भारत और अमेरिका के बीच लंबे समय से चल रही व्यापार वार्ताओं को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि दोनों देशों के बीच प्रस्तावित व्यापार समझौता अब अंतिम चरण में पहुंच चुका है और जल्द ही इस पर सहमति बन सकती है। ट्रंप ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तारीफ करते हुए उन्हें दुनिया के सबसे कठिन और मजबूत वार्ताकारों में से एक बताया।
फ्रांस में आयोजित G7 शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति ट्रंप की मुलाकात हुई। बैठक के बाद मीडिया से बातचीत में ट्रंप ने कहा कि भारत और अमेरिका के बीच ट्रेड डील को लेकर बातचीत काफी आगे बढ़ चुकी है और दोनों देश “बहुत करीब” हैं। उन्होंने कहा कि दोनों पक्ष लगातार बातचीत कर रहे हैं और समझौते को अंतिम रूप देने के प्रयास जारी हैं।
ट्रंप ने प्रधानमंत्री मोदी की प्रशंसा करते हुए कहा कि वह बेहद सख्त और अनुभवी वार्ताकार हैं। उन्होंने कहा कि मोदी के साथ बातचीत आसान नहीं होती क्योंकि वे हमेशा भारत के हितों को प्राथमिकता देते हैं। ट्रंप ने यह भी कहा कि उनके और मोदी के बीच वर्षों पुराना व्यक्तिगत संबंध है और दोनों देशों के रिश्ते मजबूत बने हुए हैं।
भारत और अमेरिका पिछले कई महीनों से एक अंतरिम व्यापार समझौते पर चर्चा कर रहे हैं। इस समझौते में टैरिफ, बाजार पहुंच, कृषि उत्पादों का व्यापार, विनिर्माण, निवेश और तकनीकी सहयोग जैसे कई महत्वपूर्ण मुद्दे शामिल हैं। दोनों देशों का उद्देश्य व्यापारिक बाधाओं को कम करना और द्विपक्षीय आर्थिक संबंधों को नई ऊंचाई देना है।
सूत्रों के अनुसार, व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने के लिए अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि (USTR) के वरिष्ठ अधिकारी जल्द ही भारत का दौरा कर सकते हैं। माना जा रहा है कि अधिकांश जटिल मुद्दों पर दोनों देशों के बीच सहमति बन चुकी है और अब केवल अंतिम औपचारिकताओं पर काम चल रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह समझौता सफलतापूर्वक संपन्न होता है तो इसका लाभ दोनों देशों की अर्थव्यवस्थाओं को मिलेगा। भारत के लिए अमेरिकी बाजार तक बेहतर पहुंच के अवसर बढ़ सकते हैं, जबकि अमेरिकी कंपनियों को भारत में निवेश और व्यापार विस्तार का मौका मिलेगा।
हालांकि पिछले कुछ वर्षों में दोनों देशों के बीच टैरिफ और व्यापार नीतियों को लेकर मतभेद भी देखने को मिले हैं। अमेरिका ने भारतीय उत्पादों पर अतिरिक्त शुल्क लगाने की बात कही थी, जबकि भारत ने भी अपने व्यापारिक हितों की रक्षा पर जोर दिया था। इसके बावजूद दोनों देशों ने वार्ता जारी रखी और अब समझौते के करीब पहुंचने का दावा किया जा रहा है।
G7 सम्मेलन के दौरान दोनों नेताओं ने व्यापार के अलावा ऊर्जा सुरक्षा, वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला, समुद्री सुरक्षा और रणनीतिक साझेदारी जैसे मुद्दों पर भी चर्चा की। दोनों देशों ने द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत करने की प्रतिबद्धता दोहराई।
आर्थिक विशेषज्ञों का मानना है कि भारत-अमेरिका व्यापार समझौता केवल व्यापार तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि यह दोनों देशों के रणनीतिक संबंधों को भी मजबूत करेगा। वैश्विक आर्थिक चुनौतियों और बदलते भू-राजनीतिक माहौल के बीच यह समझौता दोनों देशों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
फिलहाल दुनिया की नजर इस बात पर है कि यह बहुप्रतीक्षित व्यापार समझौता कब अंतिम रूप लेता है। ट्रंप के बयान ने उम्मीदें बढ़ा दी हैं और आने वाले दिनों में भारत-अमेरिका आर्थिक संबंधों से जुड़ी बड़ी घोषणा देखने को मिल सकती है।