दिल्ली के रामलीला मैदान में आयोजित विपक्ष की महारैली के दौरान कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे का भाषण उस समय चर्चा में आ गया, जब संबोधन के बीच उनके माइक की आवाज बंद हो गई। खड़गे केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साध रहे थे। इसी दौरान तकनीकी बाधा आने से कुछ देर के लिए सभा में सन्नाटा छा गया।
महारैली में खड़गे ने लोकतंत्र और विपक्ष की एकजुटता का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि जब तक मोदी सरकार नहीं हटेगी, तब तक देश में लोकतंत्र वापस नहीं आएगा। उन्होंने कार्यकर्ताओं और समर्थकों से सरकार के खिलाफ एकजुट होकर संघर्ष करने का आह्वान किया।
अपने संबोधन में खड़गे ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री मोदी लोगों के बीच फूट डालकर उन्हें आपस में लड़ाना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि विपक्ष को आपस में नहीं लड़ना चाहिए। उनके मुताबिक, एकजुटता बनाए रखना जरूरी है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि सरकार विपक्ष को दबाने की कोशिश कर रही है। हालांकि, विपक्ष को दबाव में नहीं आना चाहिए।
खड़गे के भाषण के दौरान एक और दिलचस्प घटनाक्रम देखने को मिला। जब वे संबोधन देने के लिए खड़े हुए, तो सभा में मौजूद लोगों का शोर सुनाई देने लगा। इस पर उन्होंने नाराजगी जताते हुए समर्थकों से शांत रहने की अपील की।
उन्होंने कहा कि अगर लोग चुप हो जाएंगे, तो वे पांच मिनट में अपनी बात खत्म कर देंगे। लेकिन यदि शोर जारी रहा, तो वे एक घंटे तक बोलकर सबको परेशान करेंगे। उनकी इस टिप्पणी पर सभा का माहौल कुछ देर के लिए हल्का भी हुआ।
इसके बाद खड़गे ने अपना राजनीतिक संदेश आगे बढ़ाया। वे केंद्र सरकार पर लोकतांत्रिक संस्थाओं और विपक्ष के साथ व्यवहार को लेकर सवाल उठा रहे थे। इसी दौरान उनके माइक की आवाज अचानक बंद हो गई। आवाज बंद होने से उनका संबोधन प्रभावित हुआ और मैदान में कुछ समय के लिए सन्नाटा छा गया।
इस घटना ने रैली के राजनीतिक संदेश के साथ-साथ मंच पर हुई तकनीकी अव्यवस्था को भी चर्चा में ला दिया। हालांकि, उपलब्ध जानकारी से यह स्पष्ट नहीं है कि माइक बंद होने की वजह तकनीकी खराबी थी या कोई अन्य कारण। इसलिए इसे जानबूझकर की गई कार्रवाई कहना उचित नहीं होगा।
रामलीला मैदान की इस रैली में विपक्ष ने चुनाव प्रक्रिया और कथित वोट चोरी के मुद्दे पर केंद्र सरकार तथा निर्वाचन आयोग को घेरने की कोशिश की। वहीं, खड़गे के भाषण में लोकतंत्र की बहाली और विपक्षी एकता प्रमुख मुद्दे रहे।
राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण इस आयोजन में खड़गे का माइक बंद होना कुछ समय के लिए सुर्खियों में आ गया। उनके भाषण की शुरुआत में शोर और फिर माइक की आवाज बंद होने की घटना ने रैली के दृश्य को अलग चर्चा दे दी।
