बांदा IT रेड: मौरंग कारोबारियों और नेता के ठिकानों पर 36 घंटे से जांच, विदेशी फंडिंग पर फोकस
उत्तर प्रदेश के बांदा में IT रेड और ED जांच दूसरे दिन भी जारी रही। मनी लॉन्ड्रिंग और टैक्स चोरी के आरोपों की जांच के तहत आयकर विभाग और प्रवर्तन निदेशालय (ED) की करीब 20 टीमें शहर के कई बड़े मौरंग कारोबारियों और एक नेता के ठिकानों पर लगातार छापेमारी कर रही हैं।
सूत्रों के मुताबिक, जांच का दायरा अब विदेशी फंडिंग और रियल एस्टेट निवेश तक पहुंच गया है। शुरुआती जांच में करीब ढाई करोड़ रुपये की नकदी और आभूषण मिलने की चर्चा है। अधिकारियों द्वारा बरामद संपत्तियों और दस्तावेजों का मिलान किया जा रहा है।
36 घंटे से जारी आयकर विभाग की कार्रवाई
बताया जा रहा है कि करीब 36 घंटे से आयकर विभाग की टीमें कारोबारियों के आवास और प्रतिष्ठानों में जांच में जुटी हुई हैं। इस दौरान सुरक्षा के लिहाज से पीएसी और पुलिस बल की कड़ी तैनाती की गई है। अधिकारियों ने पूरे परिसर को घेर लिया है, जिससे न कोई बाहर जा पा रहा है और न ही कोई अंदर प्रवेश कर पा रहा है।
आयकर विभाग के साथ फोरेंसिक टीम भी जांच में शामिल है, जो दस्तावेजों और डिजिटल रिकॉर्ड की जांच कर रही है। हालांकि, जांच कब तक चलेगी इसे लेकर अधिकारी अभी कुछ भी कहने से बच रहे हैं और मीडिया को भी जांच स्थल से दूर रखा गया है।
20 करोड़ से अधिक की टैक्स चोरी का शक
सूत्रों का दावा है कि अब तक की जांच में करीब 20 करोड़ रुपये की टैक्स चोरी के संकेत मिले हैं। बताया जा रहा है कि मौरंग खनन कारोबार से अर्जित धन को रियल एस्टेट और अन्य व्यवसायों में निवेश किया गया है।
जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने में जुटी हैं कि खनन, मेडिकल और ऑटोमोबाइल कारोबार से जुटाई गई संपत्ति का इस्तेमाल विदेशी फंडिंग में तो नहीं किया गया।
भाजपा नेता दिलीप सिंह के ठिकानों पर भी जांच
छापेमारी के दायरे में कालूकुआं निवासी भाजपा नेता दिलीप सिंह भी बताए जा रहे हैं। दिलीप सिंह लोकसभा चुनाव में बसपा प्रत्याशी भी रह चुके हैं। बताया जाता है कि हाल ही में उन्होंने राजस्थान के जैसलमेर में अपनी बेटी की भव्य शादी की थी, जिसमें करोड़ों रुपये खर्च किए गए थे। इसके बाद से ही वे आयकर विभाग की निगरानी में आ गए थे।
जब आयकर टीम उनके आवास पर पहुंची, उस समय वे बाहर थे। अधिकारियों के बुलावे पर वे गुरुवार सुबह अपने घर पहुंचे।
इन कारोबारियों के ठिकानों पर भी जांच
आयकर विभाग की टीम ने शहर के कई अन्य कारोबारियों के यहां भी जांच की है। इनमें प्रमुख रूप से:
पीलीकोठी में बिजली ठेकेदार शशांक शेखर सिंह
कैलाशपुरी में ऑटोमोबाइल और मौरंग कारोबारी सीरजध्वज सिंह
उनके मुनीम मुल्लू काका
आवास विकास में मौरंग कारोबारी शिवशरण सिंह
इन सभी ठिकानों पर गुरुवार देर रात तक आयकर अधिकारियों की टीम जांच में जुटी रही।
पूरे शहर में छापेमारी की चर्चा
बांदा में कारोबारियों के यहां हुई इस बड़ी कार्रवाई की पूरे शहर में चर्चा रही। कालूकुआं स्थित रिलायंस पेट्रोल पंप पर खड़ी अधिकारियों की गाड़ियों को देखकर लोग आपस में छापेमारी को लेकर चर्चा करते रहे।
वहीं पीलीकोठी इलाके में दुकानदारों के बीच भी इस कार्रवाई को लेकर काफी कानाफूसी होती रही। स्थानीय लोगों का कहना है कि इतनी बड़ी कार्रवाई उन्होंने पहले कभी नहीं देखी।
पूर्व विधायक के अधिवक्ता ने कार्रवाई से किया इनकार
इस मामले में भाजपा के पूर्व एमएलसी और हमीरपुर सदर से पूर्व विधायक युवराज सिंह के अधिवक्ता बीएम गुप्ता ने उनके आवास पर आयकर कार्रवाई की खबरों का खंडन किया है। उन्होंने कहा कि मीडिया में प्रकाशित खबरें भ्रामक हैं और युवराज सिंह इस समय परिवार के साथ जयपुर में एक शादी समारोह में मौजूद हैं।








