“यूपी के हरदोई के हिस्ट्रीशीटर प्रदीप शुक्ला उर्फ काली सरकार बाबा को आर्म्स एक्ट के पुराने मामले में दोबारा गिरफ्तार किया गया। झांसी में आर्मी जैसी वर्दी पहनकर लगाता था दिव्य दरबार।“
हरदोई।काली सरकार बाबा गिरफ्तार होने का मामला उत्तर प्रदेश के हरदोई और झांसी में चर्चा का विषय बना हुआ है। हरदोई का हिस्ट्रीशीटर प्रदीप शुक्ला उर्फ नटरोज झांसी में नाम और पहचान बदलकर ‘काली सरकार बाबा’ के रूप में धार्मिक दरबार लगा रहा था। पुलिस ने उसे आर्म्स एक्ट के एक पुराने मामले में जारी वारंट के आधार पर दोबारा गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
पुलिस अभिलेखों में हिस्ट्रीशीटर के रूप में दर्ज प्रदीप की गिरफ्तारी इससे पहले 10 अक्टूबर को हरदोई और झांसी पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में हुई थी। उस समय पुलिस उसे झांसी से पकड़कर हरदोई लाई थी। अदालत में पेशी के बाद उसे रिहा कर दिया गया था। हालांकि, उसके खिलाफ पुराने आपराधिक मामलों में कानूनी कार्रवाई जारी थी।
अब आर्म्स एक्ट के एक मामले में फरार होने और अदालत से वारंट जारी होने के आधार पर पुलिस ने उसे फिर गिरफ्तार किया है।
पहचान बदलकर झांसी में बना लिया था ठिकाना
प्रदीप शुक्ला उर्फ नटरोज हरदोई की कोतवाली शहर क्षेत्र के चौहान थोक का निवासी बताया गया है। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, उसके खिलाफ लूट, मारपीट और आर्म्स एक्ट समेत कई आपराधिक मामले दर्ज हैं।
बताया गया है कि वह करीब तीन साल से पुलिस के सत्यापन के दौरान उपलब्ध नहीं हो रहा था। इस दौरान उसने झांसी जिले के मऊरानीपुर क्षेत्र के कुंरैचा गांव में अपना ठिकाना बना लिया। यहां उसने सत्यानंद शुक्ला उर्फ ‘काली सरकार’ के नाम से अपनी पहचान बनाई और धार्मिक गतिविधियां शुरू कर दीं।
आर्मी जैसी वर्दी पहनकर लगाता था दिव्य दरबार
झांसी में रहने के दौरान प्रदीप शुक्ला आर्मी जैसी वर्दी पहनकर दिव्य दरबार लगाता था। दरबार में आने वाले लोगों की समस्याएं सुनने के साथ वह बीमारियां ठीक करने और परेशानियां दूर करने के दावे करता था।
उसके इस दरबार में दूर-दराज के क्षेत्रों से भी लोग पहुंचते थे। धीरे-धीरे उसने सोशल मीडिया पर भी अपनी पहचान बना ली। हालांकि, उसके द्वारा किए जाने वाले दावों की स्वतंत्र पुष्टि की जानकारी उपलब्ध नहीं है।
इंस्टाग्राम पर एक लाख से ज्यादा फॉलोअर्स
‘काली सरकार बाबा’ के नाम से उसकी सोशल मीडिया पर भी अच्छी-खासी मौजूदगी बताई गई है। रिपोर्ट के मुताबिक, इंस्टाग्राम पर उसके एक लाख से ज्यादा फॉलोअर्स थे। धार्मिक दरबार और सोशल मीडिया गतिविधियों के कारण वह झांसी के आसपास चर्चा में रहने लगा था।
10 अक्टूबर को भी हुई थी गिरफ्तारी
हिस्ट्रीशीटरों के सत्यापन अभियान के दौरान 10 अक्टूबर को हरदोई और झांसी पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए प्रदीप को पकड़ा था। उसे हरदोई लाकर अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे रिहाई मिल गई थी।
लेकिन उसके खिलाफ दर्ज पुराने मामलों की कार्रवाई समाप्त नहीं हुई थी। आर्म्स एक्ट के एक मामले में फरार होने के कारण अदालत ने उसके खिलाफ वारंट जारी किया था। इसी वारंट के आधार पर पुलिस ने अब उसे दोबारा गिरफ्तार कर न्यायिक प्रक्रिया के तहत जेल भेज दिया है।
इस तरह धार्मिक पहचान और सोशल मीडिया पर लोकप्रियता के बीच चर्चा में आए ‘काली सरकार बाबा’ की गिरफ्तारी का मामला एक बार फिर सुर्खियों में है।
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