मध्य पूर्व में तनाव एक बार फिर बढ़ता नजर आ रहा है। दक्षिणी लेबनान में इज़राइल द्वारा किए गए हवाई हमलों में कम से कम 16 लोगों की मौत हो गई है, जबकि कई अन्य घायल बताए जा रहे हैं। यह हमला ऐसे समय हुआ है जब क्षेत्र में संघर्ष विराम और शांति वार्ताओं को लेकर चर्चा चल रही थी। लेबनान की सरकारी समाचार एजेंसी और स्वास्थ्य अधिकारियों के अनुसार, हमले दक्षिणी क्षेत्रों में किए गए जहां पिछले कई महीनों से इज़राइली सेना और हिज़्बुल्लाह के बीच लगातार झड़पें जारी हैं।
रिपोर्ट्स के मुताबिक इज़राइली सेना ने दावा किया है कि उसने हिज़्बुल्लाह के ठिकानों, हथियार भंडारों और सैन्य ढांचे को निशाना बनाया। इज़राइल का कहना है कि हाल के दिनों में हिज़्बुल्लाह द्वारा किए गए हमलों और सीमा पार गतिविधियों के जवाब में यह कार्रवाई की गई है।
इस बीच इज़राइली सेना ने यह भी पुष्टि की है कि दक्षिणी लेबनान में हुई झड़पों के दौरान उसके चार सैनिक मारे गए हैं। बताया जा रहा है कि हिज़्बुल्लाह के ड्रोन और मिसाइल हमलों में इज़राइली सेना को नुकसान पहुंचा, जिसके बाद जवाबी कार्रवाई और तेज कर दी गई।
लेबनान के नबातियेह और आसपास के इलाकों में हुए हमलों के बाद राहत एवं बचाव कार्य भी प्रभावित हुए हैं। स्थानीय अधिकारियों का कहना है कि कई स्थानों पर मलबे में लोगों के फंसे होने की आशंका है, जिससे मृतकों की संख्या बढ़ सकती है।
यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है जब अमेरिका और ईरान के बीच हालिया समझौते के बाद क्षेत्र में तनाव कम होने की उम्मीद जताई जा रही थी। हालांकि लेबनान मोर्चे पर जारी संघर्ष ने इन उम्मीदों को झटका दिया है। फ्रांस समेत कई देशों ने सभी पक्षों से संयम बरतने और संघर्ष विराम का सम्मान करने की अपील की है।
विशेषज्ञों का मानना है कि दक्षिणी लेबनान में बढ़ती सैन्य गतिविधियां पूरे मध्य पूर्व की स्थिरता के लिए नई चुनौती बन सकती हैं। यदि इज़राइल और हिज़्बुल्लाह के बीच संघर्ष और बढ़ता है तो इसका असर क्षेत्रीय सुरक्षा, ऊर्जा आपूर्ति और अंतरराष्ट्रीय कूटनीति पर भी पड़ सकता है।
फिलहाल दक्षिणी लेबनान में हालात तनावपूर्ण बने हुए हैं। दोनों पक्ष एक-दूसरे पर संघर्ष विराम उल्लंघन का आरोप लगा रहे हैं, जबकि अंतरराष्ट्रीय समुदाय स्थिति पर करीबी नजर बनाए हुए है।
