लखनऊ के कांशीराम प्रेरणा स्थल पर आयोजित शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के गौ रक्षा अभियान में कई विपक्षी नेताओं और पूर्व प्रशासनिक अधिकारियों ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम में गौ संरक्षण को लेकर जोरदार समर्थन देखने को मिला और विभिन्न दलों के नेताओं ने इस अभियान को समर्थन देने की बात कही।
गौ रक्षा अभियान को मिला राजनीतिक समर्थन
कार्यक्रम में विपक्षी दलों के कई नेताओं ने भाग लेते हुए गौ रक्षा और गौ संरक्षण के मुद्दे को महत्वपूर्ण बताया। मंच से यह भी कहा गया कि गौ माता के सम्मान और संरक्षण के लिए समाज और राजनीति दोनों स्तर पर पहल जरूरी है।
प्रशासनिक शर्तों पर उठे सवाल
कार्यक्रम को लेकर प्रशासन की ओर से लगाई गई 26 शर्तों पर पूर्व प्रशासनिक अधिकारी ने सवाल उठाए। उनका कहना था कि बड़े सार्वजनिक आयोजनों में भीड़ की सुरक्षा सुनिश्चित करना सरकार की जिम्मेदारी होती है और इसके लिए आयोजकों से खर्च वसूलना उचित नहीं है।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि धार्मिक कार्यक्रमों पर जरूरत से ज्यादा सख्त शर्तें लागू की जा रही हैं।
2027 चुनाव को लेकर बड़ा दावा
कार्यक्रम में मौजूद एक विपक्षी विधायक ने कहा कि यदि उनकी पार्टी 2027 में सत्ता में आती है तो गौ माता को राज्य माता घोषित करने का प्रस्ताव लाया जाएगा। उन्होंने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि गौ संरक्षण के मुद्दे पर केवल बयानबाजी हो रही है, ठोस कदम कम उठाए जा रहे हैं।
आंदोलन को मिला व्यापक समर्थन
इस आयोजन में संत-धर्माचार्यों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और समर्थकों की बड़ी संख्या मौजूद रही। वक्ताओं ने कहा कि गौ, गंगा और भारतीय संस्कृति का गहरा संबंध है और गौ संरक्षण के लिए जनजागरण अभियान को आगे बढ़ाने की जरूरत है।







