• Home  
  • खेती पर मौसम का असर! खरीफ सीजन की तैयारी तेज, किसानों के लिए अलर्ट जारी
- उत्तरप्रदेश

खेती पर मौसम का असर! खरीफ सीजन की तैयारी तेज, किसानों के लिए अलर्ट जारी

देश के कई हिस्सों में मौसम के बदलते मिजाज के बीच खरीफ सीजन की तैयारियां तेज हो गई हैं। जून का महीना किसानों के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है, क्योंकि इसी समय धान, मक्का, सोयाबीन, अरहर, उड़द, मूंग और अन्य खरीफ फसलों की बुवाई या नर्सरी की तैयारी शुरू होती है। मौसम विभाग के […]

मौसम अलर्ट के बीच खेत में खरीफ सीजन की तैयारी करते किसान

देश के कई हिस्सों में मौसम के बदलते मिजाज के बीच खरीफ सीजन की तैयारियां तेज हो गई हैं। जून का महीना किसानों के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है, क्योंकि इसी समय धान, मक्का, सोयाबीन, अरहर, उड़द, मूंग और अन्य खरीफ फसलों की बुवाई या नर्सरी की तैयारी शुरू होती है। मौसम विभाग के अनुसार दक्षिण-पश्चिम मॉनसून आगे बढ़ रहा है और 12 जून 2026 को यह पश्चिम बंगाल और बिहार के कुछ हिस्सों तक आगे बढ़ चुका है। वहीं, उत्तर भारत के कई इलाकों में पश्चिमी विक्षोभ के असर से बारिश, आंधी और तेज हवाओं की स्थिति बनी हुई है।

मौसम में इस बदलाव का सीधा असर खेती पर देखने को मिल सकता है। खरीफ फसलों की बुवाई के लिए खेतों में पर्याप्त नमी जरूरी होती है, लेकिन जल्दबाजी में की गई बुवाई किसानों के लिए नुकसानदायक भी साबित हो सकती है। कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि किसानों को पहली हल्की बारिश के तुरंत बाद बुवाई करने के बजाय मिट्टी में स्थायी नमी बनने का इंतजार करना चाहिए। खासतौर पर धान की नर्सरी, मक्का और दलहनी फसलों के लिए खेत की तैयारी मौसम के हिसाब से करना जरूरी है।

कई राज्यों में कृषि विभागों ने किसानों को बीज, खाद और उर्वरक की उपलब्धता को लेकर भी तैयारी तेज करने की सलाह दी है। छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में खरीफ सीजन को देखते हुए सहकारी समितियों में बीज और उर्वरक के भंडारण व वितरण की व्यवस्था की गई है, ताकि किसानों को खेती के समय जरूरी सामग्री के लिए परेशानी न हो।

किसानों के लिए सबसे बड़ा अलर्ट तेज आंधी, बारिश और तापमान में अचानक बदलाव को लेकर है। उत्तर प्रदेश के नोएडा और गाजियाबाद जैसे इलाकों में तेज हवाओं और बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। ऐसी स्थिति में खेतों में खड़ी सब्जी फसलों, पौधों की नर्सरी और खुले में रखे बीज-उर्वरक को नुकसान पहुंच सकता है। किसानों को सलाह दी जा रही है कि बीज और खाद को सुरक्षित स्थान पर रखें और बारिश से पहले खेतों की जल निकासी की व्यवस्था जरूर कर लें।

धान की खेती करने वाले किसानों को नर्सरी तैयार करते समय विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। नर्सरी ऐसे स्थान पर तैयार करें जहां पानी जमा न हो और पौधों को पर्याप्त धूप मिल सके। यदि तेज बारिश या जलभराव की संभावना हो तो नर्सरी को ऊंची क्यारियों में तैयार करना बेहतर रहेगा। मक्का, अरहर और सोयाबीन जैसी फसलों के लिए भी खेत में जल निकासी जरूरी है, क्योंकि अधिक पानी जमा होने से बीज सड़ने और पौधों की शुरुआती वृद्धि प्रभावित होने का खतरा रहता है।

मौसम विभाग और कृषि सलाहकार लगातार किसानों से अपील कर रहे हैं कि वे स्थानीय मौसम पूर्वानुमान पर नजर रखें। खरीफ सीजन में सही समय पर बुवाई, अच्छी गुणवत्ता का बीज, संतुलित खाद और खेत की उचित तैयारी उत्पादन बढ़ाने में अहम भूमिका निभाते हैं। किसान बुवाई से पहले बीज उपचार जरूर करें, ताकि शुरुआती अवस्था में फसल को रोगों से बचाया जा सके।

विशेषज्ञों के अनुसार इस समय किसानों को तीन बातों पर सबसे ज्यादा ध्यान देना चाहिए। पहली, बारिश की स्थिरता देखकर ही बुवाई करें। दूसरी, खेतों में जल निकासी की व्यवस्था पहले से बना लें। तीसरी, बीज और खाद की खरीद केवल अधिकृत केंद्रों से करें। नकली या खराब गुणवत्ता वाले बीज खरीफ सीजन में बड़े नुकसान का कारण बन सकते हैं।

कुल मिलाकर, मौसम में बदलाव खरीफ सीजन के लिए राहत भी ला सकता है और चुनौती भी। जिन इलाकों में अच्छी बारिश होगी, वहां बुवाई की रफ्तार बढ़ेगी, लेकिन तेज आंधी, ज्यादा बारिश या जलभराव किसानों की परेशानी बढ़ा सकता है। ऐसे में किसानों को जल्दबाजी से बचते हुए मौसम, मिट्टी और कृषि विभाग की सलाह के आधार पर ही खेती की तैयारी आगे बढ़ानी चाहिए।

Leave a comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

About Us

We are a trusted news portal delivering the latest updates, breaking news, and in-depth stories from around the world. Our goal is to keep you informed, every time.

 

Address : 18/587, behind : Hanuman Mandir, opposite :Lucknow, Uttar Pradesh, India , 226016

Email Us: up24networkk@gmail.com

Contact: +91 95111 50055

Quick Link

Top Categories

UP24Network. All Rights Reserved.