अयोध्या धाम स्थित प्राचीन ओम शिवालय मंदिर परिसर में मां के पावन द्वितीय नवरात्र के अवसर पर आयोजित भजन संध्या के दौरान शिवालय परिवार ने महिला मंडल की नई जिम्मेदारी को लेकर महत्वपूर्ण घोषणा की। मंदिर परिसर में आयोजित धार्मिक कार्यक्रम के बीच शिवालय परिवार की सदस्य कोमल लखमानी को ओम शिवालय परिवार महिला मंडल का अध्यक्ष बनाया गया। इस घोषणा के बाद कार्यक्रम में मौजूद श्रद्धालुओं और सिंधी समाज के सदस्यों ने उन्हें शुभकामनाएं दीं।
द्वितीय नवरात्र के अवसर पर आयोजित भजन संध्या में बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिर परिसर पहुंचे। धार्मिक वातावरण के बीच मां के भजन और आराधना का आयोजन किया गया। इसी अवसर को शिवालय परिवार ने संगठन में महिला नेतृत्व को नई जिम्मेदारी देने के लिए चुना। धार्मिक कार्यक्रम के दौरान कोमल लखमानी को औपचारिक रूप से महिला मंडल का नया पदभार सौंपा गया।
शिवालय परिवार और सिंधी समाज के मुख्य महंत गणेश राय जी द्वारा कोमल लखमानी को महिला मंडल का अध्यक्ष बनाए जाने की घोषणा की गई। इसके बाद शिवालय परिवार से जुड़े पदाधिकारियों और सदस्यों की मौजूदगी में उन्हें नई जिम्मेदारी प्रदान की गई। कार्यक्रम के दौरान धार्मिक परंपरा के अनुसार मां की चुनरी पहनाकर उनका सम्मान किया गया और महिला मंडल अध्यक्ष के रूप में उनका स्वागत किया गया।
इस अवसर पर शिवालय परिवार की दृष्टि राय, तुलसीदास संगतानी, रेशमा अंदानी और प्रवक्ता ओम प्रकाश ओमी सहित समाज के कई सदस्य उपस्थित रहे। सभी ने कोमल लखमानी को नई जिम्मेदारी मिलने पर शुभकामनाएं दीं। महिला मंडल का पदभार दिए जाने के दौरान मंदिर परिसर में मौजूद श्रद्धालुओं ने भी खुशी जताई।
नवरात्र जैसे धार्मिक अवसर पर महिला मंडल के नए अध्यक्ष की नियुक्ति को शिवालय परिवार के भीतर विशेष महत्व के रूप में देखा जा रहा है। नवरात्र का पर्व स्वयं शक्ति और देवी आराधना से जुड़ा है। ऐसे अवसर पर महिला मंडल की जिम्मेदारी एक महिला सदस्य को सौंपे जाने से कार्यक्रम का महत्व और बढ़ गया।
ओम शिवालय मंदिर परिसर में आयोजित भजन संध्या में श्रद्धालुओं ने मां की आराधना की। मंदिर परिसर धार्मिक गीतों और भजनों से गूंजता रहा। श्रद्धालुओं ने नवरात्र के दूसरे दिन माता के दर्शन किए और धार्मिक आयोजन में भाग लिया। इसी माहौल में शिवालय परिवार की ओर से संगठनात्मक घोषणा की गई।
कोमल लखमानी को महिला मंडल अध्यक्ष बनाए जाने के बाद सिंधी समाज से जुड़ी विभिन्न संस्थाओं और सदस्यों की ओर से भी उन्हें शुभकामनाएं दी गईं। समाज के लोगों ने उम्मीद जताई कि महिला मंडल धार्मिक, सामाजिक और सामुदायिक गतिविधियों में अपनी सक्रिय भूमिका को आगे बढ़ाएगा।
महिला मंडल किसी भी धार्मिक और सामाजिक संस्था में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। मंदिरों और सामुदायिक संगठनों में धार्मिक कार्यक्रमों, भजन-कीर्तन, पर्व आयोजन, महिला सहभागिता और सामाजिक कार्यक्रमों को व्यवस्थित करने में महिला मंडल की भागीदारी लगातार महत्वपूर्ण रही है। ऐसे में ओम शिवालय परिवार के महिला मंडल अध्यक्ष के रूप में कोमल लखमानी को दी गई जिम्मेदारी संगठनात्मक स्तर पर भी अहम मानी जा रही है।
शिवालय परिवार के सदस्यों ने इस अवसर को उत्सव की तरह मनाया। कोमल लखमानी को चुनरी पहनाकर सम्मानित करने के साथ उन्हें नए दायित्व के लिए शुभकामनाएं दी गईं। कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने उनके नए कार्यकाल को लेकर प्रसन्नता जाहिर की।
ओम शिवालय परिवार लंबे समय से धार्मिक और सामाजिक कार्यक्रमों के माध्यम से समाज के सदस्यों को जोड़ता रहा है। नवरात्र, धार्मिक उत्सव और अन्य सामुदायिक आयोजनों में परिवार से जुड़े सदस्य सक्रिय रूप से भाग लेते हैं। महिला मंडल भी इन्हीं गतिविधियों में महिलाओं की सहभागिता को संगठित करने का महत्वपूर्ण माध्यम है।
द्वितीय नवरात्र के अवसर पर आयोजित भजन संध्या में धार्मिक कार्यक्रम के साथ संगठनात्मक जिम्मेदारी का यह परिवर्तन भी हुआ। मंदिर परिसर में मौजूद समाज के वरिष्ठ लोगों और श्रद्धालुओं की उपस्थिति में कोमल लखमानी को महिला मंडल की कमान सौंपी गई।
कार्यक्रम में मां की आराधना के साथ-साथ सामुदायिक एकजुटता का वातावरण दिखाई दिया। श्रद्धालुओं ने भजनों में भाग लिया और मंदिर परिसर में आयोजित धार्मिक कार्यक्रम का आनंद लिया। नवरात्र के अवसर पर आयोजित इस आयोजन में सिंधी समाज के कई परिवार और समाज से जुड़े लोग शामिल हुए।
नई महिला अध्यक्ष से अब महिला मंडल की धार्मिक और सामाजिक गतिविधियों को आगे बढ़ाने की अपेक्षा रहेगी। महिला मंडल मंदिर परिसर में आयोजित होने वाले धार्मिक कार्यक्रमों में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने, विभिन्न आयोजनों में सहयोग देने और समाज की महिला सदस्यों को एक साझा मंच से जोड़ने की भूमिका निभा सकता है।
शिवालय परिवार की ओर से दी गई यह जिम्मेदारी केवल एक औपचारिक पद तक सीमित नहीं मानी जा रही। मंदिर और सामाजिक संस्था से जुड़े महिला मंडल के माध्यम से धार्मिक आयोजनों के साथ-साथ समाज के भीतर संवाद, सहभागिता और सामुदायिक जुड़ाव को मजबूत किया जाता है।
सिंधी समाज में धार्मिक संस्थाओं और मंदिरों की भूमिका केवल पूजा-अर्चना तक सीमित नहीं रहती। ये स्थान समाज के लोगों को एक-दूसरे से जोड़ने, परंपराओं को आगे बढ़ाने और नई पीढ़ी तक सांस्कृतिक पहचान पहुंचाने का भी माध्यम बनते हैं। ऐसे आयोजनों में महिला मंडल की सक्रिय भागीदारी विशेष महत्व रखती है।
कोमल लखमानी को मिले नए दायित्व को लेकर समाज के लोगों में उत्साह देखने को मिला। विभिन्न संस्थाओं और समाज से जुड़े लोगों ने उन्हें बधाई देते हुए सफल कार्यकाल की कामना की। कार्यक्रम में उपस्थित पदाधिकारियों ने भी नई अध्यक्ष का स्वागत किया।
शिवालय परिवार से जुड़े सदस्यों के अनुसार महिला मंडल के माध्यम से धार्मिक कार्यक्रमों और समाज की गतिविधियों में महिलाओं को अधिक सक्रिय रूप से जोड़ा जा सकेगा। नवरात्र जैसे बड़े धार्मिक पर्व के अवसर पर की गई यह घोषणा महिलाओं की संगठनात्मक भागीदारी को भी सामने लाती है।
मां की चुनरी पहनाकर पदभार देने की प्रक्रिया कार्यक्रम का विशेष हिस्सा रही। धार्मिक परंपरा के अनुरूप किए गए इस सम्मान के बाद कोमल लखमानी ने महिला मंडल अध्यक्ष की नई जिम्मेदारी ग्रहण की। वहां मौजूद श्रद्धालुओं और समाज के सदस्यों ने तालियों और शुभकामनाओं के साथ उनका स्वागत किया।
मुख्य महंत गणेश राय जी की उपस्थिति में हुए इस कार्यक्रम में शिवालय परिवार के अन्य प्रमुख सदस्य भी मौजूद रहे। दृष्टि राय, तुलसीदास संगतानी, रेशमा अंदानी और प्रवक्ता ओम प्रकाश ओमी ने कोमल लखमानी को नई जिम्मेदारी मिलने पर बधाई दी।
भजन संध्या के दौरान धार्मिक माहौल में मां के भजनों की प्रस्तुति हुई और श्रद्धालुओं ने देवी आराधना की। नवरात्र के दूसरे दिन आयोजित कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने से मंदिर परिसर में उत्सव जैसा माहौल रहा।
नवरात्र का पर्व नौ दिनों तक देवी के विभिन्न स्वरूपों की आराधना का समय माना जाता है। इस दौरान मंदिरों में भजन, पूजा, आरती और धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। ओम शिवालय मंदिर परिसर में भी इसी परंपरा के तहत भजन संध्या का आयोजन किया गया था।
इस धार्मिक आयोजन को शिवालय परिवार ने समाज की महिला इकाई के नए नेतृत्व की घोषणा के साथ जोड़ दिया। इससे कार्यक्रम धार्मिक होने के साथ-साथ सामाजिक और संगठनात्मक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण बन गया।
समाज की कई संस्थाओं की ओर से मिली शुभकामनाओं के बाद कोमल लखमानी की नई जिम्मेदारी को लेकर सकारात्मक प्रतिक्रिया देखने को मिली। सिंधी समाज के लोगों ने महिला मंडल के आगामी कार्यक्रमों में सक्रिय भूमिका और समाज के भीतर महिलाओं की भागीदारी बढ़ने की उम्मीद जताई।
महिला मंडल के माध्यम से धार्मिक आयोजनों की तैयारी, महिलाओं के लिए कार्यक्रम, सांस्कृतिक गतिविधियां और समाज से जुड़े दूसरे आयोजनों में समन्वय किया जा सकता है। नई अध्यक्ष के रूप में कोमल लखमानी के सामने इन गतिविधियों को व्यवस्थित और सक्रिय रूप से आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी रहेगी।
ओम शिवालय परिवार की ओर से आयोजित यह कार्यक्रम नवरात्र की धार्मिक भावना और सामाजिक संगठन दोनों का संगम बना। श्रद्धालुओं ने मां की आराधना की, भजनों में भाग लिया और इसी के साथ महिला मंडल के नए नेतृत्व का स्वागत किया।
कोमल लखमानी को महिला मंडल अध्यक्ष बनाए जाने के बाद शिवालय परिवार और सिंधी समाज के सदस्यों ने उन्हें शुभकामनाएं देते हुए नई जिम्मेदारी के सफल निर्वहन की कामना की। समाज से जुड़ी विभिन्न संस्थाओं की ओर से भी उन्हें बधाई संदेश दिए गए।
अयोध्या धाम स्थित प्राचीन ओम शिवालय मंदिर में द्वितीय नवरात्र के इस आयोजन ने धार्मिक उत्सव के साथ समाज के भीतर महिला नेतृत्व को भी केंद्र में रखा। भजन संध्या में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की मौजूदगी के बीच कोमल लखमानी ने महिला मंडल अध्यक्ष का नया पदभार ग्रहण किया और शिवालय परिवार ने उनके नए कार्यकाल की शुरुआत का स्वागत किया।
