कालका एक्सप्रेस Fake Loco Pilot Arrest: इंजन से फर्जी लोको पायलट गिरफ्तार
इटावा रेलवे स्टेशन पर एक सनसनीखेज घटना सामने आई है। कालका एक्सप्रेस के इंजन से एक फर्जी लोको पायलट को गिरफ्तार किया गया। युवक के पास लोको पायलट की यूनिफॉर्म, नकली आईडी कार्ड, लाल-हरी झंडी और एक लॉगबुक बरामद हुई। इस मामले ने रेलवे सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
कैसे पकड़ा गया फर्जी लोको पायलट?
असल लोको पायलट को इंजन में बैठे युवक पर शक हुआ। युवक ने ड्राइवर जैसी यूनिफॉर्म पहन रखी थी और हाथ में झंडी थी। राजेंद्र कुमार ने उससे रेलवे से जुड़ी टेक्निकल बातें पूछीं, जिसमें वह असफल रहा। इसके बाद उसने तुरंत टूंडला हेडक्वार्टर को सूचना दी। रेलवे पुलिस ने ट्रेन को इटावा स्टेशन पर रोका और युवक को गिरफ्तार किया।
गिरफ्तार युवक का परिचय
जांच में पता चला कि और वह फिरोजाबाद जिले के कौसल्या नगर का रहने वाला है। वह केवल दसवीं तक पढ़ा है, लेकिन पिछले दो साल से खुद को लोको पायलट बताकर विभिन्न ट्रेनों में सफर कर रहा था।
उसके पास से लोको पायलट की यूनिफॉर्म, नकली आईडी कार्ड, नेमप्लेट, झंडियां और एक लॉगबुक बरामद हुई। पहली नजर में कोई भी उसे असली लोको पायलट समझ सकता था।
आरोपी का खुलासा: किराया बचाने और रौब जमाने का शौक
पुलिस पूछताछ में आरोपी ने कबूल किया कि वह अक्सर ट्रेन का किराया बचाने के लिए और दोस्तों के बीच रौब दिखाने के लिए खुद को लोको पायलट बताता था। उसने यह यूनिफॉर्म एक लोको पायलट दोस्त से बनवाई थी।
इसके अलावा, वह बेरोजगार युवाओं को रेलवे में नौकरी दिलाने का झांसा देकर उनसे पैसे ऐंठने का प्रयास भी करता था।
रेलवे सुरक्षा पर बड़ा खतरा
रेलवे सुरक्षा विशेषज्ञों ने इस घटना को गंभीर बताते हुए चेतावनी दी है कि यदि कोई बाहरी व्यक्ति इंजन में प्रवेश कर लेता है तो यह हजारों यात्रियों के लिए खतरा बन सकता है। इस घटना ने रेलवे सुरक्षा में गहरी खामियों को उजागर किया है।
जीआरपी की कार्रवाई और आगे की जांच
जीआरपी ने आरोपी को गिरफ्तार कर सभी फर्जी दस्तावेज जब्त कर लिए हैं। युवक को जेल भेज दिया गया है और यह जांच की जा रही है कि कहीं इसके पीछे कोई संगठित गिरोह तो नहीं है।








