Uttar Pradesh News: सिद्धार्थनगर जिले के शोहरतगढ़ थाने से गैंगस्टर एक्ट के दो इनामी आरोपी अतुल उर्फ इंद्र कपूर और मोहम्मद रकीब शुक्रवार सुबह पुलिस को चकमा देकर हवालात से फरार हो गए। दोनों पर 25-25 हजार रुपये का इनाम घोषित था। हालांकि पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए महज दो घंटे के भीतर दोनों आरोपियों को दोबारा गिरफ्तार कर लिया।
पेट दर्द का बहाना बनाकर खुलवाया हवालात का गेट
जानकारी के अनुसार, सुबह करीब 6 बजे हवालात में बंद आरोपी अतुल ने अचानक पेट में तेज दर्द होने का बहाना किया और जोर-जोर से कराहने लगा। ड्यूटी पर तैनात संतरी ने मानवीयता के आधार पर हवालात का दरवाजा खोल दिया।
दरवाजा खुलते ही दोनों बदमाशों ने संतरी को धक्का दे दिया और उससे भिड़कर मौके से फरार हो गए। उन्हें रोकने की कोशिश में संतरी को चोटें भी आईं और उसके कपड़े तक फट गए।
फरारी से थाने में मचा हड़कंप
हवालात से दो इनामी बदमाशों के फरार होने की खबर मिलते ही थाने में हड़कंप मच गया। तुरंत वरिष्ठ अधिकारियों को सूचना दी गई।
पुलिस अधीक्षक अभिषेक महाजन के निर्देश पर एसओजी और थाना पुलिस की संयुक्त टीम को तलाश के लिए लगाया गया और पूरे इलाके में घेराबंदी कर सर्च ऑपरेशन शुरू किया गया।
खेत में छिपे मिले दोनों आरोपी
पुलिस की सक्रियता के चलते फरार आरोपियों को ज्यादा देर तक छिपने का मौका नहीं मिला। पुलिस टीम ने करीब 120 मिनट के भीतर कस्बे के चौधरी लान के पीछे स्थित एक खेत से दोनों को पकड़ लिया।
दोनों आरोपियों पर कई आपराधिक मुकदमे
पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी अतुल उर्फ इंद्र कपूर पर चोरी, लूट समेत करीब 15 आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं, जबकि मोहम्मद रकीब पर 6 मामले दर्ज हैं।दोनों को पुलिस ने 7 मार्च की शाम को ही गिरफ्तार किया था और गैंगस्टर एक्ट के मामले में हवालात में रखा गया था।
संतरी की तहरीर पर दर्ज हुआ नया केस
एसपी अभिषेक महाजन ने बताया कि पुलिस कस्टडी से भागने और ड्यूटी पर तैनात संतरी पर हमला करने के मामले में दोनों आरोपियों के खिलाफ बीएनएस की धारा 121(2), 262 और 132 के तहत नया मुकदमा दर्ज किया गया है।उन्होंने बताया कि बदमाशों को पकड़ने वाली पुलिस टीम को घोषित इनाम की राशि दी जाएगी।
पुलिस ने कहा – सुरक्षा में सेंध लगाने वालों पर सख्त कार्रवाई
सिद्धार्थनगर पुलिस ने कहा कि पुलिस कस्टडी से भागने की कोशिश करने वाले अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है। दोनों आरोपियों को दोबारा गिरफ्तार करने के बाद कानूनी प्रक्रिया पूरी कर जेल भेज दिया गया है।








