केरल के मुख्यमंत्री और वित्त मंत्री वी.डी. सतीशन ने शुक्रवार को विधानसभा में वित्त वर्ष 2026-27 का संशोधित बजट पेश किया। अपने पहले बजट में सतीशन ने “न्यू केरल” का विजन सामने रखते हुए समावेशी विकास (Inclusive Growth), टिकाऊ विकास (Sustainable Development), रोजगार सृजन और बुनियादी ढांचे के विस्तार पर जोर दिया।
बजट पेश करते हुए सतीशन ने कहा कि राज्य गंभीर वित्तीय चुनौतियों का सामना कर रहा है। उन्होंने कम होती विदेशी रेमिटेंस, बढ़ती महंगाई, वित्तीय दबाव और छिपी हुई देनदारियों को राज्य की प्रमुख चुनौतियों में गिनाया। इसके बावजूद सरकार ने विकास और सामाजिक कल्याण के बीच संतुलन बनाने का प्रयास किया है।
इस बजट की सबसे बड़ी घोषणा “मिशन समुद्र” (Mission Samudra) रही। सरकार का लक्ष्य केरल को एक प्रमुख पोर्ट आधारित अर्थव्यवस्था (Port-led Economy) और वैश्विक समुद्री व्यापार केंद्र के रूप में विकसित करना है। इसके तहत बंदरगाहों, तटीय बुनियादी ढांचे, समुद्री लॉजिस्टिक्स और व्यापारिक गतिविधियों में बड़े निवेश का रोडमैप पेश किया गया।
सरकार ने रोजगार और निवेश को भी प्राथमिकता दी है। बजट में तकनीक, नवाचार, स्टार्टअप्स और औद्योगिक निवेश को बढ़ावा देने की बात कही गई है। सतीशन ने कहा कि आर्थिक विकास का लाभ समाज के हर वर्ग तक पहुंचना चाहिए और विकास केवल बड़े भवनों या परियोजनाओं तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि आम लोगों के जीवन स्तर में सुधार दिखना चाहिए।
महिलाओं, युवाओं, किसानों और वरिष्ठ नागरिकों के लिए भी कई योजनाओं पर जोर दिया गया है। सरकार पहले ही महिलाओं के लिए मुफ्त बस यात्रा और उच्च शिक्षा प्राप्त कर रही छात्राओं के लिए वित्तीय सहायता जैसी योजनाओं का संकेत दे चुकी है। बजट में इन वादों को आगे बढ़ाने की दिशा दिखाई गई है।
शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र को भी बजट में विशेष महत्व दिया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य की सामाजिक प्रगति को बनाए रखने के लिए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं और मानव संसाधन विकास में निवेश बढ़ाया जाएगा।
बजट में सामाजिक कल्याण योजनाओं को जारी रखने का भी आश्वासन दिया गया है। सरकार का दावा है कि आर्थिक चुनौतियों के बावजूद कमजोर और वंचित वर्गों के हितों से समझौता नहीं किया जाएगा। कई कल्याणकारी योजनाओं और सामाजिक सुरक्षा कार्यक्रमों के लिए धन आवंटन जारी रखा गया है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह बजट एक तरफ वित्तीय अनुशासन की बात करता है तो दूसरी ओर दीर्घकालिक विकास परियोजनाओं और सामाजिक कल्याण पर भी जोर देता है। सरकार की कोशिश है कि केरल को आने वाले वर्षों में समुद्री व्यापार, पर्यटन, निवेश और सेवा क्षेत्र का मजबूत केंद्र बनाया जाए।
फिलहाल विपक्ष और आर्थिक विशेषज्ञ बजट के विस्तृत प्रावधानों का अध्ययन कर रहे हैं। आने वाले दिनों में विधानसभा में इस पर विस्तृत चर्चा होगी। लेकिन शुरुआती संकेत बताते हैं कि वी.डी. सतीशन सरकार ने अपने पहले बजट के जरिए “न्यू केरल” की आर्थिक और सामाजिक विकास यात्रा का खाका पेश करने की कोशिश की है।