लखनऊ के गोमतीनगर में बैंक अधिकारी दिव्या मिश्रा की हत्या, इसके बाद उनकी ननद की मौत और आरोपी पति मानस वाजपेयी की आत्महत्या के मामले में पुलिस जांच लगातार आगे बढ़ रही है। अब जांच में सामने आया है कि पुलिस ने घटनास्थलों से कुल तीन पिस्टल बरामद की हैं। दो अलग-अलग जगहों पर हुई गोलीबारी और तीन हथियारों की बरामदगी ने पूरे मामले को और गंभीर बना दिया है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि तीनों हथियारों का इस्तेमाल किस क्रम में किया गया और वे आरोपी तक कैसे पहुंचे।
मामले की शुरुआत गोमतीनगर के विवेक खंड स्थित ICICI बैंक के बाहर हुई, जहां दिव्या मिश्रा को उनके पति ने कथित तौर पर गोली मार दी। इसके बाद घटनाक्रम दूसरे स्थान तक पहुंचा, जहां आरोपी की बहन भी गोली लगने से घायल हुई और बाद में उसकी मौत की जानकारी सामने आई। इसके बाद मानस वाजपेयी ने खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली। पुलिस अब दोनों घटनास्थलों से मिले साक्ष्यों को जोड़कर वारदात की पूरी कड़ी तैयार कर रही है।
तीन पिस्टल की बरामदगी से बढ़े सवाल
जांच में तीन हथियार मिलने की जानकारी सामने आने के बाद पुलिस के सामने कई नए सवाल खड़े हुए हैं। प्रारंभिक रिपोर्टों के अनुसार घटना में अलग-अलग स्थानों पर हुई गोलीबारी को देखते हुए हथियारों की भूमिका की जांच की जा रही है।
पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या तीनों पिस्टल आरोपी के पास पहले से थीं या उनमें से किसी हथियार का इस्तेमाल किसी अन्य व्यक्ति ने किया। हथियारों की फोरेंसिक जांच के जरिए यह पता लगाने की कोशिश की जाएगी कि किस पिस्टल से कौन सी गोली चली थी।
बैंक के बाहर हुई थी पहली वारदात
दिव्या मिश्रा की हत्या गोमतीनगर के विवेक खंड स्थित ICICI बैंक के बाहर हुई। वह बैंक में काम करती थीं और ड्यूटी के दौरान उन्हें गोली मारी गई। घटना के बाद पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज समेत अन्य साक्ष्य जुटाए गए।
पुलिस यह भी जांच कर रही है कि आरोपी बैंक तक किस रास्ते से पहुंचा, वारदात के बाद किस दिशा में गया और वहां से दूसरे घटनास्थल तक कैसे पहुंचा। इस पूरी गतिविधि की कड़ी सीसीटीवी फुटेज और मोबाइल डेटा के जरिए जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।
दूसरी जगह हुई बहन की मौत
पहली वारदात के बाद घटनाक्रम गोमतीनगर क्षेत्र के ही दूसरे स्थान तक पहुंचा। पुलिस के मुताबिक आरोपी की बहन को भी गोली मारी गई। इसके बाद आरोपी ने खुद को गोली मार ली।
एक ही घटनाक्रम में तीन लोगों की मौत के बाद पुलिस ने दोनों जगहों से साक्ष्य एकत्र किए। तीन पिस्टल की बरामदगी अब जांच का अहम हिस्सा बन गई है।
WhatsApp Status भी जांच के दायरे में
मामले में आरोपी के WhatsApp Status को लेकर भी जानकारी सामने आई है। पुलिस इसकी टाइमिंग और सामग्री की जांच कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि घटना से पहले आरोपी की मानसिक स्थिति और उसकी योजना के बारे में इससे कोई सुराग मिलता है या नहीं।
हालांकि सोशल मीडिया पर सामने आए किसी संदेश को अंतिम सबूत मानने से पहले उसकी डिजिटल फोरेंसिक जांच जरूरी होगी। पुलिस इसी दिशा में आगे बढ़ रही है।
पारिवारिक विवाद की भी जांच
प्रारंभिक जानकारी में पति-पत्नी के बीच लंबे समय से विवाद होने की बात सामने आई है। दोनों के अलग रहने और पारिवारिक तनाव से जुड़े पहलुओं की भी पुलिस जांच कर रही है। हालांकि पुलिस अभी इस मामले में किसी एक कारण को अंतिम वजह के तौर पर घोषित नहीं कर रही है।
जांच में परिवार के सदस्यों, परिचितों और घटना से पहले आरोपी तथा मृतकों के बीच हुई बातचीत जैसी जानकारियों को भी शामिल किया जा सकता है।
पुलिस को फोरेंसिक रिपोर्ट का इंतजार
तीनों हथियारों की फोरेंसिक और बैलिस्टिक जांच मामले में महत्वपूर्ण साबित हो सकती है। इससे यह पता चल सकेगा कि किस हथियार से कितनी गोलियां चलीं और क्या बरामद हथियार घटनास्थल से मिले कारतूस या खोखे से मेल खाते हैं।
इसके अलावा पुलिस घटनास्थलों पर मिले अन्य साक्ष्यों और सीसीटीवी फुटेज को भी जांच का हिस्सा बना रही है। अधिकारियों का प्रयास है कि घटनाक्रम की समय-रेखा पूरी तरह स्पष्ट की जा सके।
तीन मौतों ने खड़े किए कई सवाल
गोमतीनगर में हुई इस घटना ने लखनऊ में सनसनी पैदा कर दी है। एक बैंक कर्मचारी की हत्या से शुरू हुआ घटनाक्रम कुछ ही समय में परिवार के तीन लोगों की मौत तक पहुंच गया। अब तीन पिस्टल की बरामदगी ने जांच को एक नया पहलू दे दिया है।
फिलहाल पुलिस इस बात की पड़ताल कर रही है कि सभी हथियार आरोपी के कब्जे में थे या घटनाक्रम में किसी अन्य व्यक्ति की भी भूमिका रही। उपलब्ध जानकारी के आधार पर अभी किसी तीसरे व्यक्ति की संलिप्तता की पुष्टि नहीं हुई है।
आगे क्या?
पुलिस की जांच अब हथियारों की बैलिस्टिक रिपोर्ट, सीसीटीवी फुटेज, डिजिटल साक्ष्यों और घटनास्थल से मिले अन्य सबूतों पर केंद्रित है। इन जांचों के बाद ही वारदात की पूरी कड़ी और हथियारों के इस्तेमाल की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
लखनऊ के इस ट्रिपल डेथ केस में तीन पिस्टल की बरामदगी फिलहाल जांच का अहम सुराग है। पुलिस मामले की सभी परिस्थितियों की जांच कर रही है और आगे की जानकारी आधिकारिक जांच के आधार पर सामने आने की उम्मीद है।