आगरा में गे-डेटिंग ऐप के जरिए बनी दोस्ती एक विवाद, पैसों के लेनदेन और झूठी शिकायत में बदल गई। महाराष्ट्र के 66 साल के एक कारोबारी ने समलैंगिक संबंधों की तलाश में आगरा का रुख किया था, लेकिन बाद में बदनामी के डर से उसने अपहरण और लूट की झूठी कहानी गढ़ दी।
गे डेटिंग ऐप से बढ़ी दोस्ती
पुलिस के अनुसार, 66 वर्षीय यह कारोबारी महाराष्ट्र में कपड़े का व्यापार करता है। उसने गे-डेटिंग ऐप का इस्तेमाल शुरू किया, जहां उसकी कुछ लोगों से दोस्ती हुई। बातचीत बढ़ी, भरोसा बना और फिर मुलाकात की योजना बनी। इसी सिलसिले में कारोबारी आगरा पहुंचा और दरेसी इलाके के एक होटल में ठहरा।
सीसीटीवी में सामने आई सच्चाई
आगरा पहुंचने के बाद कारोबारी स्वेच्छा से उन्हीं लोगों के साथ घूमने निकला, जिनसे उसकी ऑनलाइन दोस्ती हुई थी। सामने आए सीसीटीवी फुटेज में साफ दिखा कि वह किसी दबाव में नहीं, बल्कि खुद होटल से निकलकर कार में बैठा और हाथरस की ओर रवाना हुआ।
विवाद के बाद बदली कहानी
हाथरस पहुंचने पर किसी बात को लेकर विवाद हुआ। इसी दौरान कारोबारी से 1.20 लाख रुपये खाते से ट्रांसफर करवा लिए गए। आरोप है कि उसकी अंगूठी और मोबाइल फोन भी ले लिए गए। डर, सामाजिक बदनामी और परिवार तक बात पहुंचने की आशंका के चलते कारोबारी ने आगरा लौटकर थाना एत्माद्दौला में अपहरण की झूठी शिकायत दर्ज करा दी।
पुलिस जांच में खुला पूरा मामला
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तुरंत जांच शुरू की। सीसीटीवी फुटेज, कॉल डिटेल्स और बैंक ट्रांजेक्शन की जांच में यह साफ हो गया कि न तो कोई अपहरण हुआ और न ही जबरदस्ती। सख्ती से पूछताछ के बाद कारोबारी टूट गया और पूरी सच्चाई सामने आ गई।
पांच लोग हिरासत में, खाते फ्रीज
पुलिस ने इस केस में कारोबारी समेत कुल पांच लोगों को हिरासत में लिया है। जिस खाते में 1.20 लाख रुपये ट्रांसफर किए गए थे, उसे फ्रीज कर दिया गया है। सभी के खिलाफ आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।








