उत्तर प्रदेश के कैबिनेट मंत्री नंद गोपाल गुप्ता ‘नंदी’ के बेटे अभिषेक गुप्ता और उनकी बहू डॉ. कृष्णिका मंगलवार शाम आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर एक भीषण सड़क हादसे में घायल हो गए। यह दुर्घटना कन्नौज जिले के तिर्वा थाना क्षेत्र के पास एक्सप्रेसवे पर हुई, जब उनकी मर्सिडीज कार अनियंत्रित होकर डिवाइडर से टकरा गई। टक्कर इतनी तेज थी कि लग्जरी कार का अगला हिस्सा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और वाहन के कई हिस्से दूर तक बिखर गए।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, अभिषेक गुप्ता स्वयं कार चला रहे थे और दोनों दिल्ली से लखनऊ लौट रहे थे। जैसे ही कार एक्सप्रेसवे के तिर्वा क्षेत्र के पास पहुंची, वह अचानक नियंत्रण से बाहर हो गई और डिवाइडर से टकराकर पलट गई। हादसे के बाद आसपास मौजूद लोगों और पुलिस ने तुरंत राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया।
दुर्घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। दोनों घायलों को पहले तिर्वा स्थित डॉ. भीमराव अंबेडकर मेडिकल कॉलेज ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए लखनऊ के मेदांता अस्पताल रेफर कर दिया गया। डॉक्टरों के अनुसार दोनों की हालत फिलहाल खतरे से बाहर बताई गई है।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक हादसा इतना भीषण था कि कार का इंजन वाहन से अलग होकर काफी दूर जा गिरा। कार के एयरबैग समय पर खुल गए, जिससे दोनों की जान बच गई। पुलिस का भी कहना है कि सुरक्षा फीचर्स और तत्काल राहत कार्य के कारण बड़ा हादसा होने के बावजूद दोनों की जान सुरक्षित रही। हादसे के कारण एक्सप्रेसवे पर कुछ समय के लिए यातायात भी प्रभावित हुआ।
हादसे की जानकारी मिलने के बाद कैबिनेट मंत्री नंद गोपाल नंदी और उनके परिवार के सदस्य तुरंत लखनऊ पहुंचे। मंत्री ने सोशल मीडिया के माध्यम से जानकारी दी कि उनके बेटे और बहू सुरक्षित हैं तथा डॉक्टरों की निगरानी में उनका उपचार चल रहा है। उन्होंने शुभचिंतकों द्वारा दी जा रही प्रार्थनाओं और समर्थन के लिए सभी का आभार भी व्यक्त किया।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सहित कई वरिष्ठ नेताओं ने भी हादसे की जानकारी मिलने के बाद नंद गोपाल नंदी से फोन पर बातचीत कर दोनों के स्वास्थ्य की जानकारी ली और उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की। परिवार की ओर से भी बताया गया कि चिकित्सकों की निगरानी में दोनों का इलाज जारी है और उनकी स्थिति स्थिर बनी हुई है।
पुलिस ने बताया कि दुर्घटना के वास्तविक कारणों की जांच की जा रही है। प्रारंभिक तौर पर वाहन के अनियंत्रित होकर डिवाइडर से टकराने की बात सामने आई है। हालांकि तकनीकी जांच और अन्य तथ्यों के आधार पर ही दुर्घटना के सटीक कारणों की पुष्टि की जाएगी।
इस घटना ने एक बार फिर एक्सप्रेसवे पर तेज रफ्तार और सड़क सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि आधुनिक सुरक्षा सुविधाओं से लैस वाहनों में भी निर्धारित गति सीमा का पालन करना और सतर्कता बरतना बेहद आवश्यक है। हालांकि इस मामले में दुर्घटना के कारणों पर अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगा।