रामनगरी अयोध्या में संत समाज के भीतर वैचारिक और सियासी तनाव तेज हो गया है। तपस्वी छावनी के पीठाधीश्वर जगद्गुरु परमहंस आचार्य ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के समर्थन में शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद को अयोध्या में प्रवेश न देने की चेतावनी दी है। उन्होंने मुख्यमंत्री पर की गई टिप्पणियों को अपमानजनक बताते हुए सार्वजनिक माफी की मांग की है।
मुख्यमंत्री योगी पर टिप्पणी को बताया निंदनीय
जगद्गुरु परमहंस आचार्य ने कहा कि स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद द्वारा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर की गई अभद्र और आपत्तिजनक टिप्पणियां संत मर्यादा और सनातन परंपरा के खिलाफ हैं। मुख्यमंत्री को औरंगजेब और हुमायूं से जोड़ना न केवल अशोभनीय है, बल्कि इससे धार्मिक भावनाएं भी आहत होती हैं।
उन्होंने दो टूक कहा कि जब तक स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद अपने बयान वापस लेकर मुख्यमंत्री से सार्वजनिक रूप से क्षमा नहीं मांगते, तब तक उन्हें अयोध्या में प्रवेश नहीं करने दिया जाएगा।
Religious Controversy: गो-आंदोलन को बताया राजनीतिक
पीठाधीश्वर ने आरोप लगाया कि स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद का गो-आंदोलन राजनीति से प्रेरित है और इसका उद्देश्य विपक्ष को लाभ पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि गोमाता को राष्ट्र माता घोषित करने की मांग के साथ-साथ बछड़ा और बैल के वध पर पूर्ण प्रतिबंध की दिशा में ठोस कदम उठाने की आवश्यकता है।
उन्होंने केंद्र और राज्य सरकार से गोवंश को राष्ट्रीय धरोहर घोषित करने और गोहत्या पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने की अपील भी की।
सनातनियों से बहिष्कार की अपील
जगद्गुरु परमहंस आचार्य ने ग्राम स्तर पर गोरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की जरूरत पर जोर दिया। साथ ही उन्होंने स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद पर भगवा पहनकर संत परंपरा को नुकसान पहुंचाने का आरोप लगाते हुए सनातन समाज से उनके बहिष्कार की अपील की।








