देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET-UG 2026 की पुनर्परीक्षा रविवार को कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच सफलतापूर्वक आयोजित की गई। पेपर लीक विवाद के कारण रद्द की गई पिछली परीक्षा के बाद इस री-एग्जाम में 22 लाख से अधिक मेडिकल अभ्यर्थियों ने भाग लिया। परीक्षा का आयोजन देशभर के 5,440 केंद्रों और विदेश के 14 परीक्षा केंद्रों पर किया गया।
राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) के अनुसार परीक्षा को निष्पक्ष और पारदर्शी बनाने के लिए इस बार अभूतपूर्व सुरक्षा इंतजाम किए गए थे। परीक्षा केंद्रों पर आधार आधारित बायोमेट्रिक सत्यापन, फेस ऑथेंटिकेशन, CCTV निगरानी, AI आधारित मॉनिटरिंग, जैमर और दो-स्तरीय फ्रिस्किंग की व्यवस्था की गई थी।
परीक्षा का आयोजन भारत के 551 शहरों में किया गया। विभिन्न राज्यों में पुलिस, अर्धसैनिक बलों और स्थानीय प्रशासन को मिलाकर बड़े पैमाने पर सुरक्षा बल तैनात किए गए थे। उत्तर प्रदेश, दिल्ली, हरियाणा, गुजरात, कर्नाटक और अन्य राज्यों में परीक्षा केंद्रों के बाहर विशेष निगरानी रखी गई।
NTA ने बताया कि इस पूरी प्रक्रिया में करीब 7 लाख अधिकारियों, कर्मचारियों, सुरक्षा कर्मियों और पर्यवेक्षकों को लगाया गया। प्रश्नपत्रों की सुरक्षित ढुलाई से लेकर परीक्षा केंद्रों की निगरानी तक हर चरण पर अलग-अलग एजेंसियों ने समन्वय किया।
री-एग्जाम इसलिए आयोजित कराया गया क्योंकि 3 मई को हुई मूल परीक्षा को कथित पेपर लीक और परीक्षा की निष्पक्षता पर उठे सवालों के बाद रद्द कर दिया गया था। इसके बाद केंद्र सरकार, NTA और विभिन्न एजेंसियों ने दोबारा परीक्षा कराने का फैसला लिया।
परीक्षा के बाद छात्रों की मिश्रित प्रतिक्रियाएं सामने आईं। कई अभ्यर्थियों ने कहा कि फिजिक्स सेक्शन अपेक्षाकृत लंबा और कठिन था, जबकि बायोलॉजी और केमिस्ट्री को मध्यम स्तर का बताया गया। कुछ छात्रों ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर संतोष जताया, वहीं कुछ जगहों पर ड्रेस कोड और जांच प्रक्रिया को लेकर बहस भी देखने को मिली।
इस बार परीक्षा को लेकर सरकार ने अतिरिक्त सतर्कता बरती। सोशल मीडिया निगरानी, साइबर टीमों की सक्रियता और फर्जी पेपर लीक दावों पर नजर रखी गई। कई राज्यों में साइबर सेल और इंटेलिजेंस यूनिट्स को भी अलर्ट मोड पर रखा गया था।
दिलचस्प बात यह रही कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी छात्रों को होने वाली संभावित ट्रैफिक असुविधा से बचाने के लिए अपने दिल्ली एयरपोर्ट प्रस्थान समय में बदलाव किया। इस कदम की कई छात्रों और अभिभावकों ने सराहना की।
NTA का कहना है कि पूरे देश में परीक्षा शांतिपूर्ण और व्यवस्थित तरीके से संपन्न हुई है। अब अभ्यर्थियों की नजर उत्तर कुंजी (Answer Key), परिणाम और मेडिकल कॉलेजों में प्रवेश प्रक्रिया पर टिकी हुई है।
