उत्तर प्रदेश समेत पूरे उत्तर भारत में गर्मी अब अपने सबसे खतरनाक रूप में आने वाली है। 25 मई से ‘नौतपा’ (Nautapa) शुरू हो रहा है, जो 2 जून तक चलेगा। इन 9 दिनों में सूरज सचमुच आग उगलता है और तापमान अपने चरम पर पहुंच जाता है। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि हर साल मई के अंत में ही ये 9 दिन इतने गर्म क्यों होते हैं? आइए जानते हैं नौतपा का वैज्ञानिक व ज्योतिषीय कारण, और इस दौरान आपको क्या सावधानियां बरतनी चाहिए।
क्या है नौतपा और क्यों पड़ती है इतनी भयानक गर्मी?
नौतपा का मतलब है ‘तपने वाले नौ दिन’। इसके पीछे ज्योतिष और विज्ञान, दोनों के अपने तर्क हैं:
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ज्योतिषीय कारण: हिन्दू पंचांग के अनुसार, जब सूर्य रोहिणी नक्षत्र में प्रवेश करता है, तो वह वहां 15 दिनों तक रहता है। इन 15 दिनों में से शुरुआती 9 दिन सबसे ज्यादा गर्म होते हैं। सूर्य के तेज के कारण धरती तपती है, इसी अवधि को ‘नौतपा’ कहा जाता है।
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वैज्ञानिक कारण: विज्ञान के अनुसार, मई के आखिरी हफ्ते में सूर्य की किरणें सीधे पृथ्वी (विशेषकर कर्क रेखा के आस-पास, जहां उत्तर भारत स्थित है) पर लंबवत (Direct) पड़ती हैं। इस दौरान दिन बड़े होते हैं और किरणें बिना किसी रुकावट के सीधे धरती पर आती हैं, जिससे तापमान तेजी से बढ़ता है।
खास बात: ऐसी मान्यता है कि नौतपा के 9 दिनों में जितनी ज्यादा और भयंकर गर्मी पड़ती है, आने वाले मानसून में उतनी ही अच्छी बारिश होती है। इसे प्रकृति के ‘वाटर रिचार्ज सिस्टम’ का हिस्सा माना जाता है।
नौतपा में लू (Heatwave) से बचने के लिए क्या करें? (Do’s)
इन 9 दिनों में सेहत का ध्यान रखना सबसे ज्यादा जरूरी है:
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हाइड्रेटेड रहें: दिन भर में कम से कम 3 से 4 लीटर पानी जरूर पिएं। नींबू पानी, नारियल पानी, छाछ, लस्सी, बेल का शरबत और ओआरएस (ORS) का घोल पीते रहें।
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सही कपड़े पहनें: हल्के रंग के, ढीले और सूती (Cotton) कपड़े ही पहनें ताकि पसीना सूख सके।
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सिर और आंखें ढकें: बाहर निकलते समय छाता, टोपी या गमछे से सिर को पूरी तरह कवर करें। आंखों को तेज धूप से बचाने के लिए अच्छी क्वालिटी का सनग्लास पहनें।
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डाइट में बदलाव: डाइट में तरबूज, खरबूजा, खीरा, ककड़ी और पुदीना जैसी पानी से भरपूर चीजें शामिल करें।
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छांव का सहारा लें: अगर बाहर काम कर रहे हैं, तो बीच-बीच में छांव में आराम जरूर करें।
नौतपा के दौरान भूलकर भी क्या न करें? (Don’ts)
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पीक आवर्स में बाहर न निकलें: दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे तक सूरज की किरणें सबसे तेज होती हैं। बहुत जरूरी न हो, तो इस समय घर या ऑफिस से बाहर न निकलें।
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खाली पेट बाहर न जाएं: बिना कुछ खाए-पिए घर से निकलने पर लू लगने का खतरा सबसे ज्यादा होता है।
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मसालेदार और भारी भोजन से बचें: गरिष्ठ (Heavy), बहुत ज्यादा मसालेदार, तला-भुना और बासी खाना खाने से बचें। इससे डिहाइड्रेशन और पेट खराब हो सकता है।
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AC से सीधे धूप में न जाएं: एसी (AC) या कूलर की ठंडी हवा से निकलकर तुरंत तेज धूप में बाहर न जाएं। अचानक तापमान बदलने से ‘सर्द-गर्म’ हो सकता है और तबीयत बिगड़ सकती है।
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चाय-कॉफी कम करें: बहुत ज्यादा चाय, कॉफी या कोल्ड ड्रिंक्स (Carbonted drinks) का सेवन न करें, यह शरीर को अंदर से डिहाइड्रेट करते हैं।
