उरई। जालौन जिले में पुलिस विभाग में तैनात एक सिपाही पर युवती ने शादी का झांसा देकर करीब दस साल तक शारीरिक शोषण करने का गंभीर आरोप लगाया है। युवती का दावा है कि वर्ष 2015 में जब वह कक्षा 11 में पढ़ती थी, तभी से सिपाही मनीष कुमार ने उसे शादी का भरोसा देकर अपने संबंध में रखा। इस दौरान कई बार गर्भवती होने पर गर्भपात कराने का भी आरोप लगाया गया है। युवती का कहना है कि सिपाही को पुलिस की नौकरी मिलने के बाद अब वह शादी करने से मुकर रहा है। आरोप है कि शादी के लिए दबाव बनाने पर उससे 20 लाख रुपये दहेज मिलने की बात कही गई और शिकायत करने पर झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी दी गई। मामले को लेकर युवती ने पुलिस अधीक्षक सुरेश चंद्र रावत को शिकायती पत्र देकर कार्रवाई की मांग की है। एसपी ने प्रकरण की जांच महिला थाने की थानाध्यक्ष को सौंपते हुए तथ्यों के आधार पर कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
2015 में मुलाकात और शादी का भरोसा देने का आरोप
युवती के शिकायती पत्र के मु, घटनाओं की परिस्थितियों और लगाए गए आरोपों की कानूनी स्थिति की पड़ताल महत्वपूर्ण होगी। इन तथ्यों की पुष्टि जांच और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ही हो सकेगी।
पुलिस भर्ती के बाद शादी का भरोसा देने का दावा
युवती के मुताबिक, पिछले तीन से चार वर्षों से मनीष पुलिस भर्ती की तैयारी कर रहा था। इस दौरान वह उसे भरोसा दिलाता रहा कि नौकरी मिलने के बाद धूमधाम से बारात लेकर आएगा और उससे शादी करेगा। युवती का कहना है कि उसने इस भरोसे पर लंबे समय तक इंतजार किया। बाद में मनीष का चयन पुलिस विभाग में हो गया और वह प्रशिक्षण के लिए सीतापुर चला गया।
शिकायत में सिपाही की वर्तमान तैनाती सीतापुर जिले के रामपुर कला थाने में बताई गई है। युवती का आरोप है कि नौकरी मिलने के बाद मनीष के व्यवहार में बदलाव आने लगा और वह शादी की बात से बचने लगा। युवती के अनुसार, पहले वह नौकरी और प्रशिक्षण पूरा होने की बात कहकर विवाह टालता रहा, लेकिन अब उसने शादी करने से ही इनकार कर दिया है।
14 मार्च 2026 की घटना का भी शिकायत में जिक्र
युवती ने अपने शिकायती पत्र में 14 मार्च 2026 की एक घटना का भी उल्लेख किया है। उसका आरोप है कि इस दिन मनीष सब-इंस्पेक्टर यानी दरोगा भर्ती परीक्षा देने के बहाने छुट्टी लेकर आया था। युवती के अनुसार, वह उसे अपने घर ले गया, जहां दोनों के बीच फिर से संबंध बने।
युवती ने इस घटना को भी अपने लंबे समय से चले आ रहे संबंधों और शादी के भरोसे से जुड़ा बताया है। उसका कहना है कि मनीष लगातार विवाह का आश्वासन देता रहा, लेकिन जब उसने परिवार के सामने शादी की बात रखने और रिश्ता तय करने का दबाव बनाया तो सिपाही और उसके परिजनों की ओर से अलग-अलग बहाने बनाए जाने लगे।
मकान बनने के बाद शादी की बात कहकर टालने का आरोप
युवती का कहना है कि सामाजिक बदनामी और भविष्य की चिंता के चलते उसने अपने परिवार के साथ सिपाही और उसके घरवालों से जल्द शादी करने की बात कही थी। इस पर कथित तौर पर कहा गया कि पहले मकान बन जाएगा, उसके बाद विवाह किया जाएगा। युवती के अनुसार, उसने इस बात पर भी भरोसा किया और इंतजार करती रही।
इसी बीच उसे जानकारी मिली कि मनीष के परिवार के लोग उसकी शादी के लिए दूसरी जगह रिश्ता तलाश रहे हैं। इस जानकारी के बाद युवती ने सिपाही से फोन पर बात कर अपनी आपत्ति जताई और उससे पहले किए गए शादी के वादे को पूरा करने की मांग की। युवती का आरोप है कि इसी बातचीत के दौरान मनीष ने उससे कहा कि उसे दूसरी शादी में 20 लाख रुपये मिल रहे हैं।
20 लाख रुपये दहेज मिलने की बात कहने का आरोप
शिकायत के मुताबिक, युवती ने सिपाही से शादी करने के लिए आर्थिक मदद देने की पेशकश भी की थी। उसका दावा है कि वह अपनी पैथोलॉजी लैब की कमाई से पहले भी मनीष की आर्थिक मदद कर चुकी है। युवती के अनुसार, उसने आगे भी 20 लाख रुपये तक देने की बात कही, लेकिन इसके बावजूद सिपाही शादी के लिए तैयार नहीं हुआ।
युवती ने आरोप लगाया है कि 20 लाख रुपये मिलने की बात कहकर मनीष ने उसके साथ विवाह करने से इनकार कर दिया। हालांकि, दहेज से जुड़ी इस कथित बातचीत और पैसों की मांग के संबंध में अभी जांच के निष्कर्ष सामने नहीं आए हैं। पुलिस को शिकायत में बताए गए घटनाक्रम, बातचीत और आर्थिक लेनदेन से जुड़े दावों की स्वतंत्र रूप से जांच करनी होगी।
धमकी और गाली-गलौज करने का भी आरोप
युवती ने सिपाही के साथ उसके परिवार के सदस्यों पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं। उसका कहना है कि जब उसने शादी की मांग की और शिकायत करने की बात कही तो उसके साथ कथित तौर पर गाली-गलौज की गई। युवती का आरोप है कि उसे झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी भी दी गई, ताकि वह अपनी शिकायत वापस ले ले और मामले को आगे न बढ़ाए।
युवती ने अपनी शिकायत में यह आशंका भी जताई है कि सिपाही और उसके परिवार की ओर से उसे परेशान किया जा सकता है। उसने पुलिस अधिकारियों से अपनी सुरक्षा और आरोपों की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। फिलहाल धमकी और गाली-गलौज से जुड़े आरोप भी शिकायत का हिस्सा हैं। इनकी पुष्टि जांच के दौरान बयान, उपलब्ध साक्ष्य और अन्य तथ्यों के आधार पर होगी।
मां का निधन, पिता मजदूरी कर चलाते हैं परिवार
युवती ने एसपी को दिए शिकायती पत्र में अपनी पारिवारिक परिस्थितियों का भी उल्लेख किया है। उसके मुताबिक, उसकी मां का निधन हो चुका है और परिवार में बुजुर्ग पिता ही मजदूरी करके घर का खर्च उठाते हैं। युवती का कहना है कि उसने अपनी पढ़ाई पूरी करने के बाद पैथोलॉजी लैब शुरू की और उससे होने वाली कमाई के जरिए परिवार की आर्थिक मदद कर रही है।
उसने आरोप लगाया है कि लंबे समय तक शादी का भरोसा मिलने के कारण वह इस संबंध को लेकर गंभीर रही, लेकिन अब सिपाही के कथित रूप से मुकरने और दूसरी जगह शादी की तैयारी की जानकारी मिलने के बाद उसे पुलिस प्रशासन का दरवाजा खटखटाना पड़ा। युवती का कहना है कि वह इस मामले में पीछे नहीं हटेगी और न्याय मिलने तक अपनी लड़ाई जारी रखेगी।
एसपी ने महिला थाना प्रभारी को सौंपी जांच
शिकायत मिलने के बाद पुलिस अधीक्षक सुरेश चंद्र रावत ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच महिला थाने की थानाध्यक्ष को सौंप दी है। एसपी ने निर्देश दिए हैं कि शिकायत में लगाए गए आरोपों की जांच कर वास्तविक स्थिति सामने लाई जाए। अब महिला थाना पुलिस युवती की शिकायत, उसके बयान और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर मामले की पड़ताल करेगी।
जांच में वर्ष 2015 में हुई कथित मुलाकात के समय युवती की उम्र, दोनों के बीच संबंधों की परिस्थितियां, शादी के आश्वासन, गर्भपात से जुड़े आरोप, 14 मार्च 2026 की बताई गई घटना और 20 लाख रुपये दहेज संबंधी कथित बातचीत जैसे बिंदु महत्वपूर्ण हो सकते हैं। इसके साथ ही सिपाही की तैनाती, संबंधित अवधि में उसकी गतिविधियों और शिकायत में नामित अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जा सकती है।
नाबालिग होने के दावे की जांच भी अहम
शिकायत के अनुसार, युवती की मुलाकात वर्ष 2015 में उस समय हुई थी, जब वह कक्षा 11 में पढ़ती थी। कुछ प्रकाशित विवरणों में उस समय उसकी उम्र 15 वर्ष बताई गई है। यदि जांच में यह तथ्य प्रमाणित होता है कि कथित घटनाओं के समय युवती नाबालिग थी, तो उस अवधि से जुड़े आरोपों का परीक्षण बाल यौन अपराध संरक्षण कानून यानी पॉक्सो सहित लागू कानूनी प्रावधानों के तहत किया जाना प्रासंगिक होगा। हालांकि, किसी कानून के तहत अपराध बनता है या नहीं, यह घटना की तारीख, उस समय लागू कानून, उम्र और अन्य परिस्थितियों की जांच के बाद ही तय होगा।
फिलहाल इस मामले में एसपी स्तर से जांच के निर्देश दिए गए हैं। अभी तक उपलब्ध जानकारी में किसी प्राथमिकी के दर्ज होने या आरोपी सिपाही के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की पुष्टि नहीं हुई है। जांच पूरी होने के बाद ही आरोपों की वास्तविक स्थिति और आगे की कानूनी कार्रवाई स्पष्ट हो सकेगी। शिकायत में लगाए गए आरोपों को अभी सिद्ध तथ्य नहीं माना जा सकता; आरोपी पक्ष का जवाब और पुलिस जांच के निष्कर्ष सामने आना बाकी है।
ताबिक, उसकी मुलाकात सिपाही मनीष कुमार से वर्ष 2015 में हुई थी। उस समय वह कक्षा 11 की छात्रा थी। युवती का आरोप है कि मनीष ने उससे परिवार को सहारा देने और भविष्य में शादी करने का भरोसा जताया था। इसी भरोसे के आधार पर दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ीं और संबंध बने। युवती का दावा है कि इसके बाद सिपाही लगातार शादी का आश्वासन देता रहा, लेकिन हर बार विवाह की बात को भविष्य के लिए टालता रहा।
