया लेकिन उसकी जान नहीं बच सकी।
इस घटना के बाद तमिलनाडु में NEET को लेकर राजनीतिक बहस एक बार फिर तेज हो गई है। राज्य में लंबे समय से कई राजनीतिक दल और संगठन NEET परीक्षा का विरोध करते रहे हैं। छात्रा की मौत के बाद कोयंबटूर में विरोध प्रदर्शन भी देखने को मिले, जहां प्रदर्शनकारियों ने परीक्षा व्यवस्था और पेपर लीक विवाद पर सवाल उठाए।
शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि देश की प्रतिस्पर्धी परीक्षाओं में बढ़ता दबाव छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य पर गंभीर प्रभाव डाल रहा है। NEET जैसी परीक्षाओं की तैयारी में कई छात्र वर्षों तक मेहनत करते हैं और परीक्षा से जुड़ी अनिश्चितताएं उनके तनाव को और बढ़ा देती हैं।
बताया जा रहा है कि हाल के हफ्तों में NEET परीक्षा से जुड़े तनाव के कारण देश के विभिन्न हिस्सों से कई दुखद घटनाएं सामने आई हैं। इसने एक बार फिर छात्रों के लिए बेहतर मानसिक स्वास्थ्य सहायता और परामर्श सेवाओं की आवश्यकता पर चर्चा शुरू कर दी है।
फिलहाल पूरे मामले की जांच जारी है। छात्रा की मौत ने न केवल उसके परिवार बल्कि पूरे शिक्षा जगत को झकझोर दिया है। आगामी NEET री-एग्जाम से पहले यह घटना छात्रों पर बढ़ते मानसिक दबाव और परीक्षा व्यवस्था से जुड़े सवालों को फिर सामने लेकर आई है।