देश में बढ़ते साइबर खतरों और डिजिटल सुरक्षा की चुनौतियों को देखते हुए IIT कानपुर ने एक नया स्नातक कार्यक्रम शुरू करने की घोषणा की है। संस्थान ने 2026-27 शैक्षणिक सत्र से बैचलर ऑफ साइबर सिक्योरिटी (B.Cyber) नामक चार वर्षीय डिग्री कोर्स लॉन्च किया है। यह IIT सिस्टम का पहला समर्पित अंडरग्रेजुएट साइबर सिक्योरिटी प्रोग्राम माना जा रहा है। खास बात यह है कि इस कोर्स में प्रवेश के लिए पारंपरिक JEE Advanced की आवश्यकता नहीं होगी। इसके बजाय उम्मीदवारों का चयन JEE Main स्कोर, साइबर सिक्योरिटी क्षेत्र में उनके पूर्व कार्य और एक विशेष ऑन-कैंपस मूल्यांकन प्रक्रिया के आधार पर किया जाएगा।
IIT कानपुर के अनुसार यह कार्यक्रम साइबर सुरक्षा के क्षेत्र में विशेषज्ञ तैयार करने के उद्देश्य से शुरू किया गया है। डिजिटल दुनिया के तेजी से विस्तार के साथ साइबर अपराध, डेटा चोरी, ऑनलाइन धोखाधड़ी और महत्वपूर्ण डिजिटल ढांचे पर हमलों का खतरा लगातार बढ़ रहा है। ऐसे में प्रशिक्षित साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों की मांग भी तेजी से बढ़ी है। इसी जरूरत को ध्यान में रखते हुए संस्थान ने इस नए कोर्स को डिजाइन किया है।
प्रवेश प्रक्रिया अन्य IIT कोर्सों से अलग होगी। उम्मीदवारों को सबसे पहले उनके JEE Main स्कोर के आधार पर शॉर्टलिस्ट किया जाएगा। इसके बाद साइबर सिक्योरिटी से जुड़े उनके पूर्व प्रोजेक्ट्स, उपलब्धियों या कार्य अनुभव का मूल्यांकन किया जाएगा। शॉर्टलिस्ट किए गए अभ्यर्थियों को IIT कानपुर परिसर में आयोजित विशेष चयन प्रक्रिया में भाग लेना होगा, जिसमें हैकाथॉन और व्यावहारिक परीक्षण भी शामिल होंगे। संस्थान का मानना है कि केवल परीक्षा में अच्छे अंक लाने वाले छात्रों के बजाय वास्तविक तकनीकी कौशल रखने वाले युवाओं को अवसर मिलना चाहिए।
चार वर्षीय इस कार्यक्रम में छात्रों को पहले दो वर्षों तक IIT कानपुर परिसर में साइबर सिक्योरिटी के सिद्धांत, नेटवर्क सुरक्षा, एथिकल हैकिंग, डिजिटल फॉरेंसिक और अन्य तकनीकी विषयों की पढ़ाई कराई जाएगी। इसके साथ ही प्रयोगशाला आधारित प्रशिक्षण भी दिया जाएगा ताकि छात्र व्यावहारिक अनुभव प्राप्त कर सकें।
कोर्स के अंतिम दो वर्षों में छात्रों को विभिन्न सरकारी सुरक्षा संगठनों और साइबर सुरक्षा संस्थानों के साथ इंटर्नशिप करने का अवसर मिलेगा। इस दौरान वे वास्तविक साइबर सुरक्षा चुनौतियों और प्रोजेक्ट्स पर काम करेंगे। संस्थान का मानना है कि अकादमिक शिक्षा और वास्तविक अनुभव का यह संयोजन छात्रों को उद्योग और राष्ट्रीय सुरक्षा दोनों क्षेत्रों के लिए तैयार करेगा।
रिपोर्ट्स के अनुसार इस नए कार्यक्रम में शुरुआती चरण में सीमित सीटें उपलब्ध होंगी। IIT कानपुर जल्द ही इसके लिए एक समर्पित पोर्टल लॉन्च करेगा, जहां पात्रता, आवेदन प्रक्रिया, चयन मानदंड और अन्य महत्वपूर्ण जानकारी जारी की जाएगी। यह कार्यक्रम विशेष रूप से उन छात्रों के लिए बड़ा अवसर माना जा रहा है जो साइबर सिक्योरिटी, एथिकल हैकिंग और डिजिटल डिफेंस के क्षेत्र में करियर बनाना चाहते हैं।
