लखनऊ नगर निगम सदन में हंगामा: पुनरीक्षित बजट, डूडा फर्जीवाड़ा और सीवर संकट पर तकरार
लखनऊ नगर निगम का सामान्य सदन बुधवार को भारी हंगामे के बीच शुरू हुआ। सदन शुरू होने से पहले ही सपा और कांग्रेस पार्षदों ने पुनरीक्षित बजट को लेकर विरोध दर्ज कराया। विपक्षी पार्षदों का आरोप था कि सामान्य सदन से पहले पुनरीक्षित बजट पर चर्चा होनी चाहिए थी। वहीं, भाजपा पार्षद मेयर के समर्थन में एकजुट नजर आए।
पुनरीक्षित बजट पर सपा-कांग्रेस का विरोध
मेयर सुषमा खर्कवाल ने कहा कि उन्होंने सामान्य सदन और पुनरीक्षित बजट—दोनों के प्रस्ताव शासन को भेजे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि पिछले चार महीनों से सामान्य सदन नहीं हुआ था, इसलिए पहले सामान्य सदन बुलाया गया।
इस पर अपर नगर आयुक्त ललित कुमार ने जवाब दिया कि पुनरीक्षित बजट के लिए पहले शासन की मंजूरी जरूरी होती है, इसलिए फिलहाल सामान्य बजट पर चर्चा की जा रही है। हालांकि, मेयर और अपर आयुक्त के जवाब से सपा-कांग्रेस पार्षद संतुष्ट नहीं हुए और हंगामा जारी रखा।
डूडा फर्जीवाड़े का मुद्दा उठा
इसके बाद सदन में डूडा से जुड़े कथित फर्जीवाड़े का मुद्दा उठा। भाजपा पार्षद अरुण राय ने आरोप लगाया कि डूडा कॉलोनी में अधिकारियों ने 1.50 लाख रुपये लेकर मनीष नामक लाभार्थी का मकान एक मुस्लिम परिवार को आवंटित कर दिया।
सीवर और पेयजल संकट पर सभी दल एकजुट
कुछ देर बाद सदन में सीवर और पेयजल समस्या का मुद्दा गूंज उठा। इस पर सपा, कांग्रेस और भाजपा—तीनों दलों के पार्षद एकजुट नजर आए। सभी ने कार्यदायी कंपनी स्वेज इंडिया को कठघरे में खड़ा करते हुए लापरवाही का आरोप लगाया। इस मुद्दे पर सदन में जोरदार हंगामा हुआ।
भाजपा पार्षद भावुक, 30 मिनट स्थगित रहा सदन
सीवर समस्या को लेकर भाजपा पार्षद अमित चौधरी की मेयर से तीखी तकरार हो गई। भावुक होकर वह रोने लगे और कहा कि “मेरा वार्ड मेयर का OSD चला रहा है।” इसके बाद सदन में भारी हंगामा हुआ और कार्यवाही करीब 30 मिनट के लिए स्थगित करनी पड़ी। अन्य पार्षदों ने उन्हें शांत कराया।








