कानून-व्यवस्था और पुलिस की कार्यप्रणाली पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। एक ऐसा रोंगटे खड़े कर देने वाला मामला सामने आया है, जिसने पुलिस महकमे से लेकर आम जनता तक के होश उड़ा दिए हैं। देश की सरहदों की हिफाजत करने वाला ITBP (भारत-तिब्बत सीमा पुलिस) का एक जवान अपनी ही मां का कटा हुआ हाथ लेकर सीधा पुलिस कमिश्नर के ऑफिस पहुंच गया। इस खौफनाक मंजर को जिसने भी देखा, उसकी रूह कांप गई।
क्या है पूरा मामला और क्यों उठाना पड़ा ये कदम?
जानकारी के अनुसार, जवान के परिवार का अपने ही पड़ोसियों या गांव के दबंगों के साथ किसी बात (जमीन या पुराना विवाद) को लेकर झगड़ा चल रहा था। आरोप है कि स्थानीय पुलिस से कई बार शिकायत करने के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। इसी लापरवाही का फायदा उठाकर दबंगों ने जवान के घर पर हमला कर दिया और बेरहमी से उसकी मां का हाथ काट डाला।
स्थानीय थाने से जब न्याय की कोई उम्मीद नहीं दिखी, तो छुट्टी पर घर आया यह ITBP जवान अपनी मां का कटा हुआ हाथ एक कपड़े/बैग में लपेटकर सीधा पुलिस कमिश्नर के कार्यालय पहुंच गया। जवान की आंखों में जहां अपनी मां की इस हालत को लेकर आंसू थे, वहीं पुलिस के ढुलमुल रवैये को लेकर भयंकर गुस्सा भी था।
ITBP और सेना के जवानों में भारी आक्रोश
इस दिल दहला देने वाली घटना के सामने आने के बाद फौज और अन्य सुरक्षाबलों के जवानों में भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है। जवानों का कहना है कि “जब हम सीमाओं पर देश की रक्षा के लिए अपनी जान दांव पर लगाते हैं, तो क्या हमारे पीछे हमारे परिवारों की सुरक्षा की जिम्मेदारी प्रशासन की नहीं है?” इस घटना ने ‘जय जवान’ के नारे पर एक बड़ा सवालिया निशान लगा दिया है।
कमिश्नर ने दिए सख्त कार्रवाई के निर्देश
जवान को इस हालत में कमिश्नर ऑफिस में देखकर आला अधिकारियों के पैरों तले जमीन खिसक गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस कमिश्नर ने तुरंत स्थानीय थाने के लापरवाह पुलिसकर्मियों पर एक्शन लेने और हमलावरों की तत्काल गिरफ्तारी के सख्त आदेश दिए हैं। मां को गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज जारी है। पुलिस की कई टीमें अब आरोपियों की धरपकड़ के लिए लगातार दबिश दे रही हैं।