लखनऊ जब समाजवादी छात्र सभा के कार्यकर्ताओं ने एलपीजी सिलेंडर की किल्लत को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया। यूनिवर्सिटी गेट पर पहुंचे छात्रों ने लकड़ी और उपले बांटकर केंद्र सरकार के खिलाफ विरोध दर्ज कराया।
प्रदर्शन के दौरान छात्रों और पुलिस के बीच तीखी नोकझोंक और धक्का-मुक्की भी हुई। हालात बिगड़ते देख पुलिस ने कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेकर ईको गार्डन भेज दिया। इस दौरान छात्र “उपले ले लो, उपले ले लो” के नारे लगाते नजर आए।
क्यों हुआ प्रदर्शन?
यह प्रदर्शन LPG Cylinder Shortage और बढ़ती कीमतों के विरोध में किया गया। छात्र नेताओं का कहना है कि गैस की कमी और महंगाई से आम जनता के साथ-साथ छात्रों का जीवन सबसे ज्यादा प्रभावित हो रहा है।
छात्र सभा के सदस्य प्रिंस मौर्या ने कहा कि सरकार आम जनता की समस्याओं को नजरअंदाज कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि गैस सिलेंडर की कमी के चलते लोग वैकल्पिक ईंधन की ओर मजबूर हो रहे हैं, इसलिए उन्होंने प्रतीकात्मक रूप से उपले और लकड़ी बांटकर विरोध जताया।
छात्रों का आरोप क्या है?
प्रदर्शनकारियों का कहना है:
गैस एजेंसियों पर लंबी लाइनें लग रही हैं
घरों और होटलों में सिलेंडर की किल्लत है
हॉस्टल और किराए पर रहने वाले छात्रों को सबसे ज्यादा परेशानी
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि “अच्छे दिनों” के वादे के बावजूद स्थिति और खराब हो गई है और आम लोगों को बुनियादी सुविधाओं के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है।
पुलिस की कार्रवाई
पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को रोकने की कोशिश की, जिससे झड़प की स्थिति बन गई। इसके बाद कई छात्रों को हिरासत में लिया गया और उनके पास मौजूद उपले भी जब्त कर लिए गए।
छात्रों ने पुलिस पर अभद्रता और जबरन सामान छीनने का आरोप लगाया है, जबकि पुलिस का कहना है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए यह कार्रवाई की गई।







