लखनऊ। उत्तर प्रदेश की जेलों की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए योगी सरकार बड़े स्तर पर हथियारों की खरीद की तैयारी कर रही है। प्रदेश के कारागारों में तैनात जेल वार्डर, अधिकारियों और अन्य सुरक्षा कर्मियों को आधुनिक हथियारों से लैस करने के उद्देश्य से 676 इंसास राइफलें खरीदी जाएंगी। इसके साथ ही 58,795 कारतूस भी खरीदे जाएंगे। इस पूरी खरीद प्रक्रिया पर करीब 14 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। कारागार प्रशासन एवं सुधार सेवाएं विभाग ने इसके लिए शासन को प्रस्ताव भेज दिया है। प्रस्ताव को मंजूरी मिलने के बाद खरीद की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी।
इस योजना के तहत 5.56 एमएम की 676 एसएलआर इंसास राइफलें खरीदी जाएंगी। इनकी खरीद पर करीब 13.50 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। वहीं, 58,795 कारतूस की खरीद के लिए लगभग 30 लाख रुपये का बजट प्रस्तावित किया गया है। इस तरह हथियारों और कारतूसों की खरीद पर कुल करीब 13.80 करोड़ रुपये खर्च होंगे, जिसे लगभग 14 करोड़ रुपये बताया जा रहा है।
यूपी एसटीएफ के माध्यम से होगी खरीद
कारागार विभाग की ओर से प्रस्तावित हथियारों और कारतूसों की खरीद उत्तर प्रदेश स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) के माध्यम से कराई जाएगी। विभाग ने इसके लिए आवश्यक प्रस्ताव शासन को भेज दिया है। फिलहाल यह खरीद प्रस्तावित है और शासन की स्वीकृति के बाद ही आगे की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
इस खरीद योजना में केवल हथियारों की संख्या बढ़ाने पर ही ध्यान नहीं दिया गया है, बल्कि जेलों में तैनात सुरक्षा कर्मियों को उनका सुरक्षित और निर्धारित प्रक्रिया के तहत इस्तेमाल करने के लिए प्रशिक्षित करने की व्यवस्था भी शामिल है। विभाग का मानना है कि सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए हथियारों की उपलब्धता के साथ कर्मचारियों की व्यावहारिक दक्षता बढ़ाना भी जरूरी है।
जेल वार्डर और सुरक्षा कर्मियों को मिलेगा प्रशिक्षण
नई इंसास राइफलें मिलने के बाद जेल वार्डर, कारागार अधिकारियों और अन्य सुरक्षा कर्मियों को आधुनिक हथियारों के संचालन का प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रशिक्षण के दौरान हथियारों के सुरक्षित संचालन, निर्धारित सुरक्षा प्रक्रियाओं और आपात परिस्थितियों में प्रभावी प्रतिक्रिया देने का अभ्यास कराया जाएगा।
इसके लिए खरीदे जाने वाले 58,795 कारतूसों का इस्तेमाल मुख्य रूप से प्रशिक्षण और अभ्यास में किया जाएगा। विभाग की योजना है कि सुरक्षा कर्मियों को नियमित अभ्यास के माध्यम से हथियारों के इस्तेमाल की निर्धारित प्रक्रियाओं से परिचित कराया जाए। इससे कर्मचारियों को वास्तविक आपात स्थिति में अपनी जिम्मेदारियों का बेहतर ढंग से निर्वहन करने में मदद मिल सकेगी।
जेलों की सुरक्षा में तैनात कर्मचारियों की जिम्मेदारी केवल जेल परिसर की निगरानी तक सीमित नहीं होती। उन्हें परिसर की सुरक्षा, निर्धारित सुरक्षा व्यवस्था का पालन कराने और किसी अप्रत्याशित स्थिति में तत्काल प्रतिक्रिया देने जैसी जिम्मेदारियां भी निभानी पड़ती हैं। ऐसे में हथियारों के सुरक्षित संचालन और निर्धारित प्रक्रियाओं की जानकारी महत्वपूर्ण मानी जाती है।
दो साल में खरीदी जा चुकी हैं 254 इंसास राइफलें
कारागार विभाग की ओर से जेलों के सुरक्षा संसाधनों को बढ़ाने के लिए पहले भी हथियारों की खरीद की गई है। उपलब्ध विभागीय जानकारी के मुताबिक, पिछले दो वर्षों के दौरान 254 इंसास राइफलें और 44,875 कारतूस खरीदे जा चुके हैं।
अब विभाग की ओर से 676 अतिरिक्त इंसास राइफलों और 58,795 कारतूसों की खरीद का प्रस्ताव तैयार किया गया है। यदि प्रस्तावित खरीद को शासन से मंजूरी मिलती है तो प्रदेश की जेलों के लिए हथियारों की उपलब्धता में और बढ़ोतरी होगी।
पिछले दो वर्षों में हुई खरीद और अब प्रस्तावित खरीद के आंकड़े बताते हैं कि कारागार विभाग सुरक्षा संसाधनों के विस्तार के साथ कर्मचारियों के प्रशिक्षण पर भी ध्यान दे रहा है। हालांकि, नई राइफलों को किन जेलों में कितनी संख्या में उपलब्ध कराया जाएगा और उनकी तैनाती किस चरण में होगी, इसकी विस्तृत जानकारी फिलहाल सामने नहीं आई है।
डीजी कारागार पीसी मीना ने बताई योजना की वजह
डीजी कारागार प्रशासन एवं सुधार सेवाएं पीसी मीना के मुताबिक, इस पहल का उद्देश्य प्रदेश की जेलों की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के साथ वहां तैनात सुरक्षा कर्मियों की कार्यक्षमता में सुधार करना है। इसके लिए आधुनिक हथियारों की उपलब्धता बढ़ाने और कर्मचारियों को उनके संचालन का प्रशिक्षण देने पर जोर दिया जा रहा है।
विभाग की इस योजना में दो महत्वपूर्ण पहलू शामिल हैं। पहला, जेलों में तैनात सुरक्षा कर्मियों के लिए पर्याप्त आधुनिक हथियारों की उपलब्धता सुनिश्चित करना और दूसरा, उन हथियारों के सुरक्षित इस्तेमाल के लिए कर्मचारियों को प्रशिक्षित करना। केवल हथियार उपलब्ध करा देना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उनका इस्तेमाल निर्धारित नियमों और सुरक्षा प्रक्रियाओं के अनुसार हो, यह भी सुनिश्चित करना जरूरी है।
शासन की मंजूरी के बाद आगे बढ़ेगी प्रक्रिया
कारागार विभाग ने 676 इंसास राइफलों और 58,795 कारतूसों की खरीद के लिए शासन को प्रस्ताव भेजा है। ऐसे में अब इस योजना का अगला चरण शासन की स्वीकृति और उसके बाद खरीद प्रक्रिया पूरी होने से जुड़ा होगा।
स्वीकृति मिलने के बाद उत्तर प्रदेश एसटीएफ के माध्यम से हथियारों और कारतूसों की खरीद की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी। इसके बाद जरूरत के अनुसार कारागार विभाग की ओर से सुरक्षा कर्मियों को हथियारों के संचालन का प्रशिक्षण दिया जाएगा।
कुल मिलाकर, उत्तर प्रदेश सरकार की इस प्रस्तावित योजना में जेलों की सुरक्षा व्यवस्था के आधुनिकीकरण के साथ सुरक्षा कर्मियों की प्रशिक्षण क्षमता बढ़ाने पर भी जोर दिया गया है। करीब 14 करोड़ रुपये की इस योजना के तहत 676 नई इंसास राइफलें और 58,795 कारतूस उपलब्ध कराने की तैयारी है। शासन की मंजूरी और खरीद प्रक्रिया पूरी होने के बाद इन संसाधनों का इस्तेमाल प्रदेश की जेलों में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए किया जाएगा।