Kanpur Gangrape Case: दरोगा पर नाबालिग से गैंगरेप का आरोप, पुलिस की भूमिका पर गंभीर सवाल
उत्तर प्रदेश के कानपुर से सामने आया यह मामला न सिर्फ कानून-व्यवस्था, बल्कि पुलिस सिस्टम की विश्वसनीयता पर भी गंभीर सवाल खड़े करता है। एक नाबालिग लड़की के अपहरण और सामूहिक दुष्कर्म के आरोपों ने पूरे पुलिस महकमे में हड़कंप मचा दिया है।जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ी, वैसे-वैसे सामने आए तथ्य और भी चौंकाने वाले और गंभीर होते चले गए।
सचेंडी थाना क्षेत्र की घटना
पीड़िता के मुताबिक, यह घटना सचेंडी थाना क्षेत्र की है। रविवार रात करीब 10 बजे वह घर से बाहर निकली थी, तभी एक काली स्कॉर्पियो कार उसके पास आकर रुकी।कार में सवार दो युवकों ने उसे जबरन पकड़कर गाड़ी के अंदर खींच लिया और तेज रफ्तार में सुनसान इलाके की ओर ले गए।
दो घंटे तक कार में दरिंदगी का आरोप
आरोप है कि युवकों ने पीड़िता को रेलवे ट्रैक के पास एक सुनसान जगह पर ले जाकर गाड़ी खड़ी कर दी।कार के शीशे बंद थे और आसपास सन्नाटा था। पीड़िता का आरोप है कि करीब दो घंटे तक कार के अंदर उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया गया।वह मदद के लिए चिल्लाती रही, लेकिन सुनसान इलाका और बंद शीशों के कारण उसकी आवाज़ बाहर तक नहीं पहुंच सकी।
दरोगा की कार में वारदात का आरोप
जांच में सामने आया है कि जिस स्कॉर्पियो कार में यह वारदात हुई, वह भीमसेन चौकी प्रभारी दरोगा अमित मौर्या की बताई जा रही है।पीड़िता और परिजनों का आरोप है कि इस अपराध में दरोगा अमित मौर्या की सीधी भूमिका रही और उसने कथित पत्रकार शिवबरन के साथ मिलकर वारदात को अंजाम दिया।वारदात के बाद, पीड़िता को देर रात उसके घर के पास छोड़ दिया गया, जिसके बाद वह किसी तरह घर पहुंची और परिजनों को पूरी घटना बताई।
शुरुआत में पुलिस पर टालमटोल का आरोप
पीड़िता के भाई ने तत्काल डायल-112 पर कॉल कर पुलिस को सूचना दी।आरोप है कि पुलिस पीड़िता और उसके भाई को भीमसेन चौकी ले गई, लेकिन शुरुआती स्तर पर मामले को गंभीरता से नहीं लिया गया।परिवार का कहना है कि पीड़िता नाबालिग होने के बावजूद तत्काल POCSO Act के तहत मुकदमा दर्ज नहीं किया गया।
FIR को लेकर भी सवाल
जब मामला वरिष्ठ अधिकारियों तक पहुंचा, तब जाकर सचेंडी थाने में FIR दर्ज की गई।हालांकि, पीड़िता पक्ष का आरोप है कि FIR में नामजद आरोपियों की जगह दो अज्ञात लोगों के खिलाफ अपहरण और गैंगरेप की धाराएं लगाई गईं।
वीडियो सामने आने के बाद मचा हड़कंप
इस बीच पीड़िता के भाई का एक वीडियो सामने आया, जिसमें उसने साफ कहा कि “घटना में एक पुलिसकर्मी भी शामिल था, जो वर्दी में मौजूद था।”वीडियो वायरल होते ही मामला तूल पकड़ गया और पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया।
थाना प्रभारी और दरोगा निलंबित
प्रारंभिक जांच में लापरवाही और संदिग्ध भूमिका सामने आने पर
सचेंडी थाना प्रभारी विक्रम सिंह को निलंबित कर दिया गया
आरोपी दरोगा अमित मौर्या को भी सस्पेंड किया गया
हालांकि, दरोगा घटना के बाद से फरार है।
दरोगा की गिरफ्तारी के लिए 4 टीमें गठित
पुलिस ने दरोगा की गिरफ्तारी के लिए चार विशेष टीमें बनाई हैं।
मोबाइल लोकेशन ट्रेस की जा रही है
करीबी संपर्कों पर नजर रखी जा रही है
कथित पत्रकार गिरफ्तार
इस मामले में एक अन्य आरोपी, कथित पत्रकार शिवबरन, को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।उससे पूछताछ जारी है और उसके बयान के आधार पर और खुलासों की उम्मीद जताई जा रही है।








